गोली की आवाज से दहला सरकंडा थाना, आरक्षक सस्पेंड….
बिलासपुर।सरकंडा थाने में पदस्थ आरक्षक नवल तिवारी ने ड्यूटी बदलने के दौरान मैग्जीन निकाले बगैर ही राइफल का ट्रिगर दबा दिया, जिससे एसएलआर राइफल से निकली गोली थाने में लगे पंखे की ब्लेड से लगते हुए छत में घुस गई। बंदूक से चली गोली की आवाज से थाना थर्रा उठा और पुलिस अधिकारी व कर्मचारी थाने से बाहर आ गए। इस दौरान कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई। एसएसपी ने लापरवाही बरतने वाले आरक्षक को सस्पेंड कर दिया है।
मोपका लूट के आरोपियों को सरकंडा थाने में जब हिरासत में लिया गया, उसी दौरान थाने में आरक्षक के हाथों से गोली चल गई। लूट के आरोपियों को पकड़ने के बाद थाने में सशस्त्र बल की
तैनाती की गई थी। सुबह 7 बजे के आसपास आरक्षक नवल तिवारी ड्यूटी पर पहुंचा और मुंशी से एसएलआर राइफल ले ली। इस दौरान बिना मैग्जीन निकाले ही नवल ने ड्रिल शुरू कर दी, ट्रिगर पर हाथ लगते ही गोली चल गई और पूरा थाना गूंज उठा। अफरा-तफरी मचते ही सारे पुलिसकर्मी थाने से बाहर निकले। इस दौरान राइफल की नोक ऊपर की ओर थी, गोली थाने के कमरे में लगे सीलिंग फेन से टकराई और छत में घुस गई। घटना की जानकारी आला अधिकारियों को दी गई, जिसके बाद एसएसपी रजनेश सिंह ने आरक्षक को निलंबित कर दिया है। इसमें सबसे खास बात यह है कि घटना में कोई जनहानि नहीं हुई है, जिस समय घटना हुई उस दौरान मुंशी के अलावा अन्य पुलिस कर्मी भी मौजूद थे।
पहले भी आरक्षकों से हुई है ऐसी गलती
साल 2005 में तोरवा थाने में मुंशी से राइफल लेने के दौरान आरक्षक ने ट्रिगर दबा दिया था, इस दौरान पुलिसकर्मी बाल बाल बचे थे। गोली सीधे छत पर लगी थी। ऐसा ही 2012-13 के दौरान भी हुआ हुआ था जब तत्कालीन क्राइम ब्रांच में चोरी के मामले में संदेही को पकड़ा गया था, बिलासागुड़ी स्थित क्राइम ब्रांच में पूछताछ के दौरान आरक्षक ने सरकारी पिस्टल संदेही पर तान दी थी, धमकाने के दौरान आरक्षक से फायर होते ही संदेही के करीब से गोली निकली और दीवार पर लग गई थी। दरअसल उस समय क्राइम ब्रांच में पदस्थ पुलिसकर्मियों को पिस्टल दी जाती थी। वहीं साल 2018 में भरनी परसदा सीआरपीएफ कैंप में हवलदार ने बैरक में खुद को गोली मार कर आत्महत्या कर ली थी।
सरकंडा थाना में गोली चलने की घटना को दबाने की भरपूर कोशिश
सूत्र बता रहे है कि सरकंडा थाना के गोली चलने वाले मामले को दबाने का भरपूर प्रयास किया गया है।लेकिन विभागीय सूत्रों के इसे दबने नहीं दिया बल्कि गोली चलने की खबर को पूरा बता दिया।
इस घटना के बाद पुलिस विभाग के हड़कम्प मचा हुआ है।
वर्जन
ड्यूटी बदलने के दौरान पुलिसकर्मियों को ड्रिल करनी होती है। आरक्षक ने बिना मैग्जीन निकाले ही ट्रिगर दबा दिया, जिससे गोली चली। लापरवाही बरतने पर आरक्षक को निलंबित किया गया है।
रजनेश सिंह एसएसपी, बिलासपुर