आरक्षक पर हुए हमले में पीड़िता ने की आईजी से शिकायत
पीड़िता बोली,निष्पक्ष जांच करके कार्रवाई की जाए,पहले आरक्षक ने मारपीट शुरू की
पुलिस बोली मामला आरक्षक पर हमले का,आरोपियों को पकड़ा गया
बिलासपुर । महिला शिकायतकर्ता के भाई और पुलिस आरक्षक के बीच हुई मारपीट के मामले ने तूल पकड़ लिया है।एक तरफ पीड़िता का आरोप है कि उसकी सुनवाई तक नहीं हो रही है।तो दूसरी तरफ पुलिस कह रही है कि मामला पुलिस कर्मचारी से जुदा हुआ है जिसके ऊपर जानलेवा हमला हुआ है।
दरअसल बुधवार को परिवार एवं परिचित वालों के साथ एसएसपी कार्यालय पहुंची शिकायतकर्ता आकांक्षा वर्मा का कहना है कि 12 अगस्त की शाम करीब साढ़े 6 से 7 बजे के बीच वह अपने भाई आयुष के साथ घर लौट रही थीं।कश्यप कॉलोनी गली नंबर 4 के पास उनकी बाइक का हल्का सा टक्कर एक कार से हुआ।तभी कार से उतरे उत्कर्ष सिंह ने उनकी गाड़ी की चाबी निकाल ली और गाली-गलौज शुरू कर दी।आकांक्षा के मुताबिक माफी मांगने के बावजूद उत्कर्ष ने उनके भाई को मुक्के मारे, उन्हें धक्का दिया और पंजों से नोचा।पीड़िता का आरोप है कि इसके बाद उत्कर्ष ने कार से बैसबॉल बैट निकालकर उनके भाई पर हमला कर दिया।रोकने गईं तो उनके सिर पर भी चोट लगी। बीच-बचाव के दौरान उत्कर्ष के पिता भी मौके पर आ गए और हाथापाई में उन्हें भी चोट आई। आकांक्षा का कहना है कि वह तुरंत थाने पहुंचीं, लेकिन पुलिस ने उनकी एफआईआर दर्ज नहीं की।आकांक्षा ने आईजी को लिखित शिकायत देकर कहा कि महिला होने के बावजूद उनकी बात को अनसुना कर दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या महिला सुरक्षा सिर्फ कागजों में है।पीड़िता ने न्याय की गुहार लगाई और आरोपियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की।
पुलिस बोली,आरक्षक पर आरोपियों ने किया है हमला
पुलिस का कहना है कि यह मामला आरक्षक दिलीप सिंह पर हमले का है।जिसमें मामूली टक्कर को लेकर हुए विवाद में तीन आरोपियों ने लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से आरक्षक पर हमला किया, जिससे उनके सिर पर गंभीर चोट आई। उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
दोनों पक्षों ने लगाए एक दूसरे पर आरोप
दोनों पक्षों का मामला आरोप प्रत्यारोप में फंसा हुआ है।इधर पुलिस का कहना है कि निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की जाएगी।दूसरी तरफ पीड़िता एफआईआर दर्ज कराने की मांग पर अड़ी हुई है। उनका कहना है दोनो पक्षों की ओर से थाने में शिकायत होनी थी।फिलहाल मामले की जांच जारी है और पुलिस सीसीटीवी फुटेज भी खंगाल रही है।
वर्जन
आरोपियों को पकड़ लिया गया है और मामले की जांच चल रही है। घटना के सभी पहलुओं की जांच के लिए सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
देवेश राठौर
टीआई सिटी कोतवाली थाना
वर्जन
जरा सी बात पर आरक्षक खुद पहले मारपीट किया है जिसके कारण विवाद हुआ है।घटना दोनों पक्षों से हुई है।इसलिए रिपोर्ट हमारा भी दर्ज होना चाहिए।जिसमें निष्पक्ष जांच करके कार्रवाई भी होनी चाहिए।
आकांशा वर्मा,,शिकायतकर्ता