किसान को आत्महत्या करने पर मजबूर करने वाला सूदखोर गिरफ्तार

कर्ज प्रताड़ना से तंग आकर किसान ने की थी आत्महत्या
बिलासपुर । लगातार दो दिनों तक सूदखोर के पैसा मांगने और धमकी देने से क्षुब्ध किसान ने मौत को गले लगा लिया। पुलिस को परिजनों ने आंखों देखा और कानों सुना बताया कि धमकी देते हुए सूदखोर बोला था कि पैसा नहीं दूंगा तो उठा कर ले जाऊंगा जान से मार दूंगा तू जा नहीं है मेरे।
सकरी पुलिस ने बताया कि किसान आत्महत्या मामले में आरोपी सूदखोर ज्वाला खांडे को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। किसान की आत्महत्या के पीछे सूदखोर की प्रताड़ना ही मुख्य कारण है। पुलिस ने कर्जा एक्ट के तहत कारवाई की है …
बता दे आरोपी ज्वाला खांडे ने कर्ज के एवज में किसान को लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया था। जिससे तंग आकर किसान ने यह कठोर कदम उठाया। मामले में किसान का लिखा हुआ सुसाइड नोट भी सामने आया है,जिसमें सूदखोर की प्रताड़ना का खुलासा हुआ है। इस नोट के आधार पर सकरी पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कर्जा एक्ट और आत्महत्या के लिए उकसाने की धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है।पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में लिया और मामले की जांच शुरू कर दी है।
पुलिस को परिजनों ने बताया कि सूदखोर दो दिनों तक धमकी दिया था,बोला था जान से मार दूंगा और उठा कर ले जाऊंगा,तू जानता नहीं है मुझे
सूत्र बता रहे है पुलिस के पास परिजनों ने अपने आंखों से देखा और कानों से सुनी हुई पूरी बात बताई है।इसमें परिजनों ने बताया है कि सूदखोर जब 15 और16 जनवरी को किसान के पास पहुंचा तो जोर जोर से चिल्ला कर बात करते हुए बोला कि पैसा नहीं दिया तो तेरा पर्ची नहीं दूंगा और तू मुझे जानता नहीं है जान से मार दूंगा तेरे को,इतना सुनकर किसान मारे डरे सहमे इतना डर गया कि खेत में जाकर मौत को गले लगा लिया।और अपनी जिंदगी समाप्त कर ली।
आरोपी को कर्जा एक्ट और आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला किया दर्ज
पुलिस ने बताया कि आरोपी कर्जदार को पैसा देने के लिए इतना ज्यादा प्रताड़ित किया की आखिरकार उसे मौत को गले लगाना पड़ा।जबकि मृतक ने आत्महत्या करने के पहले सुसाइट नोट लिखा था जिसमें उसने पैसा देने का उल्लेख किया है।इसमें मृतक ने 40+40+10 करके लिखा हुआ था।
42 हजार में अपनी जमीन को रखा था गिरवी,बदले में दिया 90 हजार
पुलिस ने बताया कि मृतक आरोपी सुदखोर के पास अपनी जमीन को 42 हजार में गिरवी रखा था और इसके बदले में वह 90 हजार रुपए दे चुका था।इसके बाद भी आरोपी उससे और पैसा मांग रहा था।जिसके कारण वह मानसिक और शारीरिक रूप से परेशान था।
किसानो के लिए कर्जा लेना बना मुसीबत
किसान समुदाय के लिए कर्जा लेना गहरी चिंता का विषय बन चुका है। जहां कर्ज और सूदखोरी से जुड़े शोषण के कारण किसान अपनी जान देने पर मजबूर हो रहे हैं। अगर यही हाल रहा तो कर्जदार किसानों के पास आत्महत्या करने के अलावा और रास्ता नहीं बचेगा ।