स्कूल देर से आने, क्लास में सोने और विद्यार्थियों से मारपीट करने वाली शिक्षिका हुई निलंबित, दो वेतन वृद्धि रोकने के बाद भी नहीं आया कोई सुधार
स्कूल देर से आने,क्लास में सोने और बच्चों की पिटाई करने वाली शिक्षिका को जांच के बाद निलंबित किया गया है।
धमतरी। स्कूल में देर से आने, पदीय दायित्वों का निर्वहन नहीं करने, बच्चों के साथ मारपीट करने और स्वेच्छाचारिता करने वाली शिक्षिका को निलंबित किया गया है। शाला विकास समिति ने इसकी शिकायत कलेक्टर अबिनाश मिश्रा से की गई थी। जिसकी जांच करवाने के बाद पहले नोटिस दिया गया फिर निलंबन की कार्यवाही की गई। बता दे कि पूर्व में भी शिक्षिका को निलंबित किया गया था और दो वेतन वृद्धियां रोकने की सजा दी गई थी। फिर भी कोई सुधार शिक्षिका के आचरण में नहीं आया।
धमतरी विकासखंड के प्राथमिक शाला डोमा में पदस्थ सहायक शिक्षिका निशा खोब्रागढ़े के विरुद्ध शाला प्रबन्धन समिति और स्कूल के प्रधान पाठक ने स्कूल देर से आने विद्यार्थियों के साथ मारपीट करने क्लास में सो जाने क्लास में मोबाइल चलाने और बच्चों को पढ़ाने में लापरवाही बरतने की शिकायत की थी। विभागीय स्तर पर इसकी जांच करवाई गई तो शिकायत की पुष्टि हुई।
पूर्व में भी निशा खोब्रागढ़े को अपने पदीय दायित्वों के निर्वहन में लापरवाही बरतने, स्वेच्छाचारिता करने,बच्चों के साथ मारपीट करने, बगैर सूचना की अनुपस्थित रहने और शासकीय दस्तावेजों में अनाधिकृत तौर से कांट– छांट करने पर निलंबित किया गया था और जांच में मामला प्रमाणित पाए जाने पर दो वेतन वृद्धि असंचयी प्रभाव से रोका गया था। बहाली के बाद भी शिक्षिका का व्यवहार नहीं बदला। शासकीय कार्य में लापरवाही बरतने पर उन्हें सिविल सेवा नियमों के प्रावधानों के तहत निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय बीईओ कार्यालय नगरी नियत किया गया है।