अंतरराज्यीय शैक्षणिक भ्रमण : कृषि छात्रों ने किया क्षेत्रीय केंद्रीय समुद्री मत्स्य अनुसंधान संस्थान, विशाखापट्टनम क्षेत्रीय केंद्र का अवलोकन

बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल कृषि महाविद्यालय, बिलासपुर की अभिनव पहल
बिलासपुर, । कृषि शिक्षा को व्यवहारिक, व्यावसायिक एवं अनुभवात्मक स्वरूप प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल करते हुए बैरिस्टर ठाकुर छेदीलाल कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, बिलासपुर तथा कृषि महाविद्यालय एवं अनुसंधान केंद्र, लोरमी-मुंगेली के बी.एससी. (कृषि) तृतीय वर्ष के 47 छात्र-छात्राओं का एक संयुक्त शैक्षणिक दल अंतरराज्यीय शैक्षणिक भ्रमण के लिए प्रस्थान कर चुका है। यह भ्रमण विद्यार्थियों के पाठ्यक्रम AHPD-5321 (Educational Tour / Study Visit) के अंतर्गत आयोजित किया गया है, जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों को देश के अग्रणी कृषि एवं संबद्ध संस्थानों से प्रत्यक्ष परिचय कराना है।

भ्रमण का चौथा पड़ाव: विशाखापट्टनम
भ्रमण के चौथे चरण में दिनांक 26 जून 2025 को विद्यार्थियों ने आईसीएआर – केंद्रीय समुद्री मत्स्य अनुसंधान संस्थान (ICAR-CMFRI), विशाखापट्टनम क्षेत्रीय केंद्र का शैक्षणिक अवलोकन किया। यह केंद्र समुद्री मत्स्य पालन, समुद्री जैव विविधता, समुद्री प्रजनन तकनीक, और मत्स्य प्रबंधन के क्षेत्र में देश का अग्रणी अनुसंधान संस्थान है।

विद्यार्थियों का स्वागत डॉ. जो के. किझाकुदन, एम.एससी., पीएच.डी., ए.आर.एस., प्रमुख वैज्ञानिक एवं क्षेत्रीय केंद्र प्रमुख द्वारा किया गया। उन्होंने अपने प्रेरणादायक संबोधन में संस्थान की कार्यप्रणाली, अनुसंधान परियोजनाओं, समुद्री मत्स्य संसाधनों के सतत उपयोग, और भविष्य की संभावनाओं पर विस्तारपूर्वक जानकारी प्रदान की। विद्यार्थियों को प्रयोगशालाओं, समुद्री नमूनों के संग्रह, अनुसंधान उपकरणों तथा फील्ड रिसर्च पद्धतियों का प्रत्यक्ष अवलोकन करने का अवसर प्राप्त हुआ।
इस शैक्षणिक अनुभव से छात्र-छात्राओं ने मत्स्य विज्ञान, समुद्री पारिस्थितिकी, और तटीय कृषि के तकनीकी पक्षों की गहराई से जानकारी प्राप्त की। विशेष रूप से, समुद्री जलवायु परिवर्तन और उसके प्रभावों पर संस्थान द्वारा किए जा रहे अनुसंधान ने विद्यार्थियों में गहरी वैज्ञानिक जिज्ञासा उत्पन्न की।
महाविद्यालय के प्राध्यापकों एवं भ्रमण प्रभारी शिक्षकों ने बताया कि इस प्रकार के भ्रमण छात्रों में अनुसंधान के प्रति रुचि उत्पन्न करने के साथ-साथ उन्हें राष्ट्रीय स्तर की संस्थाओं से जुड़ने की प्रेरणा भी देते हैं।
इस भ्रमण को सफल बनाने में कृषि महाविद्यालय, बिलासपुर के अधिष्ठाता डॉ. एन.के. चौरे, अनुसंधान संस्थान के वैज्ञानिकगण एवं समस्त सहयोगी स्टाफ का सराहनीय योगदान रहा। इस अवसर पर छात्र-छात्राओं ने संस्थान के प्रति आभार व्यक्त करते हुए बताया कि यह भ्रमण उनके शैक्षणिक जीवन का एक प्रेरणादायक अनुभव रहेगा।