ग्राम हरदीकला में प्रक्षेत्र दिवस आयोजित

बिलासपुर।कृषि विज्ञान केंद्र ग्राम हरदीकला टोना, विकासखंड – बिल्हा में कृषकों को उन्नत कृषि तकनीकों की जानकारी प्रदान करने के उद्देश्य से प्रक्षेत्र दिवस का सफल आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में क्षेत्र के कुल 65 कृषकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और वैज्ञानिकों द्वारा दी गई तकनीकी जानकारी से लाभान्वित हुए।
कार्यक्रम के दौरान कृषि विज्ञान केंद्र, बिलासपुर के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. गीत शर्मा ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाकर किसान कम लागत में अधिक उत्पादन प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने किसानों को उन्नत किस्मों के उपयोग, संतुलित उर्वरक प्रबंधन तथा वैज्ञानिक पद्धति से खेती करने के महत्व के बारे में जानकारी दी।
वही सरपंच सरिता साहू ने कहा कि गांव में
गेहूं का अग्रिम पंक्ति प्रदर्शन लिया गया है वह किसानों के लिए लाभकारी है।
इस अवसर पर डॉ. शिल्पा कौशिक ने किसानों को गेहूं की उन्नत किस्म पूसा तेजस सहित अन्य उन्नत प्रजातियों, उचित बीज दर, संतुलित पोषण प्रबंधन एवं फसल उत्पादन बढ़ाने की वैज्ञानिक तकनीकों के बारे में विस्तार सेजानकारी दी।
पौध रोग विशेषज्ञ
जयंत साहू
ने गेहूं फसल में लगने वाले प्रमुख रोगों की पहचान, उनके लक्षण तथा समन्वित रोग प्रबंधन के उपायों के बारे में किसानों को जानकारी दी।
कीट विशेषज्ञ
डॉ. एकता ताम्रकार ने फसलों में लगने वाले प्रमुख कीटों की पहचान, उनके प्रकोप की अवस्था तथा समन्वित कीट प्रबंधन के माध्यम से नियंत्रण के उपायों की जानकारी दी।
साथ ही कृषि प्रसंस्करण एवं खाद्य अभियांत्रिकी इंजीनियर पंकज मिंज
ने किसानों को आधुनिक कृषि यंत्रों, जल प्रबंधन तकनीकों एवं कृषि यंत्रीकरण के लाभों के बारे में बताया।
इस अवसर पर आर.एस. गौतम, वरिष्ठ कृषि विकास अधिकारी, विकासखंड–बिल्हा भी उपस्थित रहे। उन्होंने किसानों को शासन द्वारा संचालित विभिन्न कृषि योजनाओं तथा उनके लाभों के बारे में जानकारी प्रदान की और किसानों को इन योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ लेने के लिए प्रेरित किया।
कार्यक्रम के दौरान श्री आर.के.एस राठौर, राज्य विपणन प्रबंधक इफको छत्तीसगढ़ के द्वारा किसानों को नैनो यूरिया एवं नैनो डीएपी के उपयोग, उनके लाभ तथा संतुलित पोषण प्रबंधन में उनकी भूमिका के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी गई।
उप क्षेत्रीय प्रबंधक इफको नवीन कुमार तिवारी के द्वारा किसानों को बताया गया कि नैनो उर्वरकों के उपयोग से उर्वरक की दक्षता बढ़ती है, लागत कम होती है तथा पर्यावरण पर भी सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
कार्यक्रम के दौरान किसानों को खेत में लगाए गए गेहूं की उन्नत किस्म पूसा तेजस के प्रदर्शन प्लॉट का अवलोकन भी कराया गया, जिससे उन्हें नई तकनीकों को व्यवहारिक रूप से समझने का अवसर मिला। उपस्थित किसानों ने अपने अनुभव साझा किए तथा वैज्ञानिकों से विभिन्न कृषि समस्याओं के समाधान प्राप्त किए। इस अवसर पर जयंत कौशिक एवं भानु कौशिक, एस.एफ.ए, इफको, बिलासपुर का भी सराहनीय योगदान रहा।कार्यक्रम के अंत में सभी कृषकों का आभार व्यक्त किया गया तथा भविष्य में भी इस प्रकार के कार्यक्रमों के माध्यम से किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों से अवगत कराने का संकल्प लिया गया।