कलेक्टर ने कसी नकेल, स्कूली छात्रों की सुरक्षा पर सख्त आदेश जारी

बिलासपुर। जीपीएम। जिले में स्कूली छात्रों की जान पर मंडरा रहे खतरे को देखते हुए कलेक्टर ने एक सख्त कदम उठाया है। एक हालिया समीक्षा बैठक में सामने आई लापरवाही के बाद कलेक्टर कार्यालय ने सभी स्कूलों के प्राचार्यों को ताबड़तोड़ निर्देश जारी किए हैं। अब से स्कूल परिसर में छात्रों के बाइक चलाने और निजी बसों के संचालन को लेकर कोई भी कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
जान जोखिम में डालना महंगा पड़ेगा: दोपहिया वाहनों पर लगाम
स्वामी आत्मानंद स्कूल पेंड्रा में हुई समीक्षा बैठक के दौरान यह पाया गया कि छात्र बिना हेलमेट के तीन सवारी बाइक चलाकर अपनी और दूसरों की जिंदगी खतरे में डाल रहे हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए कलेक्टर ने तुरंत कार्रवाई के आदेश दिए हैं। अब हर स्कूल के प्रिंसिपल को यह सुनिश्चित करना होगा कि:
बिना लाइसेंस गाड़ी नहीं: जो छात्र बाइक से स्कूल आते हैं, उन्हें अपना ड्राइविंग लाइसेंस दिखाना होगा। बिना लाइसेंस के गाड़ी लाने पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अभिभावकों की सहमति:
छात्रों को अपने माता-पिता से लिखित सहमति पत्र भी लाना होगा।
हेलमेट अनिवार्य: हर छात्र के लिए हेलमेट पहनना जरूरी होगा।
पार्किंग में,स्कूल परिसर में बाइकें एक निर्धारित जगह पर व्यवस्थित तरीके से खड़ी की जाएंगी, ताकि किसी भी तरह की दुर्घटना न हो।
स्कूल बसें भी रडार पर: लापरवाही की अब कोई गुंजाइश नहीं
कलेक्टर ने सिर्फ छात्रों पर ही नहीं, बल्कि निजी स्कूलों द्वारा संचालित की जाने वाली बसों और उनके ड्राइवरों पर भी अपनी नजर टेढ़ी कर ली है। आदेश में साफ कहा गया है कि कागजात पूरे होने चाहिए: सभी निजी स्कूलों को यह सुनिश्चित करना होगा कि उनकी बसों के ड्राइवरों के पास लाइसेंस और सभी वाहन दस्तावेज उपलब्ध हों। इन सभी की फोटोकॉपी स्कूल में जमा करनी होगी।
सुरक्षित सफर जरूरी: ड्राइवरों को सख्त हिदायत दी गई है कि वे ओवर स्पीडिंग न करें और गाड़ी चलाते समय
मोबाइल फोन का इस्तेमाल बिलकुल न करें। बच्चे सुरक्षित रहें, अब हर बस में एक शिक्षक की ड्यूटी लगेगी, जो यह देखेगा कि बच्चे खिड़की से हाथ या सिर बाहर न निकालें। कलेक्टर ने साफ कर दिया है कि इन निर्देशों का पालन न करने वाले स्कूलों के खिलाफ कड़े कदम उठाए जाएंगे। इस आदेश को छात्रों की सुरक्षा के लिए एक बड़ा और जरूरी कदम माना जा रहा है।