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छत्तीसगढ में शिक्षा का नया अध्याय, हर जिले में खुलेंगे माडल स्कूल…

स्वामी आत्मानंद नही अब शिक्षा विभाग के आधीन होंगे माडल स्कूल

सीपत में बनेगा बिलासपुर का पहला माडल स्कूल

बिलासपुर।छत्तीसगढ़ में शिक्षा की गुणवत्ता को एक नया आयाम देने की तैयारी शुरू हो चुकी है। राज्य के सभी जिलों में अब मॉडल स्कूल खोले जाएंगे ताकि हर बच्चे को मिले बेहतर और समान शिक्षा का अवसर।

दरअसल राज्य के स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि जिलेवार ऐसे स्कूलों की जानकारी दस दिनों के भीतर संचालक को भेजी जाए, जहाँ मॉडल स्कूल स्थापित किए जा सकते हैं। मंत्री यादव ने कहा कि यह पहल राज्य के हर क्षेत्र में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने की दिशा में बड़ा कदम है।इसी क्रम में बिलासपुर जिले में भी तैयारी शुरू हो गई है। जिला शिक्षा विभाग ने ग्राम पंचायत सीपत के स्कूल को मॉडल स्कूल बनाने के लिए चयनित किया है। इस प्रस्ताव की जानकारी अब संचालक को भेजी जा रही है।इन मॉडल स्कूलों में शिक्षा के हर स्तर पर आधुनिक सुविधाएँ, सशक्त भवन, और प्रशिक्षित शिक्षकों की पूरी व्यवस्था की जाएगी। उद्देश्य है कि छोटे शहरों और गाँवों के बच्चों को भी वही शिक्षा मिले, जो बड़े शहरों के छात्र पाते हैं।मंत्री यादव ने स्पष्ट किया कि ये स्कूल स्वामी आत्मानंद विद्यालयों की तरह किसी सोसायटी के अधीन नहीं, बल्कि सीधे शिक्षा विभाग के नियंत्रण में संचालित होंगे। भवनों को सुधारा जाएगा, स्मार्ट क्लास और प्रयोगशालाएँ जोड़ी जाएंगी, ताकि बच्चे व्यवहारिक और तकनीकी दोनों ज्ञान प्राप्त कर सकें। राज्य सरकार की योजना हर साल 1,000 से 1,500 स्कूलों को मॉडल स्कूल के रूप में विकसित करने की है। इनमें पीएम श्री स्कूल, सेजेस और मुख्यमंत्री डीएवी स्कूल भी शामिल रहेंगे।यह कदम शिक्षा के क्षेत्र में छत्तीसगढ़ को नई ऊँचाइयों तक ले जाने की दिशा में एक ऐतिहासिक पहल मानी जा रही है।

वर्जन
राज्य के हर स्कूल मॉडल स्कूल बने,हर कोई चाहता है।लेकिन ऐसा संभव नहीं है।मॉडल स्कूल के लिए पूरी तरह से सुविधाएं चाहिए।और भी स्कूल खोजे जा रहे है।

विजय टांडे
जिला शिक्षा अधिकारी बिलासपुर

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