कलेक्टर ने दी ‘उल्लास’ कार्यक्रम को नई रफ्तार: लक्ष्य पूरा करने के लिए सख्त निर्देश जारी.
गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही। जिले में शिक्षा और साक्षरता की अलख जगाने के लिए कलेक्टर ने एक बड़ी मुहिम छेड़ दी है। कलेक्टर एवं जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण ने ‘उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम’ के तहत असाक्षरों और स्वयंसेवी शिक्षकों के सर्वे कार्य को जल्द से जल्द पूरा करने के लिए कड़े निर्देश जारी किए हैं। यह निर्देश साफ संकेत देते हैं कि जिले में शिक्षा को लेकर कोई ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत चल रहे इस महत्वाकांक्षी कार्यक्रम का सीधा लक्ष्य 15 साल से अधिक उम्र के उन लोगों को मुख्यधारा से जोड़ना है जो अब तक निरक्षर हैं। इन सभी को बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान (FLN) देकर उन्हें सितंबर 2025 और मार्च 2026 में होने वाली ‘एफएलएनएटी’ (FLNAT) परीक्षा के लिए तैयार किया जाएगा।
लक्षित कार्य, निर्णायक कदम
अब तक, जिले में 27,610 असाक्षरों का डेटा पोर्टल पर दर्ज हो चुका है। इनमें से 14,390 ने महापरीक्षा में हिस्सा लिया है और सफल भी हुए हैं, जिनके प्रमाण पत्र भी पोर्टल पर अपलोड हो चुके हैं। लेकिन असली चुनौती अब सामने है।
कलेक्टर ने शेष बचे 12,337 असाक्षरों के सर्वे और उनकी ऑनलाइन एंट्री का काम एक मिशन की तरह पूरा करने का निर्देश दिया है। यह काम जिले के तीनों विकासखंडों – गौरेला, पेण्ड्रा और मरवाही के 168 पंचायतों और 3 नगरीय निकायों में ग्राम प्रभारी शिक्षकों के जिम्मे होगा।
विकासखंडों के लिए स्पष्ट लक्ष्य
कलेक्टर ने हर विकासखंड के लिए एक-एक लक्ष्य निर्धारित किया है, जिससे काम में पारदर्शिता और जवाबदेही बनी रहे।
गौरेला: 4,868 असाक्षरों और 1,400 स्वयंसेवी शिक्षकों का सर्वे।
पेण्ड्रा: 1,607 असाक्षरों और 900 स्वयंसेवी शिक्षकों का सर्वे।
मरवाही: 5,862 असाक्षरों और 1,700 स्वयंसेवी शिक्षकों का सर्वे।
कलेक्टर ने दो टूक कहा है कि संकुल शैक्षिक समन्वयकों के माध्यम से ग्राम प्रभारी शिक्षकों की नियुक्ति कर 25 अगस्त, 2025 तक मोबाइल ‘उल्लास ऐप’ के जरिए सर्वे का काम हर हाल में पूरा किया जाए। साथ ही, स्वयंसेवी शिक्षकों की जानकारी भी तुरंत भेजनी होगी। यह कदम जिले को साक्षरता के शिखर पर ले जाने की दिशा में एक बड़ा और निर्णायक प्रयास है।