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अतिथि व्याख्याता नीति-2024 की कंडिका-5.4 में तहत् छत्तीसगढ़ मूल निवास अनिवार्य करने एक दिवसीय नवा रायपुर तुता में धरना प्रदर्शन किया गया

रायपुर।राज्य सरकार द्वारा अतिथि व्याख्याता नीति-2024 को मंत्रिपरिषद के समक्ष प्रस्तुत कर उक्त नीति पर दिनांक 19 जून, 2024 (आयटम क्रमांक 10.06) द्वारा अनुमोदन प्राप्त किया गया है। वर्तमान में छत्तीसगढ़ राज्य के सभी शासकीय महाविद्यालयों में अतिथि व्याख्याताओं के माध्यम से अध्यापन कार्य संचालित हो रहा है। अतिथि व्याख्याता नीति 2024 के कण्डिका क्रमांक 5.4 में लिखा गया है कि छत्तीसगढ़ के मूल निवासी को प्राथमिकता दी जायेगी, परन्तु यह देखा गया है कि राज्य से ज्यादातर महाविद्यालयों में छत्तीसगढ़ के मूल निवासियों को प्राथमिकता नहीं दिया जाता है जो कि अतिथि व्याख्याता नीति 2024 की सीधे-सीधे अवहेलना है। अतिथि व्याख्याता नीति 2024 में छत्तीसगढ़ के मूल निवासियों को प्राथमिकता का विषय अस्पष्ट एवं मूल निवासियों के हित में नहीं है।वर्तमान सत्र 2025-26 में इस कंडिका के अंतर्गत वरीयता नहीं दी जा रही है, अलग-अलग संभागों में महाविद्यालय प्राचार्यों द्वारा मेरिट सूची में विसंगतियों विद्यमान है।उक्त विषयांतर्गत अतिथि व्याख्याता नीति-2024 में राज्य के मूल निवासी शिक्षित युवाओं के हितों को ध्यान में रखते हुए अतिथि व्याख्याता नीति-2024 के कंडिका क्र.-14.7 एवं 14.10 के तहत कंडिका 5.4 में संशोषन करते हुए छत्तीसगढ़ मूल निवासी अभ्यर्थियों को “प्राथमिकता” शब्द का अक्षरशः पालन करते हुए केवल राज्य के योग्य अभ्यर्थियों को ही मौका दे और राज्य के पी-एच.डी./नेट/सेट/एम.फिल. / स्नातकोत्तर डिग्रीधारकों को अनिवार्य करे।


अतः महोदय जी से निवेदन है कि अतिथि व्याख्याता नीति-2024 की कंडिका में संशोधन करते हुए प्राथमिकता के स्थान पर अनिवार्य करने की कृपा करें।1 छत्तीसगढ़ मूल निवास अभ्यर्थियों को प्राथमिकता के स्थान पर अनिवार्य किया जाए। हमारे मातृ राज्य मध्य देश की नीति मे अतिथि व्याख्याता की पद पर मध्य प्रदेश के मूल निवासी ही अनिवार्य और पात्र होते हैं। अत हमारे छत्तीसगढ़ में भी छत्तीसगढ़ के मूल निवासी को ही अनिवार्य तथा पात्र किया जाए।2. अतिथि व्याख्याता नीति-2024 के तहत पूर्व में चयनित गैर-राज्यीय अभ्यर्थियों के स्थान पर विज्ञापन जारी कर मूल निवासियों को अवसर।3. 2025-26 सत्र के लिए जारी विज्ञापन की मेरिट सूची व पदस्थापना को निरस्त करते हुए में कंडिका 5 4 के तहत् मूल निवासियों को अनिवार्यता देते हुए नवीन सूची तैयार मूल निवासियों को अवसर दिया जाए।4. एकमुस्त मासिक वेतन। 5सेवानिवृत्ति आयु (65 वर्ष) तक स्थायीकरण उक्त बिन्दुओं पर विचार करते हुए छत्तीसगढ़ मूल-निवासी अभ्यर्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए
यथोचित कार्यवाही करने की करने के सरकार को ध्यान आकर्षण दिलाया गया।

संघ के अध्यक्ष ने बताया कि अतिथि व्याख्याताओं के चयन में ऐसी व्यवस्था अपनाई जाए जिससे राज्य के मूल निवासी युवाओं को गैरराज्यीय अतिथि व्याख्याता अभ्यर्थियों की तुलना में वरीयता दी जाए। छत्तीसगढ़ के युवाओं को रोजगार मिल सके। यदि राज्य के मूल निवासी अतिथि व्याख्याता अभ्यर्थियों की मेरिट सूची में पीएचडी, नेट, सेट, एम फिल योग्यताधारियों को सूची में पहले प्राथमिकता दी जाए। मूल निवासी अभ्यर्थी उपस्थित नहीं होने की स्थिति में गैर राज्यीय वांछित योग्यता वाले युवाओं को अवसर दिया जाए जिससे राज्य में युवाओं में शासन-प्रशासन के प्रति वैचारिक संतुष्टि बना रहेगा

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