ग्रामीण इलाकों में स्वच्छता की नई शुरुआत….अब गांवों में भी वैज्ञानिक तरीके से होगा मलय कीचड़ का निपटान….
बीमारियों पर लगेगी लगाम,वैज्ञानिक तरीके से होगा कचरे का निपटान…
बिलासपुर।जिले के ग्रामीण इलाकों में स्वच्छता की दिशा में बड़ी पहल शुरू हुई है। अब गांवों में सेप्टिक टैंकों से निकलने वाले मलय कीचड़ का निपटान वैज्ञानिक तरीके से किया जा रहा है। नगरीय निकायों और ग्राम पंचायतों के बेहतर समन्वय से यह नई व्यवस्था जमीन पर उतर चुकी है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में स्वच्छता का नया अध्याय शुरू हुआ है।अब तक गांवों में सेप्टिक टैंक भरने के बाद उसकी सफाई की कोई ठोस व्यवस्था नहीं थी। मजबूरी में गंदगी को खुले में फेंक दिया जाता था, जिससे बीमारियों का खतरा बढ़ता था और पर्यावरण प्रदूषित होता था। इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए प्रशासन ने फीकल स्लज को सीधे एफएसटीपी यानी फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंचाने की व्यवस्था लागू की है।नगरीय निकायों के आधुनिक डी-स्लजिंग वाहनों का उपयोग अब ग्राम पंचायतों में भी किया जा रहा है। सफाई के बाद कचरे को ट्रीटमेंट प्लांट में प्रोसेस कर हानिकारक बैक्टीरिया नष्ट किए जाते हैं और उससे जैविक खाद तैयार की जाती है, जिसका लाभ किसानों को मिलेगा।हेल्पलाइन नंबर और वाहन चालकों के संपर्क नंबर सार्वजनिक किए गए हैं। जिला पंचायत स्तर पर लगातार निगरानी की जा रही है। यह पहल गांवों को स्वच्छ, सुरक्षित और स्वस्थ बनाने की दिशा में एक मजबूत कदम है।