एसपी ने की जिले के लंबित अपराध, शिकायत,मर्ग एवं कानून व्यवस्था की समीक्षा

लंबित अपराध, शिकायत, मर्ग एवं कानून व्यवस्था की समीक्षा के लिए राजपत्रित अधिकारी, थाना,चौकी एवं शाखा प्रभारियों की बैठक आयोजित
बिलासपुर/मुंगेली। पुलिस अधीक्षक मुंगेली भोजराम पटेल ने एसपी कार्यालय स्थित संवाद कक्ष में जिले की अपराध समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिले के समस्त राजपत्रित पुलिस अधिकारी, थाना एवं चौकी प्रभारी तथा पुलिस कार्यालय की विभिन्न शाखाओं के प्रभारी उपस्थित रहे।
समीक्षा बैठक के दौरान पुलिस अधीक्षक ने जिले की कानून व्यवस्था को सुदृढ़ बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। महिला एवं गुमशुदा बालक-बालिकाओं से संबंधित अपराधों, गंभीर अपराध जैसे हत्या, हत्या का प्रयास, संपत्ति संबंधी अपराध एवं पूर्व लंबित प्रकरणों पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए तथा लंबित प्रकरणों, लंबित मर्ग प्रकरणों तथा एवं साइबर हेल्पलाइन 1930 से प्राप्त साइबर फ्रॉड संबंधी शिकायतों का शीघ्र वैधानिक निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए साथ ही थानों में प्राप्त शिकायतों को 7 दिवस के भीतर तथा पूर्व लंबित शिकायतों को 15 दिवस के भीतर निराकृत करने, थाना परिसर एवं मालखाना की साफ-सफाई तथा अभिलेखों को दुरुस्त रखने के निर्देश भी दिए गए।
जिले के समस्त पर्यवेक्षण अधिकारियों को अपने-अपने थाना/चौकी क्षेत्रों में सतत निगरानी रखने, नियमित भ्रमण करने तथा लंबित प्रकरणों की निरंतर समीक्षा कर निर्धारित समयावधि में निराकरण कराने के निर्देश दिए गए।
गुमशुदा बालक-बालिकाओं की बरामदगी हेतु चलाए जा रहे ऑपरेशन मुस्कान की समीक्षा करते हुए पुलिस अधीक्षक ने कार्य में और अधिक तेजी लाने, बरामद बच्चों को सकुशल परिजनों को सौंपने एवं विधिवत कार्यवाही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए, जिससे आम जनता का पुलिस पर विश्वास और अधिक मजबूत हो सके।
बैठक के दौरान जिले में बीट प्रणाली को प्रभावी रूप से लागू करते हुए स्मार्ट पुलिसिंग पर विशेष जोर दिया गया। इसके अंतर्गत आम जनता से मानवीय दृष्टिकोण अपनाकर जुड़ने, नशे से होने वाले शारीरिक-मानसिक दुष्प्रभावों, यातायात नियमों के पालन तथा साइबर फ्रॉड से बचाव के संबंध में जागरूकता फैलाने के निर्देश दिए गए।
पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में जिले में अवैध गतिविधियों के विरुद्ध चलाए जा रहे ऑपरेशन बॉज के अंतर्गत अवैध शराब बिक्री, जुआ-सट्टा, गांजा एवं अन्य मादक पदार्थों के विरुद्ध लगातार कार्यवाही, बाउंड ओवर की कार्यवाही तथा यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ करने के निर्देश दिए गए।