एसपी बोले,डेम-नदी-झरनों से दूर रहें,हो सकता है जान का खतरा
खतरे की जद में कई इलाके प्रशासन की अपील
लापरवाही पड़ी भारी तो होगी सख्त कार्रवाई, एसडीआरएफ और एनडीआरएफ भी अलर्ट पर
बिलासपुर । जिले मानसून अब खतरे का संकेत बनता जा रहा है। लगातार बारिश से जिले के डेम, नदी, नाले और झरने उफान पर हैं। इसी को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस ने हाई अलर्ट जारी किया है। खासतौर पर बच्चों को ऐसे स्थानों से दूर रखने और युवाओं को जोखिम भरे सेल्फी ट्रेंड से बचने की अपील की गई है। प्रशासन साफ कह रहा है अब कोई चूक नहीं, वरना चुकानी पड़ेगी बड़ी कीमत।
बता दे बारिश से बिलासपुर जिले के कई जलाशयों—खुड़िया डेम, अरपा नदी, तेंदूआ डेम, खुटाघाट, मल्हार क्षेत्र के झरनों और आउटर इलाकों का जलस्तर तेजी से बढ़ा है। नदियों और झरनों में पानी की धार इतनी तेज है कि आसपास खड़े रहना भी खतरे से खाली नहीं। बावजूद इसके कुछ लोग जोखिम उठाकर इन जगहों पर सेल्फी या पिकनिक के लिए पहुंच रहे हैं, जिससे हादसे की आशंका बढ़ गई है।एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें सतर्क हैं। संवेदनशील इलाकों में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है। बाढ़ जैसी स्थिति से निपटने के लिए कंट्रोल रूम सक्रिय कर दिया गया है। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि अगर कोई व्यक्ति प्रतिबंधित क्षेत्रों में पाया गया या सुरक्षा निर्देशों का उल्लंघन करते हुए नजर आया, तो उसके खिलाफ तत्काल कानूनी कार्रवाई की जाएगी
बिलासपुर पुलिस ने यह भी कहा है कि पिछले कुछ वर्षों में ऐसे ही मानसूनी लापरवाही से कई दर्दनाक हादसे सामने आ चुके हैं। इस बार चेतावनी समय रहते दी गई है अब जिम्मेदारी आम जनता की है कि वह सजग रहे और प्रशासन के निर्देशों का पालन करे।बारिश की फुहार अगर ज़िंदगी को राहत देती है तो उसकी लापरवाही जानलेवा भी हो सकती है। वक्त रहते सावधान रहें, अपनों को समझाएं, और ज़िम्मेदार नागरिक बनकर इस मौसम को सुरक्षित और सुकूनदायक बनाएं।
वर्जन
बारिश का मौसम जितना सुंदर दिखता है, उतना खतरनाक भी हो सकता है। सभी नागरिकों से निवेदन है कि ऐसे समय में डेम, नदी, नालों और ऊंचाई वाले झरनों की तरफ न जाएं। बच्चों को नजदीक न जाने दें, नशे की हालत में वाहन न चलाएं, और तेज बहाव वाले इलाकों में न उतरें।
रजनेश सिंह,
एसएसपी बिलासपुर