14 साल की सेवा,और एक झटके में बर्खास्त,टिंहालीडीह के सफाईकर्मी ने लगाया राजनीतिक साजिश का आरोप

वोट नहीं दिया, इसलिए नौकरी गई, सफाईकर्मी ने सरपंच पर दबाव का लगाया बड़ा आरोप
स्कूल में साजिश का खेल,सफाईकर्मी की जगह पंच के बेटे की नियुक्ति
बिलासपुर । तखतपुर विकासखंड की शासकीय प्राथमिक शाला टिंहालीडीह में 14 साल से सेवा दे रहे एक सफाई कर्मचारी को कथित राजनीतिक बदले की भावना के चलते नौकरी से बाहर कर दिया गया है। पीड़ित व्यासनारायण गेंदले ने कलेक्टर के पास गुहार लगाकर पूरा मामला खुलकर सामने रखा है।
कलेक्टर के पास शिकायत लेकर पहुंचे व्यास नारायण गेंदले ने बताया कि 26 अप्रैल 2011 से टिंहालीडीह स्कूल में सफाई कर्मी के रूप में काम कर रहे थे। पूरे 14 साल—बिना किसी शिकायत, बिना किसी विवाद, ईमानदारी और निष्ठा के साथ। लेकिन 1 दिसंबर 2025 को उन्हें अचानक प्रधानपाठक ने बुलाया… और मौखिक रूप से कह दिया उनकी नौकरी खत्म पीड़ित का आरोप है।उन्हें यह सजा इसलिए मिली, क्योंकि पंचायत चुनाव के दौरान सरपंच प्रत्याशी पूजा बाई टंडन को वोट देने का दबाव बनाया गया था… और उनके नहीं मानने पर राजनीतिक नेताओं ने प्रधानपाठक पर दबाव डालकर उन्हें हटवा दिया।सबसे बड़ा आरोप यह भी है कि गेंदले को हटाने के बाद तुरंत एक पंच, प्रताप जांगड़े के पुत्र प्रशांत जांगड़े को उनकी जगह दे दी गई। पीड़ित का कहना है—यह सब पहले से तय साजिश थी। यहां तक कि कर्मचारी के खिलाफ झूठे सबूत गढ़ने के लिए स्कूल का उपस्थिति रजिस्टर तक बदला गया।व्यासनारायण गेंदले ने अपनी शिकायत में कहा कि यह कार्रवाई पूरी तरह से एकतरफा और अन्यायपूर्ण है। उन्हें न कोई नोटिस दिया गया, न सफाई का मौका, न कोई जांच… बस राजनीतिक दबाव में उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया गया। उनका कहना है—14 साल की सेवा के बाद ऐसे अपमानजनक तरीके से हटाया जाना उनके लिए बेहद पीड़ादायक है।अब गेंदले ने कलेक्टर से मांग की है कि इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवाई जाए, दोषियों पर कार्रवाई हो और उन्हें दोबारा शासकीय प्राथमिक शाला टिंहालीडीह में सफाई कर्मचारी के पद पर कार्य करने की अनुमति दी जाए।राजनीतिक दबाव सत्ता का दुरुपयोग और एक कर्मचारी की 14 साल की मेहनत पर एक पल में पानी! फिलहाल अब देखना ये होगा कि प्रशासन इस गंभीर शिकायत पर कितना तेजी से कदम उठाता है। या फिर यह मामला ठंडे बस्ते में चला जाएगा।