पुलिस से बचने के लिए भागते हुए कुंए में गिरकर जुआरी की मौत और थाने में हुए हंगामे को लेकर होगी जांच, एडीएम की अध्यक्षता में बनाई गई जांच टीम, जांच के आदेश जारी
रायपुर।पुलिस की रेड से बचकर भाग रहे एक जुआरी की कुंए में गिरकर मौत हो गई थी। मौत के बाद आक्रोशित ग्रामीणों की भीड़ ने थाने में पथराव और तोड़फोड़ कर दी। मामले में कलेक्टर ने एडिशनल कलेक्टर की अध्यक्षता में जांच टीम बनाई है,जो एक माह में चार बिंदुओं पर जांच कर रिपोर्ट देगी।
सूरजपुर जिले के जयनगर थाना क्षेत्र में हुए की रेड के दौरान भागते हुए एक जुआरी कुएं में गिर गया था। जिसमें उसकी मौत हो गई थी। वही घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने थाने में घुसकर जमकर तोड़फोड़ करते हुए हंगामा मचाया। पथराव भी किया,जिसमें पुलिस के कई अधिकारी कर्मचारी घायल हो गए। किसी तरह लाठीचार्ज कर स्थिति नियंत्रित की जा सकी। वहीं घटना के दूसरे दिन भी ग्रामीण नेशनल हाईवे जाम कर दिया था। किसी तरह समझाइश के बाद ग्रामीण माने। अब इस मामले में कलेक्टर एस जयवर्धन ने इंक्वारी के आदेश दिए हैं। एडिशनल कलेक्टर जगन्नाथ वर्मा की अध्यक्षता में जांच टीम बनाई गई है।
जयनगर थाना क्षेत्र के कुंज नगर में पुलिस को जुआ की सूचना मिली थी। जिसके बाद पुलिस की टीम रेड मारने पहुंची थी। पुलिस टीम को जुआरी भागने लगे। भागने के दौरान एक जुआरी कुएं में गिर गया और उसकी डूब कर मौत हो गई। घटना की जानकारी लगते ही ग्रामीणों की भीड़ ने जयनगर थाने का घेराव कर दिया। ग्रामीणों की भीड़ ने थाने में घुसकर तोड़फोड़ कर दी। सैकड़ो की संख्या में आए ग्रामीणों ने थाना परिसर में तोड़फोड़ कर दरवाजे खिड़कियां कुर्सियां और वाहनों में तोड़फोड़ कर दी। माहौल बेहद तनावपूर्ण हो गया। पुलिसकर्मियों से भी झुमाझटकी की गई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को लाठीचार्ज करना पड़ा।
लाठी चार्ज के बाद ग्रामीणों को थाने से बाहर धकेल थाने का शटर खींच ताला लगा दिया गया। इसके बाद ग्रामीणों ने थाना के बाहर से थाने में पथराव कर दिया। बाहर खड़े होकर ग्रामीण थाने में पत्थर चला रहे थे। जिसमें कुछ पुलिसकर्मी भी घायल हो गए। सड़क पर ग्रामीण देर रात तक प्रदर्शन करते रहे। मिली जानकारी के अनुसार ग्रामीणों ने थाना परिसर में भी आतिशबाजी की। थाने के सामने सड़क जामकर ग्रामीण हंगामा
मचाते रहे।
पथराव में एडिशनल एसपी संतोष महतो,एसडीओपी अभिषेक पैकरा, जयनगर थाना प्रभास रूपेश कुंतल, करंजी चौकी प्रभारी संतोष सिंह और एक महिला और पुरुष आरक्षक घायल हो गए।
मृतक की पहचान कुंजनगर झारपारा निवासी 21 वर्षीय बाबूलाल राजवाड़े पिता चंद्रकेश्वर राजवाड़े के रूप में हुई। वह भागने के दौरान सड़क किनारे स्थित कृष्णपाल राजवाड़े के कुएं में गिर गया, इससे उसकी मौत हो गई।
वहीं घटना के दूसरे दिन दीपावली को थाने को छावनी बना दिया गया। पुलिस और प्रशासन के आला अधिकारियों ने थाने पहुंच ग्रामीणों और परिजनों को समझाइश दे चक्काजाम खत्म करवाया और शव को कुएं से निकलवाया। मामले में अज्ञात लोगों के खिलाफ थाने में तोड़फोड़ करने और हमला करने का अपराध भी दर्ज किया गया है। सीसीटीवी देख कर आरोपियों की शिनाख्ति की जाएगी।
मामले में पहले ग्रामीणों ने शव। नहीं निकालने दिया। पर किसी तरह जब उन्हें समझाइश देकर शव निकाला गया तो फिर से थाने के सामने नेशनल हाईवे क्रमांक 43 में शव रखकर प्रदर्शन शुरू कर दिया। मौके पर पहुंची एसडीएम शिवानी जायसवाल तथा अन्य अफसरों ने किसी तरह ग्रामीणों को समझाइश दी और घटना की निष्पक्ष जांच करवा कर कार्यवाही का आश्वासन दिया, तब कही ग्रामीणों ने चक्काजाम खत्म किया और शव को पीएम के लिए भेजा। सूरजपुर एसडीएम शिवानी जायसवाल ने तत्काल मृतक के परिवार को परिवार सहायता राशि का चेक भी प्रदान किया।
वही कलेक्टर एस जयवर्धन ने मामले की जांच के लिए एडिशनल कलेक्टर जगन्नाथ वर्मा की अध्यक्षता में जांच टीम बनाई है। जिसमें प्रशासनिक के अलावा पुलिस अधिकारी भी शामिल है। जो घटनास्थल का दौरा कर मृतक के परिवार, परिजनों और प्रत्यक्षदर्शियों का बयान दर्ज करेगी। एक माह में टीम को जांच रिपोर्ट देना होगा।
इन चार बिंदुओं पर जांच:–
मृतक बाबूलाल राजवाड़े की मौत कब, कैसे और कहां हुई?
घटना के लिए जिन पुलिसकर्मियों पर ग्रामीणों और परिवार ने आरोप लगाए हैं, क्या वे सही हैं और कौन दोषी है?
भविष्य में इस तरह की घटना दोबारा न हो, इसके लिए क्या उपाय किए जा सकते हैं?
जांच के दौरान सामने आए अन्य महत्वपूर्ण तथ्यों का उल्लेख।