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महिलाएं बोली,113 परिवारों का घर तोड़कर काम्प्लेक्स और गार्डन बनाने की तैयारी

बिलासपुर।नगर निगम के वार्ड नंबर 52 लिंगियाडीह में निगम प्रशासन की मनमानी के खिलाफ लिंगियाडीह के  नागरिकों ने मोर्चा खोल दिया है। तोड़ फोड की कार्रवाई से प्रभावित 113 परिवार की महिलाए और आम नागरिक पिछले कई दिनों से लगातार धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं पर नगर  निगम प्रशासन के कानों में जूं तक नहीं रेंग रहा है।जिसके कारण दिनों दिन धरना प्रदर्शन में।माहौल गर्माता जा रहा है।

लिंगियाडीह वार्ड में रहने वाले 113 गरीब परिवार के लोगो को अब खुद का घर बचाने के लिए जद्दोजहद करना पड़ रहा है।नगर निगम ने जब से नोटिस जारी करके फरमान जारी किया है कि घर टूटेगा और खाली जगह पर गार्डन और कामर्शियल कॉम्प्लेक्स
बनेगा तब से हड़कंप मचा हुआ है यही कारण है कि लिंगियाडीह की महिलाएं सड़क पर उतरकर अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन कर रही है।
दरअसल महिलाओं का कहना है कि यह लड़ाई हक की लड़ाई है जिसमें गरीबों के मकानों को बेवजह तोड़ना चाहते है।
जबकि वर्षों से रहकर जीवन यापन कर रहे है उसके बाद भी निगम ने नोटिस जारी करके  घर
से बेघर करना चाह रही है।महिलाओं का कहना है कि सडक।चौड़ीकरण के नाम पर काम करना शुरू किया गया और उसके बाद धोखा देकर अब घर की तरफ नज़रे करके घर तोड़ने की योजना बना रहे है।जिसके कारण पूरे लोग परेशान है।महिलाओं का कहना है कि घर टूटेगा तो जाएंगे कहा और रहेंगे कहा,इसकी चिंता किसी को नहीं हैं।
इसलिए अपने घर को बचाने के लिए सड़क पर उतरकर अनिश्चितकालीन आंदोलन करने की सोच लिए है और इसके लिए किसी को अपनी जान देनी पड़े और आत्मदाह भी करना पड़े तो करेंगे।

*कांग्रेस पार्षद के घर को भी नहीं छोड़ा*

सत्ताधारी दल के लोगों ने हैवानियत की हद पार करते हुए वार्ड पार्षद के घर को भी नहीं छोडा है। पार्षद दिलीप पाटिल के मकान के सामने के हिस्से को भी जमींदोज कर दिया गया है।

*नाराज महिलाएं बोली,जान दे देंगे लेकिन घर नहीं देंगे*

वार्ड के नागरिक किसी भी हाल में अपना घर छोडने को तैयार नहीं है। सबसे बडा सवाल यह उठता है की क्या 113 परिवारों का बसा बसाया घर उजाडकर व्यवसायिक काम्प्लेक्स और गार्डन बनाना इतना जरूरी है।

*महिलाएं बोली,चहेते ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने के लिए यह सारी कवायद चल रही*

आम जनता का साफ कहना है की क्षेत्र के भाजपा विधायक के चहेते लोगों और ठेकेदारों को लाभ पहुंचाने के लिए यह सारी कवायद चल रही है। जिसका खामियाजा आने वाले चुनाव में भाजपा और उसके विधायक को भुगतना पडेगा। अभी भी समय रहते यहां के गरीब और निर्दोष नागरिकों को यथावत रहने दिया जाए तो शहर के इस इलाके को आंदोलन मुक्त बनाया जा सकता है अन्यथा हालात बेकाबू होने पर सारी जिम्मेदारी निगम प्रशासन की होगी ।

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