एफआईआर के साये में शिवरात्रि, लिंगियाडीह का संघर्ष जारी…धरने से निगम तक पहुंचा आक्रोश

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महिलाओं ने प्रशासन पर उठाए सवाल
बिलासपुर । महाशिवरात्रि जहां भक्ति और आस्था का पर्व बनकर मनाई जा रही थी, वहीं लिंगियाडीह चौक पर अपने आशियाने को बचाने की लड़ाई लड़ रहीं महिलाएं धरने पर बैठकर शिव का स्मरण कर रही थीं। लगभग 87 दिनों से जारी आंदोलन में इस बार त्योहार भी संघर्ष और अनिश्चितता के बीच बीता।
दरअसल लिंगियाडीह स्थित धरने पर बैठी महिलाओं ने उपवास और पूजा के साथ शिवरात्रि मनाई, लेकिन उनके स्वर में आस्था के साथ पीड़ा भी साफ झलक रही थी। उनका कहना है कि प्रशासनिक कार्रवाई और बार-बार दर्ज हो रही एफआईआर से आंदोलन को दबाने की कोशिश की जा रही है।इस मामले को लेकर जब नगर निगम की सामान्य सभा में मुद्दा उठा तो सैकड़ों महिलाएं पार्षद के समर्थन में निगम पहुंचकर धरने पर बैठ गईं। इसके बाद पार्षद दिलीप पाटिल समेत अन्य नेताओं पर एफआईआर दर्ज होने से विवाद और गहरा गया।पार्षद दिलीप पाटिल ने एफआईआर को गलत और राजनीतिक दबाव में की गई कार्रवाई बताते हुए कहा कि वे गरीब परिवारों के हक की लड़ाई लड़ रहे हैं। उनका आरोप है कि आंदोलन को कमजोर करने के लिए प्रशासनिक कदम उठाए जा रहे हैं।
लिंगियाडीह का यह आंदोलन अब सिर्फ स्थानीय मुद्दा नहीं रहा, बल्कि शहर में प्रशासनिक कार्रवाई और जनभावनाओं के टकराव का प्रतीक बनता जा रहा है जहां आस्था, आक्रोश और उम्मीद तीनों एक साथ नजर आ रहे हैं।
महिलाओं ने नाराजगी जताई एफआईआर पर
धरनास्थल पर मौजूद महिलाओं ने भी एफआईआर पर नाराजगी जताई। उनका कहना है कि यह कदम आंदोलनकारियों का मनोबल तोड़ने और मानसिक दबाव बनाने के लिए उठाया गया है, लेकिन वे पीछे हटने वाली नहीं हैं।महिलाओं ने कहा कि वे वर्षों से यहां रह रही हैं और अब बेघर होने का डर उनके सामने खड़ा है। उनका मानना है कि यह केवल जमीन का विवाद नहीं बल्कि उनके बच्चों के भविष्य और सम्मानजनक जीवन का सवाल है।शिवरात्रि के दिन धरने पर हवन-पूजन और भजन के बीच विरोध का स्वर भी गूंजता रहा। एक तरफ शहर में मंदिरों में उत्सव का माहौल था, तो दूसरी तरफ आंदोलन स्थल पर न्याय की मांग के साथ संघर्ष का वातावरण बना रहा।
महिलाएं बोली,जल्द निर्णय नहीं लिया गया तो होगा आंदोलन का रुख तेज
आंदोलनकारियों ने प्रशासन पर संवेदनहीन रवैया अपनाने का आरोप लगाते हुए कहा कि यदि जल्द समाधान नहीं निकला तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। महिलाओं ने एकजुट होकर कहा कि वे अपने घर और अधिकारों के लिए अंतिम दम तक लड़ाई जारी रखेंगी।इसके लिये पूरी महिलाएं एकजुट होकर प्रदर्शन कर रही है और जमकर विरोध प्रदर्शन कर हर तरह से लड़ाई लड़ने का मन बना चुकी है।
वर्जन
एफआईआर गलत हुआ है,इसके लिए पूरे लोग विरोध कर रहे है।जबकि महिलाएं अपने हक की लड़ाई लड़ रही है।और अपनी मांगो को लेकर पहुंची थी जब सुनवाई नहीं हुई तब धरने पर कांग्रेसियों के साथ बैठी रही।
दिलीप पाटिल
पार्षद लिंगियाडीह
वर्जन
धरना प्रदर्शन करने वालो के खिलाफ एफआईआर दर्ज हुआ है।जिसमें कांग्रेसी शामिल है।सीसीटीवी फुटेज सामने आने पर नाम जोड़ा जा सकता है।
पंकज पटेल
एएसपी सिटी बिलासपुर
पूर्व उपमुख्यमंत्री ने एफआईआर को बताया असंवेदनशील सरकार की कार्यशैली
लिंगियाडीह अतिक्रमण हटाने के मुद्दे पर नगर निगम की सामान्य सभा हंगामे और राजनीतिक बयानबाजी के बीच सुर्खियों में रही। 175 से अधिक कब्जे हटाए जाने के विरोध में बड़ी संख्या में लोग सभा स्थल लखीराम ऑडिटोरियम के बाहर जुटे और प्रदर्शन किया, जबकि वार्ड 47 के रहवासी करीब तीन महीनों से पुनर्वास की मांग को लेकर धरने पर बैठे हैं।इस पूरे घटनाक्रम पर पूर्व उपमुख्यमंत्री टीएस सिंह देव ने सोशल मीडिया के माध्यम से प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जिला कांग्रेस कमेटी के शहर व ग्रामीण अध्यक्षों सहित पार्षदों पर दर्ज एफआईआर सरकार की असंवेदनशील और दिशाहीन कार्यशैली को दर्शाती है।उन्होंने कहा कि आम जनता की भावनाओं की अनदेखी कर कार्रवाई करना और शांतिपूर्ण विरोध को अपराध की तरह लेना लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय है