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आमामुड़ा एवं लारीपारा व्यपवर्तन योजना

नहर निर्माण के लिए भू-अर्जन के लिए समाघात दल ने की अनुशंसा

बिलासपुर/जिले के रतनपुर तहसील के ग्राम छेरकाबांधा एवं रतखण्डी में नहर निर्माण के लिए भूमि का अर्जन किया जाना है। सामाजिक समाघात दल ने ग्राम छेरकाबांधा एवं रतखण्डी में भू-अर्जन से पड़ने वाले प्रभाव का आंकलन किया।
मूल्यांकन में पाया गया कि छेरकाबांधा गांव में भू-अर्जन से 1.02 एकड़ भूमि एवं रतखण्डी में भू-अर्जन से 2.61 एकड़ भूमि प्रभावित हो रही है जिसका समाघात दल ने किसानों से भी सहमति लिया और पाया कि अर्जित भूमि से कोई मकान आदि प्रभावित नहीं हो रहा है और न ही किसी भी परिवार के विस्थापन की संभावना है। सामाजिक समाघात दल द्वारा यह पाया गया है कि अधोसंरचना पर कोई बाधा नहीं है तथा अधोसंरचना का कार्य प्रभावित नहीं हुआ है। समाघात दल इस बात से संतुष्ट है कि जल संसाधन विभाग को जितनी भूमि की आवश्यकता है उतनी ही भूमि का अधिग्रहण किया जा रहा है। समाघात दल ने ग्राम छेरकाबांधा एवं रतखण्डी तहसील रतनपुर के अंतर्गत जल संसाधन संभाग कोटा के नहर निर्माण हेतु ग्राम छेरकाबांधा में रकबा 1.02 एकड़ एवं रतखण्डी में रकबा 2.61 एकड़ भूमि का अर्जन लोकहित में किए जाने की अनुशंसा की है। ग्राम छेरकाबांधा में लारीपारा व्यपर्वतन योजना अंतर्गत नहर निर्माण होने से 4 गांवों की लगभग 600 हेक्टेयर एवं ग्राम रतखण्डी में आमामुड़ा व्यपवर्तन योजना अंतर्गत नहर निर्माण होने से 9 गांवों की लगभग 1600 हेक्टेयर कृषि भूमि पर सिंचाई सुविधा का लाभ मिलेगा।

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