एएसआई को 10 हजार की रिश्वत लेते एसीबी ने रंगे हाथ दबोचा….रिश्वतखोर पुलिसवाला हुआ बेनकाब….

ट्रांसपोर्ट नगर में बुलाकर ले रहा था रिश्वत की रकम
बिलासपुर ।कोरबा में एसीबी की कार्रवाई से पुलिस महकमे में हड़कंप मचा हुआ है।
डीजल चोरी से वाहन चलाने का आरोप लगाकर एएसआई
ने प्रार्थी से 50 हजार किं रिश्वत मांगी थी।
एसीबी से मिली जानकारी के अनुसार प्रार्थी पंचराम चौहान पिता महेत्तर चौहान निवासी केसला, हरदी बाजार ने एसीबी बिलासपुर में लिखित शिकायत की थी।उसने बताया कि उसके पास एक बोलेरो वाहन है जिसे बुकिंग में चलाता है। कुछ दिन पहले 11 मार्च 2025 को हरदीबाजार थाना में पदस्थ सहायक उप निरीक्षक मनोज मिश्रा रात करीब 1 बजे उनके केसला गांव स्थित घर पर आया और बोला कि तुम्हारी बोलेरो गाड़ी को थाना लेकर चलो, इससे डीजल चोरी का कार्य होता है। पंचराम गाड़ी को लेकर थाने के लिए निकला था ।इस दौरान बीच रास्ते में मनोज मिश्रा ने गाड़ी को कार्यवाही से बचाने के एवज में 50 हजार रुपए की मांग की गई।
प्रार्थी ने उतना पैसा देने की क्षमता न होना बोलने पर एएसआई ने गाड़ी को अपने पास रखवा लिया। दूसरे दिन सुबह प्रार्थी के वाहन को वापस कर दिया गया और यह कहा गया कि पैसे की व्यवस्था जल्द कर लेना। इस बीच एएसआई
कहीं बाहर चला गया और वापस लौटने पर 29 मार्च को फिर से फोन करके हरदी बाजार थाना आकर मिलने और पैसा देने के लिए बोला।
चूंकि प्रार्थी रिश्वत की रकम देना नहीं चाहता था बल्कि रिश्वत लेते हुए एएसआई को पकड़वाना चाहता था जिसकी शिकायत
का सत्यापन एसीबी ने कराया। शिकायत सही पाए जाने से एएसआई
को पकड़ने की योजना एसीबी ने बनाई। आज प्रार्थी को सहायक उप निरीक्षक मनोज मिश्रा के पास मांगी गई रिश्वत की रकम में से व्यवस्था हुई राशि 10 हजार रूपये को देने के लिए भेजा गया। एएसआई
मनोज मिश्रा का हाल ही में कोतवाली थाना तबादला हुआ है। उसने सुबह 11:30 बजे प्रार्थी से रिश्वत की रकम लेकर टीपी नगर चौक आने को कहा था। प्रार्थी दोपहर करीब 1:30 बजे टीपी नगर पहुंचा तब 10 हजार रूपये को लेते हुए मनोज मिश्रा को एसीबी की टीम ने रिश्वत की रकम सहित पकड़ लिया। एंटी करप्शन ब्यूरो बिलासपुर के निरीक्षक केएन आदित्य के नेतृत्व में टीम ने यह कार्रवाई की। सहायक उप निरीक्षक के विरुद्ध धारा 7 पीसी एक्ट 1988 भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत कार्यवाही की गई है। आरोपी एएसआई को विशेष न्यायाधीश गरिमा शर्मा के समक्ष पेश किया गया। कोर्ट ने आरोपी एएसआई को 15 दिन की न्यायिक रिमांड पर जेल दाखिल कर दिया है।