चावल,शक्कर और नमक को हेरा-फेरी करने वाले आरोपी गिरफ्तार

2 आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है जेल
बिलासपुर। शासकीय राशन दुकान में हेराफेरी करने वाले दो आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।
राशन दुकान संचालक ने नमक,शक्कर और चांवल में हेरफेरी की थी।जिसमें कलेक्टर के निर्देश पर एफआईआर दर्ज किया गया है।
मस्तूरी पुलिस ने बताया कि प्रार्थिया गोधूलि वर्मा ने थाना में रिपोर्ट दर्ज कराया सेवा सहकारी समिति मस्तुरी आईडी न 402002001 का संचालक मनोज रात्रे पिता चरण लाल रात्रे मस्तुरी और विक्रेता मनीराम कुर्रे पिता स्व मेला राम कुरें राशन बिक्री करने के लिए 1 अप्रैल 2024 को चावल 303 क्विंटल दिया गया था एवं शक्कर 853 केजी एवं नमक 646 केजी आनलाईन के माध्यम से खाद्यान्न वितरण के लिए दिया गया था जिसकी जांच खाद्य निरीक्षक ललिता शर्मा ने अपनी टीम के साथ 22 अगस्त 2024 को किया था। जिसकी सूचना उन्होंने प्रतिवेदन बनकर कलेक्टर और खाद्य शाखा बिलासपुर को 27 अगस्त को भेज दिया था । जिसकी जांच बारीकी से की गई।कलेक्टर के निर्देश पर हुई जांच में भयंकर लापरवाही पाई गई।इसमें खुद कलेक्टर ने देखा कि अनियमितता बरती गई है।इसलिए इसमें फूड अफसरों को सबसे पहले अटैच किया उसके बाद इसमें लापरवाही बरतने वाले और गरीबों का राशन डकारने वाले प्रबंधक पर एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश एडीएम को दिए। एसडीएम के निर्देश पर सेवा सहकारी समिति मस्तुरी के प्रबंधक मनोज रात्रे और विक्रेता मनीराम कुर्रे के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर गिरफ्तार किया गया है।
थाना प्रभारी बोले,राशन दुकान संचालकों ने नमक, शक्कर,चांवल और अन्य पर की थी कालाबाजारी
मस्तूरी पुलिस ने बताया कि सेवा सहकारी समिति के प्रबंधक मनोज रात्रे एव विक्रेता मनीराम कुर्रे ने चावल 30.50 एवं शक्कर 12.30 तथा नमक 14.50 मिला जिसमें से चावल 272.50 क्विटल कम् शक्कर 377 क्विटल अधिक एवं रिफाइण्ड नमक 8.04 क्विटल अधिक पाया गया है। जिन्होने फर्जी तरीके से गरीबों से साइन करवाकर राशन देने का उल्लेख कर देते थे।
एसडीएम बोले,राशन दुकान संचालकों की मिली थी शिकायत
मस्तूरी एसडीएम ने बताया कि राशन दुकान संचालक की शिकायत मिली थी जिसकी जांच की गई और जांच में खुलासा हुआ कि गरीबों के राशन पर संचालक ने कब्जा कर लिया है।फर्जी तरीके से अंगूठा लगवाकर तो कभी साइन करवाकर राशन की बिक्री करना दर्शा दिया जाता था।इतना ही नहीं इतनी ज्यादा हेराफेरी की थी कि जांच में पूरी तरह से पकड़ा गया।तब कलेक्टर के निर्देश पर एफआईआर किया गया है।