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एटीआर में फायरिंग करने युवकों को कोर्ट से झटका

अब 29 जनवरी तक जेल में ही कटेगी रात

बिलासपुर/मुंगेली। अचानकमार टाइगर रिजर्व के प्रतिबंधित इलाके में घुसकर बंदूकें चमकाने और रील बनाने वाले तीनों युवकों को अदालत ने झटका दिया है। शुक्रवार को मुंगेली न्यायालय ने आरोपी अजीतदास वैष्णव विक्रांत वैष्णव और अनिकेत मौर्य की जमानत अर्जी दूसरी बार खारिज कर दी। कोर्ट ने इन तीनों युवकों को न्यायिक हिरासत 29 जनवरी तक के लिए बढ़ा दी है। जिस जंगल में परिंदा भी पर मारने से पहले इजाजत लेता है वहां ये युवक रॉकस्टार बनने चले थे लेकिन अब इनकी रील जेल की सलाखों के पीछे बन रही है। वन्यजीवों की सुरक्षा को ताक पर रखने वाले इन आरोपियों पर कानून का शिकंजा कसता जा रहा है।

*अदालत में भारी पड़ीं वन्यजीव संरक्षण की धाराएं*

मुंगेली कोर्ट में आरोपियों की तरफ से पेश वकीलों ने जमानत के लिए काफी हाथ-पांव मारे लेकिन वन्यजीव संरक्षण अधिनियम की गंभीर धाराओं के सामने उनकी एक न चली। कोर्ट ने माना कि टाइगर रिजर्व के कोर एरिया में घुसकर फायरिंग करना कोई मामूली बात नहीं है। आरोपियों पर धारा 2 9 27 और 29 के तहत केस दर्ज है जिसमें आसानी से राहत मिलना मुश्किल है। इससे पहले 5 जनवरी को भी इनकी अर्जी नामंजूर हुई थी और 16 जनवरी को रिमांड खत्म होने पर इन्हें फिर से जेल भेज दिया गया। अब 29 जनवरी तक इनका नया ठिकाना जेल की कोठरी ही रहेगी।
जंगल के भीतर घंटों तक एयर गन बंदूकें गरजती रहीं हुड़दंग होता रहा लेकिन विभाग के मैदानी अमले को हवा तक नहीं लगी। जब इन युवकों ने अपनी बहादुरी के वीडियो खुद ही सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए। वायरल वीडियो के बाद जब खबर वन विभाग के बड़े अधिकारियों को लगी तब जाकर 2 जनवरी को विभाग ने दबिश दी और इन्हें पकड़ा। आरोपियों के पास से दो बंदूकें और एक वाहन बरामद किया गया है और इनका चौथा साथी अब भी गिरफ्त से बाहर है।

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