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घटना के दो दिन तक विधायक लापता रहे, तीसरे दिन औपचारिकता निभाने हेतु फोटो खींचाने पहुंचे विधायक —प्रियंका शुक्ला

रेल हादसे पर आप नेत्री एवं समाजसेविका एडवोकेट प्रियंका शुक्ला का तीखा बयान — सरकार और विधायकों का असंवेदनशील रवैया उजागर

जनता ने जिन नेताओं को चुना है, उन्हें केवल भाषण देने या फोटो खिंचवाने के लिए नहीं, बल्कि संकट के समय साथ खड़े होने के लिए जिम्मेदार बनाया है

बिलासपुर ।4 नवम्बर 2025 को हुए भीषण रेल हादसे को लेकर आम आदमी पार्टी की प्रदेश उपाध्यक्ष एवं समाजसेविका एडवोकेट प्रियंका शुक्ला ने गहरी चिंता व्यक्त करते हुए भाजपा सरकार एवं कांग्रेस दोनों दलों के बिलासपुर के वर्तमान एवं पूर्व विधायक पर कड़ी आलोचना की है, और पूछा है कि बिलासपुर विधानसभा क्षेत्र से पूर्व एवं वर्तमान विधायक कहा है?

आम आदमी पार्टी की नेत्री एवं अधिवक्ता प्रियंका शुक्ला ने कहा कि बिलासपुर क्षेत्र की 6 विधानसभा सीटों में कई विधायक एवं नेतागण गायब रहे, घटना के दिन कई स्थानीय विधायक एवं कथित बड़े नेता जनता के लिए राहत एवं बचाव कार्यों में न तो अस्पताल पहुंचे और न सहयोग करने पहुंचे।

उन्होंने कहा कि जब बिलासपुर, जय राम नगर,बिल्हा, सक्ती,जांजगीर से लेकर सक्ती एवं रायपुर समेत छत्तीसगढ़ के निर्दोष नागरिक रेलवे हादसे में जिंदगी और मौत से जूझ रहे थे, तब नेताओ का समय पर मदद के लिए उपस्थिति नहीं रहना, जनता के साथ विश्वासघात के समान है।

उन्होंने आगे कहा कि घटना के तीन दिन बाद बिलासपुर विधायक अमर अग्रवाल जी मात्र फोटो खिंचवाने के लिए अस्पताल पहुंचे, जो बेहद शर्मनाक और संवेदनहीन रवैया दर्शाता है, जबकि घटना दिनांक को पीड़ित आम जनता को अस्पतालों में नेताओ की मदद की जरूरत थी ,तब वहा से सारे कथित बड़े नेता नदारद थे , और जब लगभग सब सेट हो गया, तब फोटो खिंचवाने पहुंचे थे।

घटना के दो दिन तक बिलासपुर के वर्तमान विधायक अमर अग्रवाल जी गायब रहे,और तीसरे दिन एक तस्वीर सामने आई, जो कि जनता के साथ हुई दुखद घटना पर मजाक उड़ाने जैसे था, समय रहते विधायक जी जनता के साथ नहीं दिखे।

प्रियंका ने आगे कहा कि चुनाव के समय टिकट लेकर चुनाव लड़ने की भीड़ बड़ी लंबी है किन्तु हकीकत में नेता का जो काम है, वो काम न करके सोशल मडिया में मात्र फोटो डालकर निंदा व्यक्त करने का चलन जनता के हित में नहीं है, जबकि जनता अपने प्रतिनिधियों से संकट के समय सहयोग की अपेक्षा रखती है।

मौके पर इलाज में आने वाली दिक्कतों के सामना करने के लिए कोई भी नेता अस्पताल में मदद हेतु नहीं दिखा, लेकिन कांग्रेस और बीजेपी दोनों ही दल के नेतागण बारी बारी से फोटो खिंचवाने जरूर पहुंचे, बड़ी गाड़ियां और बड़ी संख्या में मात्र फोटो खिंचवाने वाला यह दृश्य बेहद पीड़ादायक है, जहा मनुष्य का दर्द नहीं बल्कि राजनीतिक वोट के औपचारिक व्यवहार को साफ दर्शा रहा था।

एडवोकेट प्रियंका शुक्ला ने राज्य की बीजेपी सरकार और व कांग्रेस दोनों के जनप्रतिनिधियों ,जिन्हें जनता ने अपना कीमती वोट दिया, उनकी जवाबदेही तय करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में इस प्रकार की घटनाओं से निपटने के लिए तेज़, संवेदनशील और जवाबदेह प्रशासनिक व्यवस्था बनाना अत्यंत आवश्यक है। साथ ही जनता को भी याद रखना होगा कि मात्र चुनाव के समय पर वोट मांगने वाले नेताओं सवाल करना होगा, वरना आम जनता के साथ घटने वाली घटनाओं की कोई जवाबदेही तय नहीं हो सकेगी।

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