क्रिसमस से पहले बड़ी गुहार,ईसाई समुदाय ने मांगी सुरक्षा और परमिशन

जनदर्शन में उमड़ा ईसाई समुदाय, चर्च खुलवाने और सुरक्षा की मांग
क्रिसमस पर सुरक्षा चाहिए,बिलासपुर में इसाई समुदाय ने दिया आवेदन
बिलासपुर । जनदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में भारतीय मूल निवासी ईसाई समुदाय के लोग कलेक्टर कार्यालय पहुँचे। उनकी मुख्य मांग थी।25 दिसंबर को होने वाले क्रिसमस पर्व के कार्यक्रमों के लिए अनुमति और त्योहार के दिन पूर्ण सुरक्षा व्यवस्था। बड़ी तादाद में पहुंचे लोगों ने प्रशासन के सामने अपनी चिंताएँ और हालात स्पष्ट रूप से रखे।
दरअसल ईसाई समुदाय के लोगों ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि पिछले दिनों उनके कुछ छोटे-बड़े चर्चों में तनाव की स्थिति पैदा हो गई थी। उनका आरोप है कि कुछ बाहरी लोगों ने वहाँ पहुँचकर विवाद किया, मारपीट की और प्रार्थना सभाओं को रुकवा दिया। इसके चलते कई चर्चों में नियमित प्रार्थना बंद हो गई है और समुदाय के लोगों में डर और असुरक्षा की भावना पैदा हो गई है।इसी स्थिति को देखते हुए आज ईसाई समुदाय के लोग कलेक्टर और पुलिस कप्तान से मिलने आए। उन्होंने आवेदन देकर माँग की कि चर्चों को पुनः खुलवाया जाए,त्योहार के दिन सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए,प्रार्थना कार्यक्रम बिना बाधा और भय के संपन्न होंसमुदाय के प्रतिनिधियों ने कहा कि क्रिसमस उनका सबसे बड़ा और पवित्र पर्व है। ऐसे में किसी भी तरह का तनाव या अवरोध ना हो, इसकी जिम्मेदारी प्रशासन को लेनी चाहिए। उनका कहना था—हम शांतिप्रिय लोग हैं, बस अपने धार्मिक कार्यक्रम स्वतंत्र रूप से करना चाहते हैं। इस पुरे मुद्दे पर कलेक्टर संजय अग्रवाल ने भी स्पष्ट प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि समुदाय द्वारा जो आवेदन दिया गया है, उसका परीक्षण किया जा रहा है और नियमों के तहत उन्हें परमिशन दी जाएगी। कलेक्टर ने यह भी भरोसा दिलाया कि प्रशासन त्योहार के दौरान सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पूरी तरह सजग रहेगा। समुदाय की उम्मीद अब प्रशासन से है, और क्रिसमस के शांतिपूर्ण आयोजन के लिए जल्द ही सभी तैयारियाँ पूरी होने की संभावना है।क्रिसमस की तैयारी समुदाय की सुरक्षा और अनुमति की मांग प्रशासन तक पहुँची।इस अवसर पर बड़ी संख्या में ईसाई समुदाय के लोग मौजूद रहे।