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अवैध नशे की कमाई से आरोपी ने पत्नी और गर्लफ्रेंड के नाम पर बनाई संपत्ति, हवलदार की मेहनत से जप्त हुई संपत्ति

पुलिस ने एनडीपीएस के एक 4 साल पुराने मामले में फाइल खोल संपत्ति जप्ती करने की कार्यवाही की है। आरोपी ने अवैध नशे के व्यापार से कमाई गई रकम से पत्नी और गर्लफ्रेंड के नाम पर आलीशान मकान बनाया था। प्रधान आरक्षक की मेहनत और विवेचना के बलबूते पर जप्ती की कार्यवाही की गई।

बिलासपुर। अवैध नशे के खिलाफ बिलासपुर पुलिस लगातार अभियान चला रही है। इसमें अवैध नशे के व्यापार से अर्जित संपत्ति को जप्त भी किया जा रहा है। इसी क्रम में एक बड़ी कार्यवाही करते हुए बिलासपुर पुलिस के प्रधान आरक्षक की मेहनत और जांच के बलबूते पर अवैध नशे से अर्जित संपत्ति को चिन्हित कर जप्त किया गया है। मामले में खास बात यह है कि अवैध नशा कारोबारी ने यह संपत्ति अपनी पत्नी और गर्लफ्रेंड के नाम पर बना रखी थी। बिलासपुर एसएसपी रजनेश सिंह ने प्रधान आरक्षक की विवेचना के पश्चात आरोपी की पत्नी और गर्लफ्रेंड के नाम पर बनाए गए आलीशान बंगलेनुमा मकानों की जप्ती के लिए साफ़ेमा कोर्ट प्रतिवेदन भेजा है। वही इस मामले में प्रधान आरक्षक प्रभाकर सिंह को उत्कृष्ट कार्य करने पर पुलिस अधीक्षक में 500 रुपए कैश रिवार्ड भी प्रदान किया है।

बिलासपुर पुलिस द्वारा अवैध नशे के व्यापार के खिलाफ एसएसपी रजनेश सिंह के निर्देश पर लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत अवैध नशा कारोबारियों पर कार्यवाही कर जेल भेजने के अलावा उनके अवैध नशे के व्यापार से बनाई गई संपत्तियों को जप्त करने की कार्रवाई भी की जा रही है। खास बात यह है कि वर्तमान में जो एनडीपीएस की कार्यवाहियां हो रही है उसके अलावा पूर्व के वर्षों में दर्ज प्रकरणों में भी आरोपियों की संपत्ति खंगाली और जप्त की जा रही है। इसी के क्रम में यह कार्यवाही की गई है।

वर्ष 2021 में दर्ज प्रकरण पर कार्यवाही:–

पूर्व में जिन आरोपियों पर एनडीपीएस एक्ट की कार्यवाही की गई थी उनके प्रकरणों की स्कूटनी की जवाबदारी पुलिस अधीक्षक ने सीएसपी निमितेश सिंह को दी थी। स्क्रुटनी के दौरान उनकी नजर में तोरवा थाना में वर्ष 2021 में दर्ज एनडीपीएस के एक प्रकरण पर पड़ी। जिस पर उन्होंने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह के संज्ञान में यह मामला लाया। इस मामले में पूर्व में चालान भी प्रस्तुत हो चुका था। आरोपी की फाइल दुबारा खोल नशे से अर्जित संपत्ति जप्त करने के निर्देश एसएसपी ने दिए थे। जिस पर सीएसपी निमितेश सिंह ने थाना सिरगिट्टी के प्रधान आरक्षक प्रभाकर सिंह को इसकी विवेचना सौंपी और जांच शुरू करवाई।

बिचौलिए के खाते में मंगवाता था रकम, गर्लफ्रेंड और पत्नी के नाम पर मकान:–

फाइल खोल कर एनडीपीएस एक्ट की धारा 68– एफ के तहत एक बड़ी कार्यवाही की गई है। इस कार्यवाही में आरोपी अजय चक्रवर्ती द्वारा अवैध नशे के व्यापार से कमाए गए अवैध संपत्तियों को चिन्हित किया गया। पता चला कि आरोपी अजय चक्रवर्ती अवैध नशे के व्यापार की रकम पुलिस के नजर में आने से बचने के लिए बिचौलिए के खाते में मंगवाता था और उसकी निकासी कर उसने बिलासपुर के आवासपारा सिरगिट्टी में 3500 स्क्वायर फीट और टिकरापारा में 1500 स्क्वायर फीट का आलीशान मकान अपनी पत्नी और गर्लफ्रेंड का नाम पर बना रखा है। विवेचना में संपत्ति चिन्हित कर इसे एसएसपी ने माननीय साफ़ेमा कोर्ट मुंबई को जप्त करने हेतु प्रतिवेदन भेजा है। उक्त संपत्तियों की कीमत एक करोड़ 20 लाख रुपए है।

प्रधान आरक्षक पुरस्कृत:–

मामले में सिरगिट्टी थाने के प्रधान आरक्षक प्रभाकर सिंह द्वारा उत्कृष्ट कार्य किया गया। जिसके चलते वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के द्वारा उसे अपने कार्यालय में बुला सम्मानित किया गया। प्रधान आरक्षक से हाथ मिला एसएसपी ने उसका उत्साहवर्धन किया इसके साथ ही 500 रुपए कैश रिवॉर्ड की घोषणा की। यह प्रधान आरक्षक की सेवा पुस्तिका में अंकित की जाएगी।

बिलासपुर जिले में अब तक कुल 6 प्रकरणों में 17 व्यक्तियों की अवैध संपत्तियां जप्त कर चिन्हित की गई है। जिसकी अनुमानित कीमत लगभग सात करोड़ रुपए है।

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