मनरेगा बचाओ संग्रामऔर धान खरीदी को लेकर किया एनएचमें चक्काजाम,कांग्रेसियों ने जमकर किया हल्ला बोल प्रदर्शन

भारी वाहनों की लगी लंबी लाइन,नेशनल हाइवे रहा जाम
बिलासपुर।बेलतरा के पूर्व प्रत्याशी, और मनरेगा बचाओ संग्राम के जिला प्रभारी विजय केशरवानी के नेतृत्व में सेंदरी में दो बड़ा आंदोलन किया गया ,
सबसे पहले सेंदरी में मनरेगा बचाओ संग्राम कार्यक्रम हुआ ,पश्चात धान खरीदी को लेकर नेशनल हाई वे एनएच में चक्काजाम किया गया । महात्मा गांधी की शहादत दिवस के अवसर पर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर ग्राम सेंदरी में मनरेगा बचाओ संग्राम के तहत बड़ा धरना दिया गया , जिसमे प्रदेश प्रभारी के रूप में विजय केशरवानी, और कार्यक्रम प्रभारी पूर्व महापौर राजेश पांडेय, नीलेश यादव शामिल हुए , सबसे पहले महात्मा गांधी और छत्तीसगढ़ महतारी की छयायचित्र पर माल्यार्पण किया गया, और अंत मे महात्मा गांधी की श्रद्धांजलि दी गई ,।कार्यक्रम में बेलतरा, कोनी, बिलासपुर, सहित आसपास से बड़ी संख्या में कांग्रेसजन शामिल हुए, ब्लॉक कांग्रेस, युवा कांग्रेस,महिला कांग्रेस,मण्डल के पदाधिकारी ,किसान, शामिल हुए ,
प्रभारी विजय केशरवानी ने सम्बोधित करते हुए कहा कि ” मनरेगा” कांग्रेस की महत्वाकांक्षी अधिनियमित योजना थी ,जिसमे 100 दिन की ग्रामीण क्षेत्रो में रोजगार की गारंटी थी ,जिसके लिए मनमोहन सरकार ने विधिवत कानून बनाया और मजदूर ,महिला, गरीब जनता को रोजगार देना सुनिश्चित किया ,और रोजगार उन्हें उनके गांव में ही उपलब्ध कराया जाता था, जिसका सुखद परिणाम आने लगा ,लोग जो अन्य प्रदेशों में कमाने जाते थे ,लगभग बन्द हो गया ,गरीबो को आर्थिक शक्ति मिलने लगी,जिसका सबसे बड़ा रिजल्ट कोरोना काल मे दिखा ,छत्तीसगढ़ में एक भी गरीब भूख से नही मरा ,क्योकि उनके पास पर्याप्त संसाधन उपलब्ध था ,परन्तु प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पहले से ही इस योजना पर बुरी नजर थी ,नरेंद्र मोदी ने कहा था , ” मनरेगा कांग्रेस की असफलता का आखिरी ताबूत है ” इसके बाद भी नरेंद्र मोदी इस योजना को बंद नही कर पा रहे थे ,किन्तु गत दिनों महात्मा गांधीजी से परहेज करने वाले प्रधानमंत्री और भाजपा ने मनरेगा के नाम बदल कर “व्ही बी जी राम जी ” रखा , योजना में ऐसी तब्दीली की गई ताकि कुछ समय पश्चात स्वमेव बन्द हो जाये , भाजपा 125 दिन काम देने की बात कर रही है पर ये नही बता पा रही है कि 40 प्रतिशत राज्य सरकार की हिस्सा कहाँ से आएगा ? , राज्य सरकारें पहले कर्ज़ में डूबे हुए है तो इस योजना के लिए कहाँ राशि देंगे , इस तरह भाजपा मनरेगा को खत्म कर रही है जबकि कांग्रेस सरकार 100 दिन रोजगार की गारंटी देती थी ,
आभार राजेन्द्र साहू ने और संचालन शीतलदास मानिकपुरी ने किया ,
धरना की समाप्ति के पश्चात कांग्रेसजन विजय केशरवानी के नेतृत्व में नेशनल हाई वे एनएच में एक घण्टे तक चक्का जाम किए ।धरना स्थल हजारो की संख्या में कांग्रेसजन हाथो में झंडा लिए,पैदल नेशनल हाई वे के लिए नारे लगाते हुए प्रस्थान किया, नरेंद्र मोदी मुर्दाबाद, विष्णुदेव मुर्दाबाद ,किसानों का धान खरीदना होगा ,किसानों की मेहनत का सम्मान करना होगा ,जैसे गगनचुम्बी नारे लगाते रहे, पुलिस प्रशासन पहले से बड़ी संख्या में तैनात थी , जब कांग्रेसजन मुख्य मार्ग पर पहुंचे तो अफरातफरी की स्थिति निर्मित हो गई , कांग्रेसजन नेशनल हाई वे पर धरने में बैठ गए ,नारे लगाते रहे , इसी बीच एक एम्बुलेंस आया जिसे बिना रुकावट के निकलने दिए , दोनो ओर गाड़ियों की लंबी लाइन लगती रही ,पुलिस प्रशासन जाम को खत्म करने के लिए प्रयास रत था किंतु कांग्रेसजन सड़क पर बैठे रहे ,जब उनका निर्धारित समय हुआ तब चक्काजाम समाप्त किया ।
विजय केशरवानी ने कहा किसानों के धान की खरीदी के लिए समय सीमा बढ़ाया जाए ,लिमिट बढ़ाई जाए,किसान मेहनत कर के फसल उगाता है और भाजपा सरकार अपने ही वादे से मुकर रही है ,जो बर्दाश्त नही किया जाएगा ,विष्णुदेव साय सरकार मेहनतकश किसानों के अपमानजनक व्यवहार कर रही है उनके घरों की तलाशी अधिकारी कर रहे है ,विष्णुदेव सरकार ने 2025-2026 के लिए पहले 160 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी का लक्ष्य रखा किन्तु उसमे भी कई कंडीशन लगाकर अंतिम दिवस तक मुश्किल से 120 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी की गई ,जबकि लगभग 40 लाख मीट्रिक टन धान खरीदी करना शेष है ,विजय केशरवानी ने मांग की कि अधिक मात्रा में धान किसानों के पास जमा है और सरकार अपने निर्धारित लक्ष्य से बहुत पीछे है तब खरीदी की तारीख बढ़ाया जाए, किसानों से जो लिमिट है उसे बढ़ाई जाए, और एक किसान के पास जितना रखबा है चाहे वह अन्य गांव में हो उसे लिया जाए ,किसानो के बहुत सारे रकबा को ऑनलाइन जीरो कर दिया गया है, यह अधिकारियों की गलती है, इन्हें पुनः एक्टिवेट किया जाए ,विजय केशरवानी ने कहा कि विष्णुदेव साय सरकार ने किसान विरोधी सरकार है वोट पाने के लिए झूठे वादे किए ,किसान कर्ज लेकर खेती करता है पर आज धान न बिकने के कारण कर्ज़दार हो रहा है ,ऐसी स्थिति रहेगी तो सीमांत किसान मजदूर की श्रेणी में आ जायेगा ,कांग्रेस किसानों की हित की रक्षा के लिए कटिबद्ध है ,और शीघ्र निर्णय नही लेती है तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।