एसआईआर लोकतंत्र के लिए ख़तरा – नवीन

एसआईआर प्रक्रिया एवं चुनावी सुधारों पर सर्वदलीय बैठक में JCCJ ने उठाए गंभीर मुद्दे
रायपुर ।दक्षिण विधानसभा क्षेत्र क्रमांक 51 के निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी द्वारा नगर निगम जोन 4 में आहूत दावा-आपत्ति से संबंधित सर्वदलीय बैठक में जनता कांग्रेस छत्तीसगढ़ (जे) के प्रतिनिधि मंडल का नेतृत्व करते हुए पार्टी के महासचिव नवीन अग्रवाल ने भाग लिया। बैठक के दौरान अग्रवाल ने राज्य में चल रही विशेष गहन निर्वाचन नामावली (एसआईआर) की प्रक्रिया एवं भारत के चुनावी लोकतंत्र पर पड़ रहे संकट के संबंध में गंभीर चिंता व्यक्त की।

अग्रवाल ने कहा, “भारत निर्वाचन आयोग का यह महत्वपूर्ण कार्य (एसआईआर) लोकतंत्र के लिए सीधा खतरा है। हमारा लोकतंत्र संकट में है। वह व्यवस्था जो जनता को आवाज देने के लिए बनी थी, आज उसी का दमन करने के लिए इस्तेमाल की जा रही है।”
उन्होंने पिछले छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के बाद की गई पार्टी की प्रतिबद्धता को दोहराते हुए कहा कि जनता कांग्रेस (जे) ने चुनावी सत्यनिष्ठा की चार मूलभूत मांगों के पूरा होने पर ही भविष्य के चुनाव लड़ने का सिद्धांतिक निर्णय लिया था और पार्टी अपने इस प्रण पर कायम है।
छत्तीसगढ़ में एसआईआर प्रक्रिया पर गंभीर आरोप:
अग्रवाल ने राज्य में चल रही एसआईआर प्रक्रिया की कमियों और दोषपूर्ण क्रियान्वयन पर प्रकाश डाला:
- इसकी तारीख चरम कृषि एवं विवाह सीजन में रखी गई है, ताकि जनता का ध्यान इस महत्वपूर्ण जनतांत्रिक प्रक्रिया से हटाया जा सके।
- भाजपा द्वारा नामित बूथ स्तरीय अधिकारी (बीएलओ) खुलेआम प्रशासनिक अधिकारियों को मतदाता नाम हटाने का आदेश दे रहे हैं, जिसे वे “शुद्धिकरण” का नाम दे रहे हैं।
“यह लोकतंत्र नहीं, एक ढोंग है,” उन्होंने जोर देकर कहा।
अग्रवाल ने सभी राजनीतिक दलों से अपील की, जिन्होंने बीएलओ सूची जमा की है, कि वे इस प्रकार की पक्षपातपूर्ण प्रक्रिया में सहभागी न बनें और अपनी बीएलओ सूची तत्काल वापस लें।
चुनावी सुधार की गैर-परक्राम्य चार मांगें:
जनता कांग्रेस (जे) ने एक निष्पक्ष, पारदर्शी और मजबूत लोकतंत्र के लिए निम्नलिखित चार मूलभूत सुधारों को अनिवार्य बताया:
- मतदाता का विकल्प: प्रत्येक मतदाता को ईवीएम के साथ-साथ पेपर बैलेट में मतदान का विकल्प चुनने का कानूनी अधिकार हो।
- स्वतंत्र चुनाव आयोग: मुख्य निर्वाचन आयुक्त एवं निर्वाचन आयुक्तों की नियुक्ति में भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) एवं मुख्य सतर्कता आयुक्त (CVC) की समिति का अनिवार्य सहयोग हो।
- आचार संहिता कानून: चुनाव पूर्व लोकलुभावन घोषणाओं पर रोक लगाने के लिए चुनाव आचार संहिता को कानूनी शक्ति प्रदान की जाए।
- इलेक्टोरल बॉन्ड पर रोक: राजनीतिक दलों को गुमनामी में मिलने वाले भ्रष्ट फंडिंग के मार्ग इलेक्टोरल बॉन्ड पर तत्काल प्रतिबंध लगे।
जनता कांग्रेस (जे) का मानना है कि बिना इन बुनियादी सुधारों के चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता बहाल नहीं हो सकती। पार्टी इन मांगों को लेकर जनता के बीच व्यापक जागरूकता अभियान चलाएगी और सभी लोकतांत्रिक शक्तियों से इस संघर्ष में जुड़ने का आह्वान करती है।