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कोनी कुक्कुट क्षेत्र में बर्ड फ्लू नियंत्रण के बाद सैनिटाइजेशन प्रमाण-पत्र जारी, चरणबद्ध निगरानी जारी
बिलासपुर में बर्ड फ्लू पर काबू, 3 माह तक सख्ती बरकरार
बिलासपुर, / जिले के कोनी स्थित शासकीय कुक्कुट पालन क्षेत्र में बर्ड फ्लू (H5N1) संक्रमण की पुष्टि के बाद की गई व्यापक कार्रवाई और सैनिटाइजेशन प्रक्रिया पूर्ण होने पर प्रशासन ने संबंधित क्षेत्र के लिए सैनिटाइजेशन प्रमाण-पत्र जारी कर दिया है। हालांकि, संक्रमण की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आगामी तीन माह तक सख्त निगरानी और प्रतिबंध जारी रहेंगे।
संयुक्त संचालक, पशु चिकित्सा सेवाएं, डॉक्टर जीएसएस तंवर द्वारा ने बताया कि कोनी स्थित शासकीय कुक्कुट पालन क्षेत्र में निशाद भोपाल द्वारा पक्षियों की जांच के बाद बर्ड फ्लू संक्रमण की पुष्टि हुई थी। इसके पश्चात संचालक, पशु चिकित्सा सेवाएं, रायपुर के निर्देशानुसार प्रभावित क्षेत्र में त्वरित कार्रवाई करते हुए पोल्ट्री फार्म को पूर्णतः खाली कराया गया।संक्रमित क्षेत्र में मौजूद पक्षियों, अंडों, दाना एवं अन्य सामग्री का वैज्ञानिक तरीके से नष्ट किया गया। इसके साथ ही पूरे क्षेत्र में 4 प्रतिशत फॉर्मेलिन एवं सोडियम हाइपोक्लोराइट से व्यापक सैनिटाइजेशन और डिसइन्फेक्शन कार्य किया गया, जिससे संक्रमण के प्रसार को प्रभावी रूप से रोका जा सके।
निर्धारित मानकों के अनुसार सभी प्रक्रियाएं पूर्ण करने के बाद संबंधित क्षेत्र को सैनिटाइज घोषित करते हुए प्रमाण-पत्र जारी किया गया है। अब क्षेत्र में पोस्ट ऑपरेशन सर्विलांस प्लान (POSP) के तहत लगातार निगरानी की जाएगी। इसके अंतर्गत प्रत्येक 15 दिनों में नमूना परीक्षण किया जाएगा और चार चरणों तक निगेटिव रिपोर्ट आने के बाद ही क्षेत्र को पूर्णतः सुरक्षित माना जाएगा।डॉक्टर तंवर ने स्पष्ट किया है कि सर्विलांस जोन के भीतर और 10 किलोमीटर की परिधि में पक्षियों एवं उनके उत्पादों के परिवहन पर सख्त प्रतिबंध रहेगा। वहीं, संक्रमित केंद्र (0-1 किमी क्षेत्र) में कम से कम तीन माह तक पोल्ट्री पालन और विक्रय पर पूर्ण रोक लागू रहेगी। पशुपालन विभाग ने जिले के सभी कुक्कुट पालकों से अपील की है कि वे केंद्र सरकार द्वारा जारी एसओपी का कड़ाई से पालन करें तथा पक्षियों की असामान्य मृत्यु की सूचना तत्काल विभाग को दें। प्रशासन द्वारा उठाए गए इन कदमों से जहां एक ओर संक्रमण पर नियंत्रण पाया गया है, वहीं दूसरी ओर भविष्य में किसी भी प्रकार की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त सतर्कता बरती जा रही है। उन्होंने मृत्यु की सूचना विभाग को देने की अपील की है ताकि गभीर बीमारी का पता लगाया जा सके।