चुनाव में बंटवाने के लिए गोवा से भूटान जा रही शराब को कांग्रेस नेता ने बिलासपुर में उतरवाया….फिर हुआ फरार….रायपुर में छिपा था आरोपी…पुलिस ने गिरफ्तार कर भेजा जेल

फरार शराब तस्कर कांग्रेस नेता राजधानी से गिरफ्तार
बिलासपुर । गोवा से भुटान जा रही शराब को बिलासपुर में आरोपी ने उतरवा लिया। 10 पेटी शराब को बिलासपुर में उतरवाकर नगरीय निकाय चुनाव में बांटने की तैयारी थी इस गड़बड़ी में उसके साथ अन्य प्रदेशों के लोग शामिल थे। पुलिस ने मामले में फरार मुख्य आरोपी को राजधानी के वीआईपी कॉलोनी से गिरफ्तार किया है।
दरअसल गोवा से भुटान जा रही कंटेनर से कांग्रेस नेता ने 10 पेटी शराब उतरवा लिया। इसके बाद कुछ और लोगों को भी शराब की सप्लाई की जानी थी। इससे पहले ही पुलिस और आबकारी विभाग की टीम ने कंटेनर जब्त कर लिया। मामले में पुलिस कंटेनर के ड्राइवर और एक युवक को गिरफ्तार किया था। शराब को नगरीय निकाय चुनाव में खपाया जाना था। इधर मामले में शामिल एक आरोपी कांग्रेस नेता फरार हो गया था। पुलिस ने जांच के बाद आरोपी कांग्रेस नेता को रायपुर के वीआइपी कालोनी से गिरफ्तार किया है। आरोपी को न्यायालय के आदेश पर जेल भेजा गया है। मामला सिविल लाईन थाना क्षेत्र का है।
सिविल लाईन सीएसपी निमितेष सिंह ने बताया कि आबकारी विभाग की टीम ने 10 फरवरी को पेंड्रीडीह बाइपास में कार से 10 पेटी अंग्रेजी शराब जब्त की। पूछताछ में कार चालक रवि शर्मा ने बताया कि छतौना के पास कंटेनर में भारी मात्रा में शराब है। इसे ड्राइवर कुछ और लोगों को देने वाला है। इस पर आबकारी विभाग की टीम ने छतौना के पास घेराबंदी कर कंटेनर के ड्राइवर शिवकुमार सैनी को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में वह गोलमोल जवाब दे रहा था। दस्तावेज की जांच में पता चला कि वह गोवा से शराब लेकर भूटान जा रहा था। कंटेनर में एक हजार पेटी शराब लेकर जाने का परमिट था। जांच में पता चला कि कंटेनर में केवल 990 पेटी शराब मिली। आबकारी विभाग की टीम ने शराब जब्त कर दोनों आरोपी को जेल भेज दिया। इस मामले में बड़े गिरोह के शामिल होने की आशंका पर आबकारी विभाग ने सिविल लाइन पुलिस को मामले की जांच करने आवेदन दिया।जिसकी जांच बारीकी से की गई तब पता चला कि इस शराब की तस्करी में कोई और नहीं बल्कि खुद कांग्रेस नेता और निर्दलीय पार्षद का चुनाव लड़ने वाले पंकज सिंह शामिल है।जो अवैध शराब बेचने का कारोबार भी करता है।
50 हजार देकर ड्राइवर से उतरवाई थी शराब
आबकारी विभाग के आवेदन पर सिविल लाइन थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच में पता चला कि ड्राइवर को 50 हजार रुपये देने का आश्वासन देकर सूर्या विहार सरकंडा में रहने वाले पंकज सिंह ने 10 पेटी शराब उतरवा ली थी। इस गड़बड़ी में उसके साथी चंडीगढ़, अंबाला, मोहाली, कुरुक्षेत्र, दिल्ली और उत्तर प्रदेश के लाेग भी शामिल हैं। इस बीच आरोपित पंकज सिंह फरार हो गया। जांच के दौरान पता चला कि आरोपी पंकज सिंह रायपुर के वीआइपी कालोनी में छिपा हुआ है। घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया है।
बैंक एकाउंट से खुला राज
आबकारी विभाग की ओर से मामले की जांच के लिए सिविल लाइन थाने में आवेदन किया गया। इस पर पुलिस की टीम ने आबकारी विभाग से मिले दस्तावेज की जांच की। साथ ही आरोपित पंकज और जयप्रकाश बघेल के बैंक डिटेल की जांच की गई। इसमें पता चला कि आरोपित ने गोवा और दूसरे राज्यों के लोगों के साथ लेनदेन किया है। इसके आधार पर पुलिस ने पंकज की तलाश तेज की।
गोवा और दुबई स्थित कंपनी से मांगे दस्तावेज
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि दुबई स्थित कंपनी ने गोवा में आर्डर कर भुटान में शराब मंगाई थी। इसमें से करीब 10 पेटी शराब को अवैध रूप से बिलासपुर में उतारा गया। इसके अलावा करीब 40 पेटी और उतारने थे। इसके लिए ड्राइवर को 50 हजार देने की बात कही गई थी। इस पूरे लेनदेन की जानकारी और बैंक डिटेल मिलने के बाद पुलिस ने गोवा और दुबई स्थित कंपनी के लिए पत्र लिखा है। साथ ही भुटान से भी जानकारी मंगाई गई है।
फरार आरोपी कांग्रेस नेता और निर्दलीय चुनाव लड़ने वाला प्रत्याशी भी था
पकड़ा गया शराब तस्कर कांग्रेस नेता है जो इसके पहले पार्षद था जिसे टिकिट नहीं मिलने के कारण निर्दलीय चुनाव लड़ा और इसी बीच वह शराब की तस्करी का भी काम किया जिसमें चुनाव के समय महंगी शराब बंटवाने के लिए गोवा से शराब मंगवाया था ।और इसी बीच वह पकड़ा गया।लेकिन मौका पाकर फरार हो गया था।
थाना और आबकारी विभाग की सेटिंग से करता था बड़ा खेल
बता दे कि कांग्रेस नेता पंकज सिंह पूर्व कार्यकाल में पार्षद रहकर शराब की तस्करी करता था और आबकारी विभाग़ के अलावा पुलिस से भी तगड़ा सेटिंग करके अवैध कारोबार करता था। यही कारण था कि वह पकड़ाता नहीं था।चूंकि इस बार नगरीय निकाय चुनाव था और चप्पे चप्पे पर जांच जारी थी।जिसके लिए कलेक्टर ने सख्त निर्देश दिए थे और यही वजह रही कि वह पकड़ा गया।