बिलासपुर–रायपुर नेशनल हाईवे की बदहाली पर चीफ जस्टिस नाराज, नेशनल हाईवे के प्रोजेक्ट मैनेजर को उसी सड़क से आकर कल पेश होने के दिए आदेश
– बिलासपुर–रायपुर नेशनल हाईवे की दुर्दशा पर हाई कोर्ट ने स्वतः संज्ञान लिया है। हाईकोर्ट ने निर्देश दिया है कि इस मामले में नेशनल हाईवे अथॉरिटी के प्रोजेक्ट मैनेजर कल उसी सड़क मार्ग से आकर कोर्ट में पेश होंगे। चीफ जस्टिस रमेश सिंह ने तल्ख टिप्पणी करते हुए यह भी कहा कि अब हर पेशी डेट में इन्हें ही सड़क मार्ग से बुलवाकर पेश करवाया जाएगा तब ही इनमें सुधार होगा।
बिलासपुर। बिलासपुर रायपुर नेशनल हाईवे की बदतर स्थिति को हाईकोर्ट ने संज्ञान लिया है। चीफ जस्टिस ने इस मामले में तल्ख टिप्पणी करते आदेश दिया है कि नेशनल हाईवे के प्रोजेक्ट मैनेजर कल इसी सड़क से यात्रा करते हुए जाकर हाईकोर्ट में पेश होंगे। कल इस मामले की सुनवाई होगी।
बता दे बिलासपुर रायपुर नेशनल हाईवे प्रदेश का महत्वपूर्ण हाईवे है यह प्रदेश की राजधानी और न्यायधानी को आपस में जोड़ती है। बिलासपुर और आसपास के जिलों तथा अंबिकापुर संभाग जाने के लिए बस्तर संभाग और रायपुर संभाग के लोग इस सड़क का इस्तेमाल करते हैं। वही अंबिकापुर संभाग और बिलासपुर संभाग के लोग हवाई सेवा समेत अन्य कार्यों के लिए इसी सड़क से होकर राजधानी पहुंचते हैं। इतनी महत्वपूर्ण सड़क होने के बावजूद भी इसके रखरखाव और मेंटेनेंस में नेशनल हाईवे अथॉरिटी ने लापरवाही बरत रखी है। जिसके लिए आज चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा और जस्टिस बीडी गुरु की डिवीजन बेंच ने स्वतः संज्ञान लेकर मामले की सुनवाई शुरू की।
इस मामले में खड़े अधिवक्ता से चीफ जस्टिस ने पूछा कि मिस्टर वानखेडे आप तो रोज रायपुर जाते होंगे नेशनल हाईवे के प्रोजेक्ट मैनेजर से मिलने के लिए। तो आपने इस सड़क की स्थिति भी देखी होगी। नेशनल हाईवे वाले जो थोड़ा बहुत मेंटेनेंस करते हैं,सड़क पर स्टॉपर लगाते है वे बेतरतीब,लावारिस हालत में सड़क पर पड़ी रहती हैं। हम वहां चले या ना चले, आप क्या चाहते है कि पब्लिक उसको उड़ाते चले। पेंच वर्क करने के लिए जो मटेरियल सड़क पर छोड़ा गया है उससे भी गंदगी फैल रही है और दुर्घटनाओं की आशंका है। इससे एक्सीडेंट हो रहे हैं और जनहानि हो रही है इसके अलावा मवेशी भी इस सड़क पर दुर्घटना का शिकार होकर अपनी जान गंवा रहे हैं।
इस मामले में जवाब देने के लिए चीफ जस्टिस ने कहा कि सिंपली एफिडेविट देने से काम नहीं चलेगा। उन्होंने कल नेशनल हाईवे के प्रोजेक्ट मैनेजर को उपस्थित होने के निर्देश जारी किए। खास बात यह है कि चीफ जस्टिस ने उसी सड़क पर यात्रा एनएचआई के प्रोजेक्ट मैनेजर को हाईकोर्ट सुनवाई में आने और जाने के निर्देश दिए हैं। चीफ जस्टिस ने तल्ख टिप्पणी करते हुए कहा कि अब हर सुनवाई डेट में सड़क मार्ग से प्रोजेक्ट मैनेजर को हम बुलवाएंगे तभी इनमें सुधार आएगा। मामले की अगली सुनवाई कल रखी गई है।