गुरु घासीदास विश्वविद्यालय में छात्र की मौत के विरोध में NSUI का उग्र लेकिन शांतिपूर्ण घेराव, प्रशासन को सौंपा ज्ञापन

बिलासपुर।भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) द्वारा गुरु घासीदास विश्वविद्यालय, बिलासपुर में एक छात्र की दुखद मृत्यु के विरोध में जोरदार प्रदर्शन और घेराव कार्यक्रम आयोजित किया गया।
यह आंदोलन NSUI छत्तीसगढ़ के प्रदेश उपाध्यक्ष लक्की मिश्रा के नेतृत्व में संपन्न हुआ, जिसमें सैकड़ों की संख्या में NSUI के कार्यकर्ता एवं छात्र शामिल हुए।

आक्रोशित छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन की लापरवाही को लेकर ज़ोरदार नारेबाज़ी की —
“कुलपति इस्तीफा दो!
“लापरवाह प्रशासन मुर्दाबाद!”
“छात्र को न्याय दिलाओ, दोषियों को सज़ा दो!”
लंबी नारेबाज़ी और शांतिपूर्ण प्रदर्शन के पश्चात NSUI प्रतिनिधिमंडल ने एसडीएम के प्रतिनिधि तहसीलदार के माध्यम से जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा, जिसमें विश्वविद्यालय प्रबंधन पर कार्रवाई की माँग की गई।

लक्की मिश्रा, प्रदेश उपाध्यक्ष NSUI छत्तीसगढ़ ने कहा —
“इस मामले की विशेष जांच टीम (Special Investigation Team – SIT) गठित की जाए और दोषियों पर जल्द से जल्द कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए। विश्वविद्यालय की सुरक्षा अधिकारी सीमा राय, जिनकी लापरवाही से यह दर्दनाक घटना घटी है, उनसे तत्काल प्रभाव से इस्तीफा लिया जाए। यदि प्रशासन ने जल्द कदम नहीं उठाए, तो NSUI मृत छात्र अर्सलान अंसारी को न्याय दिलाने के लिए उग्र आंदोलन करने को बाध्य होगी।

आंदोलन के दौरान NSUI कार्यकर्ताओं ने “कुलपति इस्तीफा दो” लिखे पोस्टर और बैनर थामे हुए अपनी आवाज़ बुलंद की। संपूर्ण प्रदर्शन जोश और अनुशासन के साथ शांतिपूर्वक संपन्न हुआ।

इस आंदोलन में प्रमुख रूप से
NSUI प्रदेश उपाध्यक्ष लक्की मिश्रा,प्रदेश सचिव रंजेश सिंह ,विवेक साहू, प्रदेश सचिव राजा रावत ,पुष्पराज साहू,सार्थक मिश्रा ,अनिमेष ग्वाल,सुमित सूर्यवंशी,उमर अहमद,फरहान खान,ऋतिक मिश्रा,ओमप्रकाश मानिकपुरी,रोशन अहीरवार,जय ठाकुर समेत सैकड़ो कार्यकर्ता उपस्थित रहे

तथा सैकड़ों की संख्या में छात्र और NSUI कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का उद्देश्य स्पष्ट था — विश्वविद्यालय प्रशासन की जवाबदेही तय कराना, दोषियों को सज़ा दिलाना, और भविष्य में ऐसी कोई लापरवाही दोबारा न हो, इसके लिए मजबूत सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित कराना।
अंत में NSUI पदाधिकारियों ने कहा कि यह आंदोलन छात्र न्याय की दिशा में एक निर्णायक कदम है और संगठन हर स्तर पर छात्र हित की लड़ाई जारी रखेगा।