एसआईआर ड्यूटी से स्कूल ठप, बिलासपुर में पढ़ाई पर बड़ा संकट
शिक्षक एसआईआर में,बच्चे खुद शिक्षक बने शिक्षा व्यवस्था सवालों में
डीईओ बोले-स्थिति नियंत्रण में…लेकिन हकीकत अलग दिखी…
बिलासपुर ।छत्तीसगढ़ में इस समय एसआईआर का काम तेज़ी से चल रहा है, लेकिन इसका सीधा असर स्कूलों की पढ़ाई पर पड़ रहा है। बिलासपुर जिले में भी बड़ी संख्या में शिक्षकों की ड्यूटी एसआईआर में लगा दी गई है, जिससे कई स्कूलों में कक्षाएँ ठप पड़ गई हैं। हालात ये हैं कि कुछ जगहों पर बड़े बच्चे ही जूनियर कक्षाओं को पढ़ाते हुए दिखाई दे रहे हैं। जिले में कई स्कूल ऐसे हैं जहां पहले से ही शिक्षकों की कमी थी, और अब एसआईआर ड्यूटी ने स्थिति और गंभीर कर दी है। वार्षिक परीक्षा को सिर्फ दो महीने बचे हैं और बोर्ड कक्षाओं के छात्र लगातार चिंता में हैं कि कोर्स पूरा कैसे होगा। कई माता–पिता भी स्कूलों की स्थिति पर सवाल उठा रहे हैं और बच्चों के भविष्य को लेकर चिंतित हैं। इस मुद्दे पर जब जिला शिक्षा अधिकारी विजय टांडे से बात हुई, तो उन्होंने दावा किया कि स्थिति उतनी खराब नहीं है जितना बताया जा रहा है। उनके अनुसार बीएलओ और बीआरसी स्तर के अधिकारी रोजाना स्कूलों का निरीक्षण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रशासनिक कार्य जरूरी है और उसका निर्वहन करना ही पड़ता है।डीईओ ने भरोसा दिलाया कि जहां-जहां पढ़ाई प्रभावित हुई है, वहां अतिरिक्त कक्षाएँ लगाकर पूरा कोर्स पूरा करा दिया जाएगा। लेकिन बड़ा सवाल यह है कि जब शिक्षक ही उपलब्ध नहीं हैं, तो अतिरिक्त कक्षाएँ कौन और कैसे लगाएगा?अब देखना होगा आने वाले हफ्तों में पढ़ाई पटरी पर लौटती है, या फिर बोर्ड परीक्षा से पहले छात्रों की परेशानी और बढ़ती है।