झोला छाप डॉक्टर के ईलाज से गई दो बच्चों की जान,आरोपी झोला झाप डॉक्टर गिरफ्तार

बिलासपुर । झोलाछाप के ईलाज से गई दो बच्चों की जान चलो गई थी। घटना के बाद डॉक्टर फरार हो गया था।आरोपी डॉक्टर को नौ महीने बाद पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
बता दे बेलगहना चौकी क्षेत्र के ग्राम टेंगनमाडा में झोलाछाप के इलाज से दो मासूम बच्चों की मौत हो गई। इस मामले में पुलिस ने आरोपी झोलाछाप डाक्टर को नौ महीने बाद गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है। मामला कोटा थाना क्षेत्र का है।
कोटा एसडीओपी नुपूर उपाध्याय ने बताया कि 17 जुलाई 2024 को ग्राम करवा निवासी जब्बार अली ने बेलगहना चौकी पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि उसके दोनों पुत्र इरफान अली (13 वर्ष) व इमरान अली (14 वर्ष) की झोलाछाप चिंटू गुप्ता के गलत इलाज से मृत्यु हो गई। इस पर पुलिस ने तत्काल मामले की जांच शुरू की।
जांच के दौरान एफएसएल रिपोर्ट और हिस्टोपैथोलाजिकल रिपोर्ट में स्पष्ट हुआ कि आरोपी दीपक गुप्ता उर्फ चिंटू गुप्ता, पिता केदारनाथ गुप्ता, उम्र 37 वर्ष, निवासी टेंगनमाडा, बेलगहना ने बच्चों का गलत इलाज किया था, जिसके चलते दोनों बच्चों की मौत हो गई। इस आधार पर आरोपी के विरुद्ध धारा 105 बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध किया गया। जांच के बाद पुलिस की टीम ने आरोपी दीपक गुप्ता को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड में भेजा।
आरोपी डॉक्टर झोलाछाप है,ग्रामीण क्षेत्रो में करता है इलाज
झोलाछाप डॉक्टर ग्रामीण क्षेत्रों में ज्यादा सक्रिय है।चूंकि गांव में ग्रामीणों को कम पैसों में अच्छा इलाज मिल जाता है। और डाक्टर भी आसानी से मिल जाता है जिनसे इलाज करवाकर किश्त मे पैसा भी दिया जाता है। यही कारण है कि झोलाछाप डॉक्टर बिंदास होकर ग्रामीणों को चूना लगाते है।जिनसे ज्यादा मुनाफा भी कमा लेते है।
मस्तूरी कोटा और सीपत के अलावा बेलतरा क्षेत्र में ज्यादा है झोलाछाप डॉक्टर
सीएमएचओ डॉ प्रमोद तिवारी का कहना है कि झोलाछाप डॉक्टर बहुत है। जो ग्रामीण क्षेत्रो मे काम करते है। जो घर के अंदर घुसकर काम करते हैं।जिनकी खोजबीन की जा रही है ।
सीएमएचओ बोले, ब्लांक स्तर और जिला स्तर पर बनाई गई हैं टीम
सीएमएचओ डॉ प्रमोद तिवारी का कहना है कि झोलाछाप डॉक्टरों के लिए एसडीएम और बीएमओ के नेतृत्व में टीम बनाई गई है जो निगरानी करते है। और सूचना मिलने पर कार्रवाई करते है।इसके साथ ही जिला स्तर पर भी टीम बनाई गई है जो ब्लांक स्तर से कार्रवाई नहीं होने पर अपने स्तर से कार्रवाई करती है। उन्होंने कहा कि निश्चित ही ग्रामीण क्षेत्रो मे ज्यादा है।जिनके खिलाफ अभियान चलाया जाएगा।
स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारी नहीं करते है झोलाछाप डॉक्टरों पर कार्रवाई
सूत्र बता रहे है कि ऐसे कई झोलाछाप डॉक्टर
शहर में भी मौजूद है जिनके खिलाफ कार्रवाई नहीं होती है।
जो बिना डिग्री के लोगो की जिंदगी और मौत के साथ खिलवाड़ कर रहे है।लोग भरोसे मे इलाज करवाने आते है।और इलाज की आड़ में जिंदगी बर्बाद कर देते है।
निजी डॉक्टर बोले,होनी चाहिए कार्रवाई
नाम नहीं छापने की शर्त पर एक निजी डॉक्टर ने बताया कि ऐसे झोलाछाप डॉक्टरों पर सीएमएचओ को अभियान चलाना चाहिए।और सीधे कार्रवाई करके जेल भेजना चाहिए ताकि लोगो को जिंदगी और मौत से खिलवाड़ न हो।ऐसे लोगो के खिलाफ अभियान चलेगा तो कई लोग बेनकाब होंगे ।इससे लोगो की जिंदगी के सथ खिलवाड़ होना बन्द हो जाएगा।
अधिवक्ता बोले,बिल्कुल होनी चाहिए कार्रवाई,चलना चाहिए अभियान
वकील लक्की यादव का कहना है कि निश्चित ही ऐसे लोगो पर कार्रवाई होना चाहिए और फर्जी डिग्री के आधार पर जेल की हवा खिलानी चाहिए।
सामाजिक कार्यकर्ता बोले,कई झोलाछाप डॉक्टर ग्रामीण क्षेत्रो मे कर रहे गोरख धंधा
सामाजिक कार्यकर्ता संजय मोदी का कहना है कि ऐसे कई झोलाछाप डॉक्टर है ।जो डॉक्टरी के पेशे को बदनाम करके जिंदगी को तबाह कर रहे हैं।ऐसे लोगो पर निश्चित ही कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए और प्रशासन को सख्त कदम उठाना चाहिए।