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रिटायर होकर भी फायर,बिलासपुर में 31 शिक्षक मुफ्त में पढ़ाने मैदान में उतरे…

बच्चों के भविष्य के लिए समर्पणसेवानिवृत्त शिक्षकों ने थामा स्कूलों का जिम्मा….

न मनदेय,न शर्त… रिटायर शिक्षक बनेंगे बच्चों की नई उम्मीद…

बिलासपुर ।छत्तीसगढ़ में 2025 को मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान वर्ष के रूप में मनाया जा रहा है। इसी अभियान को मजबूती देने के लिए बिलासपुर जिले में एक अनोखी और बेहद प्रेरक पहल शुरू हुई है। यहां कई सरकारी स्कूलों में छात्रों की तुलना में शिक्षकों की भारी कमी है।27 बच्चों के पीछे सिर्फ एक शिक्षक ऊपर से सत्र के बीच में ही कई शिक्षक रिटायर भी हो रहे हैं।
ऐसे में जिला प्रशासन ने एक नया कदम उठाया है। कलेक्टर संजय अग्रवाल की अपील पर जिले के 31 सेवानिवृत्त शिक्षक और व्याख्याता बच्चों को निःशुल्क पढ़ाने के लिए आगे आए हैं। ये सभी शिक्षक बिना किसी मानदेय, सिर्फ बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए अपनी सेवाएं दे रहे हैं। जिला शिक्षा अधिकारी ने इन्हें उनकी पसंद और सुविधा के अनुसार निवास के करीब के स्कूलों में पोस्टिंग भी दे दी है।कई रिटायर शिक्षक तो खुद कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर यह इच्छा भी जाहिर कर चुके हैं कि वे सत्र के अंत तक नहीं, बल्कि जब तक जरूरत हो, बच्चों को पढ़ाते रहना चाहते हैं। यह जज़्बा जिले के शिक्षा अभियान को एक नई ताकत दे रहा है।जिला प्रशासन ने घोषणा की है कि सत्र के अंत में इन सभी सम्माननीय शिक्षकों को कलेक्टर द्वारा प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा।90 प्लस मिशन के संचालन में भी इन अनुभवी शिक्षकों का योगदान स्कूलों को बड़ा सहारा दे रहा है।यह प्रयास साबित कर रहा है कि अगर नीयत मजबूत हो और जज़्बा सच्चा तो शिक्षा की रोशनी फैलाने से कोई नहीं रोक सकता। बिलासपुर में शिक्षा का यह नया मॉडल पूरे प्रदेश के लिए मिसाल बनता जा रहा है।

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