चुनाव लड़ने पर रोक और जिला बदर होने के बाद भी पूर्व सरपंच दे रहा फोन से धमकी…चुनाव लड़ने वालो में दहशत…

पूर्व सरपंच के बिगड़े बोल,चुनाव लड़े तो 6 साल बाद देख लूंगा
फोन से धमकी देकर कहता है सिर्फ जिला बदर कुछ समय के लिए हुआ हूं,आऊंगा तो देख लूंगा फिर तुमको कौन बचाएगा
बिलासपुर। चुनाव में हर किसी की इच्छा रहती है कि वह चुनाव लड़े और जीतकर अपने क्षेत्र या वार्ड का विकास कार्य कर सके।लेकिन बिलासपुर जिले के एक ग्राम पंचायत का मामला बिल्कुल अलग है।जिसमें एक पूर्व सरपंच को कलेक्टर ने जिला बदर की कार्यवाही की।यहां तक 6 साल तक के लिए चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी उसके बाद भी वह फोन से चुनाव लड़ने वालो को धमकी दे रहा है। जिसके कारण लोगों में दहशत बना हुआ है ।
दरअसल यह मामला जिले के जयराम नगर अंतर्गत ग्राम पंचायत पाराघाट की है। ग्राम पंचायत में पूर्व में नशीली दवाइयों का तस्करी करने वाला सरपंच हुआ करता था।
जिसने सरपंच रहकर बेजा कब्जा करना गुंडागर्दी करना और अन्य मामले में शामिल होकर कार्यों को बिगड़ना रहता था।जिसकी शिकायत लगातार ग्रामीणों ने एसडीएम और कलेक्टर के पास की थी।लेकिन अपने रसूख के चलते वह हर बार बच जाता था।लेकिन लगातार मिल रही शिकायत और पुलिस की कार्यवाही को देखते हुए कलेक्टर ने सीधे जिला बदर की कार्यवाही की।यही नहीं इस दौरान मस्तूरी एसडीएम ने मामले की शिकायत पर 6 साल के लिए चुनाव लड़ने पर रोक लगा दिया।उससे सरपंच हड़बड़ा गया और प्रशासनिक कार्यवाही के कारण बाहर चला गया।लेकिन उसकी आदत में जरा भी सुधार नहीं आया।बल्कि वह इस साल होने वाले चुनाव में अपने गांव से किसी को चुनाव लड़ने नहीं दे रहा है।जो भी सरपंच पद के लिए मैदान में आ रहा है वह उसे धमकी दे रहा है।जिसके कारण गांव में दहशत बना हुआ है। इसलिए कोई भी व्यक्ति चुनाव लड़ने का मन नहीं बना पा रहा है बल्कि किस तरह एक व्यक्ति ने चुनाव लड़ने का मन बनाया तो वह वापस ले लिया फिर किसी तरह से एक व्यक्ती ने चुनाव लड़ने का मन बनाया और वह मैदान में खड़े होकर नामांकन भरा है।
*बाहर रहकर फोन से देता है धमकी*
गांव के कई लोग बता रहे है कि बाहर रहकर फोन से धमकी देता है।
पूर्व सरपंच कहता है कि चुनाव सिर्फ 6 साल तक नहीं लडूंगा और जिला बदर कुछ समय तक रहूंगा फिर तो वापस आऊंगा और उसके बाद देख लूंगा।
*चुनाव लड़ने वाले ने शराब,चिकन और पैसा समेत कई सारी चीजों की कर ली थी व्यवस्था*
सूत्र बता रहे है कि एक व्यक्ति जिसको चुनाव लड़ने का मन था वह शराब,पैसा,चिकन और अन्य चीजों की व्यवस्था कर लिया था।लेकिन पूर्व सरपंच की धमकी से वह डर गया और चुनाव नहीं लड़ने का मन बनाया है।इतना ही नहीं वह जो भी लड़ने वाले है उनको फोन करके धमकी दे रहा है और गांव में चुनाव नहीं होने की बात कहता है।
*सरपंच पद को रिक्त रखकर खुद चाहता है सरपंच की कुर्सी पर कब्जा करना*
पूर्व सरपंच की दादागिरी और गुंडागर्दी इतनी ज्यादा है कि वह अभी भी जिला बदर रहकर कुर्सी नहीं छोड़ पा रहा है।वह चाहता है कि गांव में चुनाव न हो और अगर हो तो सरपंच के पद पर कोई भी चुनाव न लड़े।बल्कि गांव में उसके हिसाब
से दहशत बना रहे और उसके हिसाब से काम हो।
*पहले की ये खबर पढ़िए*
पाराघाट सरपंच प्रदीप सोनी बर्खास्त, 6 साल तक चुनाव लड़ने पर रोक….
बिलासपुर। मस्तुरी क्षेत्र के पाराघाट गांव के सरपंच प्रदीप सोनी को प्रशासन ने बर्खास्त कर दिया है। एसडीएम ने धारा-40 के तहत यह कार्रवाई की है। इसके साथ ही सोनी पर छह साल तक किसी भी प्रकार का चुनाव लड़ने पर रोक लगा दी गई है।
गौरतलब है कि प्रदीप सोनी पर पहले भी कई गंभीर आरोप लग चुके हैं। कलेक्टर ने उनके खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (रासुका) के तहत जिलाबदर की कार्रवाई की थी। इसके अलावा, आबादी भूमि पर अवैध कब्जे करवाने और अन्य आपराधिक गतिविधियों में उनकी संलिप्तता पाई गई है।