छ ग शासन के समस्त अनियमित अधिकारी व कर्मचारियों की चार सूत्रीय मांगों को लेकर अनिश्चित कालीन हडताल,विभागों में शासकीय कार्य हो रहे प्रभावित,राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन।

# 17 Jul, 2018 Views: 769



            खासखबर बिलासपुर विधानसभा चुनाव नजदीक आते ही विपक्ष नें सरकार पर हमला तेज कर दिया है ,ठीक उसी तरह शासकीय और अशासकीय कर्मचारियों का अपनी प्रमुख मांगों को लेकर आंदोलन,हडताल,प्रदर्शन,धरना छत्तीसगढ सरकार की मुश्किले बढा रहीं हैं वहीं  छग संयुक्त प्रगतिषील कर्मचारी महासंध के बैनर तले अब छग शासन के समस्त 54 विभागों में पदस्थ अनियमित अधिकारी एवं कर्मचारियों नें, पिछले दो दिनों से कोन्हेर गार्डन में मोर्चा खोल ढेरा डाल, अपनी चार सूत्रीय जायज मांगों को लेकर अनिश्चित कालीन हडताल कर दिया है। आज दुसरे दिन अपने आंदोलन को आगे बढाते हुए कर्मचारियों नें एकत्रित होकर राष्ट्रगान गाकर सरकार को जगाते हुए,अपनी जायज मांगों पर वक्तव्य दिया और साथियों को एकजूट होकर आंदोलन को समर्थन देते हुए आगे बढाने की बात कही। सभी अनियमित कर्मचारियों नें जहां आंदोलन को एक स्वर में समर्थन दिया वहीं मांगे पूरी नहीं होने तक हडताल जारी रखने की बात कह सरकार और सरकारी दफतरों की मुश्किले बढा दी है।

                                   प्रदेश भर के सरकारी दफतरों में कार्यरत अनियमित अधिकारी और कर्मचारियों की संख्या लाखों में है और इनके अनिश्चित कालीन हडताल पर चले जाने से सभी दफतरों में काम प्रभावित हो रहा है लेकिन कुछ विभाग ऐसे है जहां कार्य प्रभावित होने से आम जनता को ज्यादा परेशानियों का सामना करना पड सकता है जैसे स्वास्थ्य विभाग,मनरेगा,आवास मित्र,राजीवगांधी शिक्षा मिशन, इन दफतरों में सन्नाटा पसरा हुआ है यदि समय रहते सरकार इनकी मांगों पर गंभीरता से विचार कर कोई ठोस कदम नहीं उठाती है तो कहीं जनता ही सरकारी दफतरों का घेराव ना कर बैठे।

                                 जहां छत्तीसगढ सरकार नें अभी हाल ही में शिक्षाकर्मियों की मांगों को पूरा कर अपने वोट बैक लाखों शिक्षाकर्मियों को विपक्ष के खाते में जाने से रोका है उनकी मांगे भी  सालों से थी वैसे ही ये अनियमित अधिकारी और कर्मचारी हैं जिनकी मांगे भी जायज है शायद इसलिये विभिन्न शासकीय दफतरों में काम करने वाले कर्मचारियों नें भी मांगों को जायज बतलाते हुए शीध्र ही अपने संध के बैनी तले समर्थन देने की बात कही जिससे ना केवल सरकार की मुश्किलें बढेगी ही साथ ही साथ सरकारी दफतरों के सरकारी काम और जनहित से जुडे कार्य भी प्रभावित होगें।

                                    छग संयुक्त प्रगतिशील कर्मचारी महासंघ के जिला अध्यक्ष डाॅ शौरभ शर्मा की माने तो हजारों अनियमित कर्मचारी अधिकारी पिछले दस से पन्द्रह सालों से शासकीय दफतरों में अपनी सेवाऐं दे रहे हैं किन्तु इतने कम वेतन में परिवार को पालना मुश्किल हो रहा है अपनी मांगे अनेंकों बार सरकार को ज्ञापन के माध्यम से भेजी जाती रही है लेकिन सरकार नें लगता है अनसुना कर दिया है जहां सरकार शासकीय कर्मचारियों को वह सभी सुविधाऐ उपलब्ध कराती है वहीं हम भी सरकारी दफतरों उन्ही सरकारी नियमों के अधीन उन्ही नियमित सरकारी कर्मचारियों के साथ बैठकर शासकीय कार्य करते है लेकिन दोनो के वेतनमान में जमीन आसमान का फर्क है और इन सबकी जिम्मेदार सरकार है। उन्होने बतलाया कि आज के आंदोलन की शुरुआत समस्त विभागों एवं विकास खण्डों के प्रतिनिधि मंच में उपस्थित होकर अपने चार सूत्रीय मांगों को शासन दवारा पुर्ण नहीं किये जाने तक आंदोलन को जारी रखने का संकल्प लिया है।

                         ज्ञात हो कि आंदोलन के प्रथम दिवस जिले के समस्त विभागों के हजारों अनियमित अधिकारी एवं कर्मचारियों दवारा पोस्टकार्ड में अपनी मांगों को लिखकर राज्यपाल एवं मुख्यमंत्री के नाम महासंध दवारा अधिकारी कर्मचारियों की जायज चार सूत्रीय मांगों को कलेक्टर को ज्ञापन के रुप में सौंपा था। स्ंध के हडताल से प्रभावित होकर तृतीय वर्ग कर्मचारी संध नें भी अपना समर्थन देते हुए 26 जुलाई से अपने संध को लेकर इस आंदोलन में शामिल होकर समर्थन देने की बात कही। छत्तीसगढ लधु वेतन चतुर्थ ष्शासकीय कर्मचारी संध जिला शाखा बिलासपुर नें भी जायज मांगों को समर्थन प्रदान किया है।

                                फिलहाल छत्तीसगढ सरकार इनके अनिश्चित कालीन हडताल को रोकने क्या कोई कठोर कदम उठाती है या मिशन 65 को देखते हुए एक बार फिर आश्वासन का झुनझुना देकर हडतालियों को हडताल वापस लेने कहती है ये कहना थोडा मुश्किल लगता है।
       

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