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एसईसीएल की खदान के लिए जमीन अधिग्रहण के लिए बुलाई गई वार्ता में ग्रामीण और एसईसीएल अधिकारी भिड़े, मारपीट के बाद दोनों पक्षों पर एफआईआर दर्ज

एसईसीएल के खदान के भू अधिग्रहण कर लिए बुलाई गई वार्ता में ग्रामीण और एसईसीएल अधिकारी के बीच मारपीट हो गई। इसका वीडियो भी वायरल हो रहा है। दोनों पक्षों ने एक दूसरे के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाया है।कोरबा। एसईसीएल की गेवरा खदान के लिए जमीन अधिग्रहण के बदले रोजगार, मुआवजा और पुनर्वास सहित अन्य मुद्दों पर चर्चा के लिए भिलाई बाजार में बुलाई गई थी। त्रिपक्षीय वार्ता विफल हो गई। इस वार्ता में एसडीएम,तहसीलदार समेत प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित थे। इस वार्ता के बाद एसईसीएल के अफसर का एक ग्रामीण से विवाद हो गया। जिसके बाद मौके पर गहमागहमी का माहौल निर्मित हो गया। घटना के बाद ग्रामीण आक्रोशित हो गए। एसईसीएल के अधिकारी और ग्रामीण ने एक दूसरे से मारपीट करने का आरोप लगाया है। मामले में पुलिस दोनों पक्षों की शिकायत पर केस दर्ज कर जांच कर रही है। मामला हरदी बाजार थाना क्षेत्र का है।

एसईसीएल की गेवरा खदान के विस्तार के लिए ग्राम भिलाईबाजार की जमीन का अधिग्रहण किया गया है। सोमवार 13 अक्टूबर को गांव के भूविस्थापितों के रोजगार मुआवजा, पुनर्वास सहित अन्य विषयों को लेकर भिलाईबाजार के सरस्वती शिशु मंदिर स्कूल में त्रिपक्षीय बैठक रखी गई थी। इसमें भिलाईबाजार गांव से प्रभावित ग्रामीण बड़ी संया में शामिल हुए। बैठक में ग्रामीणों के साथ ही प्रशासन और एसईसीएल प्रबंधन के अधिकारी भी उपस्थित रहे। बताया जा रहा है कि बैठक में खदान से प्रभावित होने वाले गांव के भूविस्थापितों के रोजगार, मुआवजा, जमीन के अर्जन पश्चात परिसंपत्तियों के मूल्यांकन, सर्वेक्षण , पुनर्वास के विषय पर चर्चा हुई। बैठक के दौरान के दौरान भूविस्थापितों की मांग थी कि पहले प्रबंधन की ओर से उनकी मांगों को पूरा किया जाए। पुनर्वास सहित कुछ अन्य मुद्दों पर प्रबंधन के साथ ग्रामीणों की सहमति नहीं बन पाई। इसके कारण भिलाईबाजार में बुलाई गई त्रिपक्षीय बैठक किसी नतीजे पर नहीं पहुंच पाई। बैठक समाप्त होने के बाद दोपहर लगभग डेढ़ बजे ग्रामीण व एसईसीएल के अधिकारी बैठक स्थल से बाहर निकल रहे थे, इसी दौरान एसईसीएल के एक अधिकारी शिखर सिंह चौहान का ग्रामीण आशीष पाटले के साथ विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ा कि दोनों पक्षों के बीच मारपीट की स्थिति निर्मित हो गई। इस घटना के बाद मौके पर उपस्थित ग्रामीण आक्रोशित हो गए। झूमाझटकी की स्थिति निर्मित हो गई और ग्रामीण एसईसीएल के अधिकारी के खिलाफ कार्यवाही की मांग करने लगे। इस मामले में पुलिस ने दोनों पक्षों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।

ग्रामीण आशीष पाटले ने आरोप लगाया है कि एसईसीएल अधिकारी शेखर सिंह चौहान ने ज्यादा बात करता है बोलकर गाली गलौज करते हुए मारपीट की है जिससे उसके गुप्तांग समेत शरीर के अन्य अंगों में चोट आई है।

विवाद के बाद हरदीबाजार थाना के बाहर लगी ग्रामीणों की भीड़:–

त्रिपक्षीय वार्ता विफल होने के बाद एसईसीएल अधिकारी व ग्रामीणों के बीच विवाद के मामले ने तूल पकड़ लिया। एसईसीएल के अधिकारी पर मारपीट का आरोप लगाते हुए ग्रामीण कार्यवाही की मांग करने लगे। इस घटना को लेकर बड़ी संख्या में ग्रामीण हरदी बाजार थाना के सामने एकत्रित हो गए थे। इसके कारण मौके पर गहमागहमी की स्थिति निर्मित हो गई थी। भिलाई बाजार निवासी आशीष पाटले ने अधिकारी शिखर चौहान पर बैठक से बाहर निकले के दौरान मारपीट करने आरोप लगाया । आशीष की रिपोर्ट पर पुलिस ने अधिकारी शिखर चौहान के खिलाफ एफआईआर की है। जबकि दूसरे पक्ष की ओर से शिकायत पर पुलिस ने आशीष पाटले के खिलाफ भी कार्यवाही की है। इसके बाद किसी तरह मामला शांत हुआ और ग्रामीण मौके से हटे।

तीन दिन पहले हुई थी ग्रामसभा:–

ग्राम भिलाईबाजार में भू विस्थापितों की मांगों के संबंध में 11 अक्टूबर को गांव में ग्राम सभा की बैठक भी आयोजित की गई थी। बैठक में यह तय किया गया था कि भूविस्थापितों के रोजगार, परिसंपत्तियों का मुआवजा जब तक प्रधान नहीं किया जाता तब तक एसईसीएल व प्रशासन स्तर पर ग्रामीणों की परिसंपत्तियों का सर्वेक्षण नहीं होने दिया जाएगा। ग्रामीणों ने निर्णय लिया कि अर्जन पश्चात परिसंपत्तियों के मूल्यांकन में नया, पुराना भवन में भेदभाव नहीं होना चाहिए। ग्राम के मूल निवासियों को जनगणना 2011 के अनुसार उनके परिसंपत्तियों की मुआवजा राशि का निर्धारण होना चाहिए। इसी तरह अन्य विषयों पर भी ग्रामसभा में निर्णय लिए गए थे।

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