ऑटो चालकों की मनमानी बनी हादसों की वजह,
ट्रैफिक पुलिस ने दिरा सख्त हिदायत
बिलासपुर। शहर में ट्रैफिक व्यवस्था को सुधारने के लिए प्रशासन लगातार प्रयास कर रहा है, लेकिन इसके बावजूद ऑटो चालकों की लापरवाही से राहगीरों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। शहर के मुख्य मार्गों पर ई-रिक्शा और ऑटो चालक कहीं भी अचानक सवारी के लिए गाड़ी रोक देते हैं, जिससे सड़क पर ट्रैफिक जाम और दुर्घटनाओं की स्थिति उत्पन्न हो जाती है।शहर में पहले भी कई बार ऐसे मामले सामने आ चुके हैं, जहां बीच सड़क पर ऑटो रुकने के कारण पीछे से आने वाले वाहनों का संतुलन बिगड़ा और दुर्घटनाएं हुईं, जिनमें कई लोगों को अपनी जान तक गंवानी पड़ी। इसके बावजूद ऑटो चालकों के रवैये में कोई सुधार नहीं देखा जा रहा है, जिससे आम जनता में आक्रोश है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात रामगोपाल करियारे ने बताया कि पूर्व में ऑटो चालक संगठनों के पदाधिकारियों की बैठक ली गई थी। बैठक में स्पष्ट निर्देश दिए गए थे कि ऑटो चालकों को नियमों का पालन करना होगा और राहगीरों की सुविधा का ध्यान रखना अनिवार्य है। बावजूद इसके निर्देशों का पालन नहीं हो रहा।अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक यातायात ने साफ कहा है कि अब यदि किसी ऑटो चालक द्वारा ट्रैफिक नियमों की अनदेखी की जाती है या उसकी लापरवाही से दुर्घटना होती है, तो ट्रैफिक पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी। ऐसे चालकों के विरुद्ध चालान, परमिट रद्द करने से लेकर वाहन जब्ती तक की कार्रवाई की जाएगी।प्रशासन का कहना है कि बिलासपुर की सड़कों पर सुचारु और सुरक्षित यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह जरूरी है कि सभी वाहन चालक नियमों का पालन करें। विशेष रूप से सार्वजनिक परिवहन से जुड़े चालकों को अतिरिक्त जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहिए, ताकि शहरवासियों को राहत मिल सके।