जीवित महिला को सरकारी रिकॉर्ड में बताया मृत,बुजुर्ग बैगा आदिवासी महिला को राशन नही मिलने से भीख मांगकर जीवन यापन करने को मजबूर,,

नीलकमल सिंह ठाकुर
मुंगेली (लोरमी )- मुंगेली जिले में लोरमी ब्लॉक में एक अजीबो गरीब मामला सामने आया है जहां पर दो बुजुर्ग महिलाओं को ऑनलाइन रिकॉर्ड में मृत घोषित कर दिया गया है जिससे उनका नाम राशन कार्ड से कट गया है और उन्हें राशन का आवंटन नहीं किया जा रहा है। 70 वर्षीय बैगा आदिवासी महिला सहबीन बैगा और अन्य महिला सूरजा बाई का नाम राशन कार्ड से कट जाने के कारण इन्हें राशन नहीं मिल रहा है क्योंकि सरकारी रिकॉर्ड में इन्हें मृत मान लिया गया है।

राष्ट्रपति के दत्ततक पुत्र कहे जाने वाले बैगा आदिवासी जो खुड़िया इलाके की रहने वाली बैगा आदिवासी महिला सहबीन को पिछले 4 महीने का राशन नहीं मिला है जिससे महिला चांवल मांग कर लाने को मजबूर हो गई है। पूरा मामला लोरमी इलाके की खुड़िया वन क्षेत्र और दूसरा मामला लोरमी के बंधवा इलाके का है जहां बुजुर्ग महिलाओं को ऑनलाइन रिकॉर्ड में मृत घोषित किया गया है वहीं खुड़िया इलाके के पथर्री गांव की रहने वाली 70 वर्षीय बुजुर्ग बैगा आदिवासी महिला को ऑनलाइन दस्तावेजों में मृत घोषित कर दिया गया है मृत होने की वजह से राशन दुकान में उसके नाम का आवंटन नहीं आ रहा है जिससे उसके राशन कार्ड से उसे चावल का वितरण नहीं किया जा रहा है महिला पिछले तीन से चार महीना से अपने राशन कार्ड को लेकर दर दर भटक रही है इस बात की जानकारी उसने सरपंच सचिव और राशन संचालक को भी दी लेकिन वही इस मामले का अब तक किसी तरह का कोई निराकरण नहीं हो पाया है जिससे महिला अत्यधिक परेशान है और उसे चावल नहीं मिलने की वजह से उसके सामने खाने की समस्या भी उत्पन्न हो गई है महिला अपने परिवार चलाने के लिए इधर-उधर से चावल मांगने को मजबूर हो गई है।

मीडिया की टीम जब मौके पर पहुंची और उसने उस महिला से बात की तो महिला ने बताया कि उसे मृत मान लिया गया है इस वजह से उसे चावल का वितरण नहीं होता उसने इस बात की जानकारी सरपंच सचिव और राशन के संचालक को भी दी लेकिन किसी तरह का कोई उनके द्वारा विकल्प नहीं निकाला गया। इस बात को कांग्रेस के नेता विद्यानंद चंद्राकर ने प्रमुखता से उठाया और इस बात की जानकारी जब प्रशासन को दी और मीडिया की टीम जब वहां पहुंची तो आनन फानन में प्रशासन की टीम ने तत्काल प्रभाव से उस महिला आदिवासी के घर दो बोरी चावल और नमक पहुंचाया ऐसा मामला अपने आप में पहला नहीं ऐसा एक मामला लोरमी विधानसभा के बंधवा गांव का भी है जहां एक बुजुर्ग महिला को ऑनलाइन रिकॉर्ड में मृत घोषित किया गया है और उस महिला को भी राशन का आवंटन नहीं हो रहा है इस महिला ने भी इस बात की जानकारी सरपंच सचिव को दी है लेकिन अब तक उस महिला को राशन नहीं मिल पाया है। ऑनलाइन कागज में महिला को मृत लिखा हुआ है इस वजह से राशन दुकान संचालक का भी कहना है कि हमारे पास इनका किसी तरह का कोई रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं होने के कारण हम इन्हें राशन नहीं दे पा रहे है वहीं ऑनलाइन चेक करने पर उनके रिकॉर्ड में मृत दिखा रहा है। वही इस बुजुर्ग आदिवासी महिला को राशन तो नहीं मिल रहा है वहीं इनका वृद्धा पेंशन भी नहीं मिल पा रहा है जिससे इसके सामने रोजी-रोटी की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है ग्रामीण इलाकों में रोजगार की एक बड़ी समस्या होती है यह महिलाएं काम करने भी कहीं नहीं जा सकती सरकार मुख्यमंत्री खाद्यान्न योजना से हर व्यक्ति को राशन का लाभ मिले इस बात को सुनिश्चित करने के लिए हर बार राशन कार्ड का सत्यापन और राशन कार्ड बनाने के लिए गांव-गांव में शिविर लगाए जाते हैं लेकिन फिर भी इस तरह के मामले जब सामने आते हैं तो वह चौंकाने वाले होते हैं ऑनलाइन प्रक्रिया में कहीं ना कहीं कोई त्रुटि हो जाती है लेकिन प्रक्रिया में आकर के उसे सुधार भी किया जाता है लेकिन जनप्रतिनिधि और अधिकारी इस ओर किसी तरह से कोई ध्यान नहीं देते हैं। इसकी बानगी लोरमी इलाके में देखने को मिल रही है जहां जीवित महिलाओं को मृत घोषित कर दिया गया है। वही आपको बता दे की बुजुर्ग आदिवासी महिला की दो बेटियां हैं जिसमें एक विधवा है उसे ना तो विधवा पेंशन का लाभ मिल रहा है और ना ही महतारी बंधन का लाभ मिल रहा है बुजुर्ग महिला की दो बेटियां हैं दोनों ही बेटियों को महतारी बंधन का किसी तरह का कोई लाभ नहीं मिल पा रहा है.. एक तरफ सरकार बैगा आदिवासियों के उत्थान और उनके विकास की बात करती है और तमाम योजनाएं लाती हैं लेकिन ग्रामीण और वनांचल इलाकों में बैगा आदिवासियों की स्थिति आज भी वैसी ही बनी हुई है उनकी समस्याओं को देखने वाला कोई नहीं है जनप्रतिनिधि भी इनका उपयोग करके सिर्फ वोट की राजनीति ही करते आए हैं। इस बात की जानकारी जब लोरमी एसडीएम को दी गई तो उनके द्वारा यह बताया गया कि इस यह बात की जानकारी अभी मिली है इस मामले को संज्ञान में लेकर आगे की कार्यवाही की जा रही है…