जिंदा दंपति को कागज़ों में मृत दिखाकर जमीन हड़पने वाली महिला गिरफ्तार

तोरवा पुलिस की कार्रवाई,फर्जी मृत्यु प्रमाणपत्र बनाकर जमीन बिक्री का सनसनीखेज खुलासा
बिलासपुर ।तोरवा से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है,जिसमें एक महिला ने जीवित दंपति को सरकारी रिकॉर्ड में मृत दर्शाकर उनकी जमीन पर कब्जा कर उसे बेच दिया। शिकायत के बाद कार्रवाई करते हुए तोरवा पुलिस ने आरोपी सावित्री तिवारी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।
दरअसल यह पूरा मामला तोरवा थाना अंतर्गत हेमू नगर निवासी अनुराधा सेनापति और उनके पति शशांक सेनापति की जमीन से जुड़ा है।प्रार्थिया अनुराधा सेनापति ने रिपोर्ट में बताया कि उनकी हेमू नगर स्थित जमीन पर सावित्री तिवारी ने खुद को उनकी बेटी बताकर फर्जी दस्तावेज तैयार किए। आरोप है कि दंपति को मृत दिखाते हुए जाली मृत्यु प्रमाणपत्र लगाकर जमीन अपने नाम कराई गई और बाद में उसकी बिक्री भी कर दी गई।पूरे फर्जीवाड़े में दस्तावेजों की कूटरचना और साजिश के पुख्ता संकेत मिले हैं।पीड़िता ने पहले भी शिकायत की थी, लेकिन लंबे समय तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। मामला वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह तक पहुंचा, जिन्होंने इसे गंभीर मानते हुए तत्काल जांच के आदेश दिए। निर्देश के बाद तोरवा थाना पुलिस ने धोखाधड़ी, कूटरचना और साजिश के आरोप में एफआईआर दर्ज की।सीएसपी निमितेश सिंह परिहार के निर्देशन में हुई जांच में दस्तावेजों में बड़े पैमाने पर फर्जीवाड़ा सामने आया, जिसके बाद आरोपी सावित्री तिवारी को गिरफ्तार किया गया। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस धोखाधड़ी में किन अधिकारियों या अन्य व्यक्तियों की मिलीभगत शामिल थी। मामला सिर्फ जमीन विवाद नहीं,बल्कि सरकारी रिकॉर्ड के गलत इस्तेमाल का गंभीर उदाहरण बनकर सामने आया है।
*बारीकी से जांच होगी तो कई लोग आ सकते है दायरे में*
इस मामले को लेकर
यह बात कही जा रही है कि जमीन से जुड़े हुए मामले में बारीकी से जांच की जाए तो और भी खुलासा हो सकता है।इसमें पटवारी, तहसीलदार,आरआई और अन्य लोग भी रडार में आ सकते है।
यहां तक मृत्यु प्रमाण पत्र भी फर्जी बन गया।
जो काफी गंभीर विषय है।जिसकी जांच होनी चाहिए ताकि इसमें शामिल लोग सामने आ सकें।
वर्जन
जमीन का फर्जीवाड़ा करने के मामले की जांच की गई।जिसमें दोषी पाए जाने पर महिला के खिलाफ कार्रवाई की गई है।
अभय सिंह बैस
थाना प्रभारी तोरवा