छत्तीसगढ़ कैडर में काम कर रहे अपने आईएएस छात्र के बारे में जानिए क्या कहा गुरु ने
देश के प्रख्यात यूपीएससी कोचिंग संचालक और मोटिवेशनल स्पीकर विकास दिव्यकीर्ति ने छत्तीसगढ़ कैडर के आईएएस बन चुके अपने छात्र अवनीश शरण के बारे उदाहरण दे अभ्यर्थियों को मोटिवेट किया है। विकास दिव्य कीर्ति ने बताया है कि एक आईएएस चाहे तो अपने कामों से शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी चीजों में सीमित संसाधनों में कैसे सकारात्मक बदलाव कर सकता है। उन्होंने वर्तमान बिलासपुर कलेक्टर अवनीश शरण के द्वारा बाइक एंबुलेस के इनोवेशन का भी उदाहरण विद्यार्थियों को बताया।
बिलासपुर। देश के प्रख्यात यूपीएससी कोचिंग संचालक और मोटिवेशनल स्पीकर विकास दिव्यकीर्ति ने अपने लेक्चर में आईएएस बन चुके छत्तीसगढ़ कैडर के अपने छात्र के बारे में यूपीएससी की तैयारी करने वाले विद्यार्थियों को बताया है। छत्तीसगढ़ कैडर के 2009 बैच के आईएएस अवनीश शरण के कामों की जानकारी यूपीएससी की तैयारी करने वाले अभ्यर्थियों को दे विकास दिव्यकीर्ति ने अफसर बनने के लिए मोटिवेट किया है।
विकास दिव्यकीर्ति दिल्ली में दृष्टि आईएएस कोचिंग चलाते हैं। उनकी कोचिंग से प्रति वर्ष सिविल सेवा में कई अभ्यर्थी चयनित होते है। उनके द्वारा पढ़ाए गए कई छात्र आईएएस,आईपीएस बन कर देश के विभिन्न राज्यों में सेवा दे रहे हैं। विकास दिव्यकीर्ति कोचिंग चलाने के अलावा मोटिवेशनल स्पीकर भी हैं। वे पढ़ाई के अलावा सही मार्ग में चलने के लिए लोगो को प्रेरित भी करते हैं।
विकास दिव्यकीर्ति ने अपने पूर्व छात्र अवनीश शरण जो अब छत्तीसगढ़ कैडर में बतौर आईएएस काम कर रहे हैं के बारे में बताया है। अवनीश शरण 2009 बैच के आईएएस हैं। वे वर्तमान में बिलासपुर कलेक्टर है। उनके पूर्व में किए गए काम जो नजीर बन चुके है को विकास दिव्यकीर्ति ने बताया है,जिसका वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा है।
वायरल वीडियो में विकास दिव्यकीर्ति कह रहे हैं कि उनका एक स्टूडेंट अवनीश शरण आईएएस बनने के बाद छत्तीसगढ़ के किसी जिले में कलेक्टर था, उसने अपनी बेटी का एडमिशन एक सरकारी स्कूल में करवा दिया। स्कूल की स्थिति भी अपग्रेड कर एकदम प्राइवेट कान्वेंट स्कूल की तरह कर दी। फंड से लेकर किसी भी चीज की कमी नहीं हुई। अब चूंकि कलेक्टर की बेटी स्कूल में पढ़ रही और कलेक्टर कभी भी स्कूल में आ सकते है इसलिए सुंदर सा स्कूल तैयार हो गया। कलेक्टर की बेटी पढ़ती है इसलिए शिक्षकों ने भी जान लगा दी और जिले का टॉप का स्कूल तैयार हो गया। यह स्कूल का अन्य स्कूलों के लिए मानक बन चुका है और इसकी एसओपी बनाई गई है। अब वहां काम कर चुके शिक्षकों में से 4–5 शिक्षकों को दूसरे स्कूलों में प्रमुख बनाकर भेज दिया जाएगा और उनसे सेम एसओपी रिपीट करवाई जाएगी।
उन स्कूलों के तैयार होने के बाद वहां के शिक्षकों को दूसरे स्कूलों में भेजा जाएगा इस तरह से सभी स्कूल विकसित और उन्नत हो जाएंगे।
बाइक एंबुलेंस का इनोवेशन:–
इसी तरह कलेक्टर अवनीश शरण के दूसरे काम के मॉडल को भी विकास दिव्यकीर्ति ने विद्यार्थियों के बीच साझा किया। जिसमें अवनीश शरण के बाइक एंबुलेंस के इनोवेशन को विकास दिव्यकीर्ति ने बताया है। अवनीश शरण वर्तमान में बिलासपुर जिले के कलेक्टर हैं। यहां उन्होंने सुदूर गांव के अंचलों में ग्रामीण मरीजों को अस्पताल पहुंचाने के लिए बाइक मेडिकल का इनोवेशन किया है। खुद बाइक चला कर इसका शुभारंभ करते हुए ग्रामीण अंचलों के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों में बाइक एंबुलेंस तैनात किया गया है। इसमें बाइक को पीछे एंबुलेंस की तर्ज पर मॉडिफाई किया गया है। सुदूर गांवों में जहां सड़के नहीं है और एंबुलेंस जा नहीं सकती वहां बाइक एंबुलेंस के माध्यम से मरीजों को अस्पताल पहुंचाया जाता है। विकास दिव्यकीर्ति ने बताया है कि कैसे कम संसाधनों में भी यदि कोई आईएएस चाहे तो सुविधाएं उपलब्ध करवा सकता है। इससे ग्रामीण अंचल के युवाओं को नौकरी भी मिल रही है।