अवैध रूप से पेंटिंग कर किया विज्ञापन,सजा बतौर निगम ने करवाई अवैध पेंटिंग करवाने वालों से ही पुताई
नगर निगम के अंतर्गत आने वाले रामसेतु मार्ग की रिटेनिंग दीवार और पीचिंग में 11 संस्थानों और दुकानों ने अवैध रूप से अपना विज्ञापन पेंट करवा लिया था और प्रचार कर रहे थे। नगर निगम में कार्यवाही करते हुए उन्हीं से व्हाइट पेंट करवा उनके विज्ञापनों को हटवाया गया और दीवारों को वापस ठीक करवाया गया। निगम की इस अनूठी कार्यवाही की चर्चा हो रही है।
बिलासपुर। अवैध रूप से पेंटिंग कर अपना विज्ञापन करने वालों और नगर निगम को राजस्व का चूना पहुंचाने वालों पर निगम ने अनोखी कार्यवाही की है। शासकीय संपत्ति पर अनाधिकृत तौर पर अपने संस्थानों की पेंटिंग बना अवैध रूप से विज्ञापन करने वालों पर निगम ने कार्यवाही करते हुए उनसे वापस सफेद रंग से पुताई करवा निगम की संपत्ति को ठीक करवाया है। निगम के निर्देश के बाद पेंटिंग के जरिए अपनी दुकान और संस्था का अवैध रूप से प्रचार करने वालों ने वापस वाइट पेंटिंग करा कर दीवालों को ठीक किया।
अरपा नदी किनारे बिलासपुर स्मार्ट सिटी लिमिटेड द्वारा सड़क का निर्माण किया गया है, जिसका नाम रामसेतु मार्ग रखा गया है। उक्त मार्ग के किनारे रिटेनिंग वाल और नदी की तरफ पिचिंग क्षेत्र में खाली जगह देखकर शहर के 11 लोगों ने पेंटिंग के ज़रिए अपने व्यापारिक प्रतिष्ठान, अस्पताल और स्कूल का अवैध रूप से विज्ञापन और प्रचार-प्रसार किया था। निगम कमिश्नर अमित कुमार के निर्देश पर इन सभी 11 लोगों को जोन क्रमांक 3 द्वारा नोटिस जारी कर तत्काल पेंटिंग को मिटाने और वापस व्हाइट पेंट के ज़रिए रिटेनिंग वाल और पिचिंग क्षेत्र को ठीक करने के लिए कहा गया। निगम ने सख्त रवैय्या अपनाया तो, सभी लोगों ने उक्त शासकीय संपत्ति से अवैध पेंटिंग को ना सिर्फ मिटाया बल्कि व्हाइट पेंट से ठीक भी किया।
इन्होंने की थी अवैध पेंटिंग:–
अवैध विज्ञापन करने वाले न्यू डेविल चश्मा हाउस, भवन निर्माण (अनुमेश कंस्ट्रक्शन), रायल आप्टिकल, विजय चश्मा संसार, जनता चश्मा, शैल वस्त्रालय, मां टायपिंग सेंटर, भारत प्रीकास्ट, संकल्प नेत्र चिकित्सालय, जापान टाल और श्री पद्माक्षी ग्लोबल स्कूल शामिल हैं।
आगे भी की जाएगी कार्रवाई :–
कार्रवाई के दौरान नगर निगम की टीम ने साफ किया कि इस तरह की कार्रवाई आगे भी चलती रहेगी। जिन लोगों से शासकीय संपत्ति में विज्ञापन करने के लिए दीवार लेखन कराया है, वे खुद ही उसे मिटाएं। अन्यथा जब निगम कार्रवाई करेगा तो उन संस्थानों को खिलाफ जुर्माना भी लगाया जाएगा। ऐसे में आने वाले दिनों में जोन स्तर पर कार्रवाई की जाएगी।