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छत्तीसगढ़ में मंत्रिमंडल का विस्तार, 3 नए मंत्रियों ने ली शपथ

राकेश कुमार साहू
जांजगीर चांपा/छत्तीसगढ़ में मंत्रिमंडल का विस्तार बुधवार को हो गया है, साय केबिनेट में 3 नए मंत्री बुधवार को शपथ चुके हैं। जिनमें दुर्ग शहर के विधायक गजेंद्र यादव, अंबिकापुर के विधायक राजेश अग्रवाल और आरंग के विधायक गुरु खुशवंत साहेब शामिल हैं। इसके साथ ही प्रदेश में पहली बार 14 मंत्री हो गए हैं।


राज्य में पहली बार हरियाणा के तर्ज पर बनाए जाएंगे 14 मंत्री, फिलहाल हैं 11 मंत्री
रायपुर: छत्तीसगढ़ में हरियाणा की तर्ज पर मंत्रिपरिषद का विस्तार करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने बुधवार को अपने मंत्रिमंडल में तीन नए चेहरों को शामिल किया। राज्यपाल रमेन डेका ने राजभवन के दरबार हाल में आयोजित गरिमामय समारोह में आरंग से विधायक खुशवंत साहेब, दुर्ग शहर से विधायक गजेंद्र यादव और अंबिकापुर से विधायक राजेश अग्रवाल को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। उल्लेखनीय है कि तीनों पहली बार विधायक बने हैं और अब पहली बार मंत्रिमंडल का हिस्सा बने हैं।

शपथ ग्रहण समारोह में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय, उनके मंत्रिपरिषद के वरिष्ठ सदस्य, विधायक, सांसद और प्रदेश के कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। नए मंत्रियों के शपथ लेने के बाद अब विष्णुदेव साय की मंत्रिपरिषद में कुल 14 मंत्री हो गए हैं। पहले मुख्यमंत्री समेत मंत्रियों की संख्या 11 थी।

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मिल सकते हैं ये विभाग
सूत्रों के अनुसार गजेंद्र यादव को शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी दी जा सकती है। वे पं. रविशंकर विश्वविद्यालय से स्नातकोत्तर हैं। उनकी शैक्षणिक पृष्ठभूमि को देखते हुए उन्हें स्कूल, उच्च एवं तकनीकी शिक्षा सौंपे जाने की संभावना है। इसके लिए उपमुख्यमंत्री विजय शर्मा से तकनीकी शिक्षा विभाग लिया जा सकता है।

वहीं चर्चा है कि गुरु खुशवंत साहेब को लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी (पीएचई) विभाग दिया जा सकता है। यदि उपमुख्यमंत्री अरुण साव से यह विभाग हटता है तो खुशवंत इसके नए मंत्री होंगे। साथ ही खादी एवं ग्रामोद्योग विभाग भी उनके पास जा सकता है।

पहली बार बनाए गए 14 मंत्री
सूत्रों का मानना है कि राजेश अग्रवाल को धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग की जिम्मेदारी मिल सकती है। इसके अलावा उन्हें आबकारी विभाग की कमान भी सौंपी जा सकती है। फिलहाल साय मंत्रिमंडल में मुख्यमंत्री समेत 11 मंत्री हैं। केवल दो पद रिक्त थे, लेकिन हरियाणा फार्मूले के तहत इस बार तीन नेताओं को शामिल किया जा रहा है। इसके बाद छत्तीसगढ़ में पहली बार 14 मंत्री होंगे। अब तक 90 सीट वाली विधानसभा में 15 प्रतिशत नियम के चलते अधिकतम 13 मंत्री ही बनाए जाते रहे हैं।

फिलहाल मुख्यमंत्री के पास है ये सभी विभाग
21 अगस्त से मुख्यमंत्री विष्णु देव साय अपने 10 दिवसीय विदेश दौरे में जापान- दक्षिण कोरिया जाएंगे। इसके पहले मंत्रिमंडल का विस्तार होते ही मंत्रियों के विभागों का बंटवारा भी संभव है। पूर्व मंत्री बृजमोहन अग्रवाल के रायपुर सांसद बनने के बाद उनके विभाग फिलहाल मुख्यमंत्री के पास हैं। इनमें स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग शामिल है। इन विभागों को दूसरे मंत्रियों को दिया जा सकता है। मुख्यमंत्री अपने पास फिलहाल सामान्य प्रशासन, खनिज साधन, ऊर्जा, जनसंपर्क, वाणिज्यिक कर (आबकारी), परिवहन रख सकते हैं।

मंत्रियों के लिए तीन गाड़ियां हो रहीं तैयार
मंत्रिपरिषद का बुधवार को विस्तार होगा। तीन नये मंत्री बनाए जाने की चर्चा है। नये मंत्रियों के लिए छत्तीसगढ़ स्टेट गैरेज में सफेद रंग की तीन फार्च्यूनर की जांच कर तैयार किया जा रहा है। स्टेट गैरेज के अधिकारी राजेश अग्रवाल ने बताया कि तीन नई गाड़ियां तैयार करने का निर्देश मिला है।

तीन नये मंत्रियों के लिए वाहनों को तैयार करने का मोबाइल पर कॉल आया था। इनमें से गाड़ी नंबर सीजी-02 एएफ 0009 और सीजी-02 एवी 0005 तैयार कर ली गई हैं। तीसरी गाड़ी ट्रायल पर भेजी गई है, जिसका नंबर फिलहाल सामने नहीं आया है।

अभी इनके पास इन विभागों की जिम्मेदारी
विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री: सामान्य प्रशासन, खनिज साधन, ऊर्जा, जनसंपर्क, वाणिज्यिक कर (आबकारी), परिवहन , स्कूल शिक्षा, उच्च शिक्षा, धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व, पर्यटन एवं संस्कृति विभाग, अन्य विभाग (जो किसी मंत्री को आबंटित नहीं हुआ हो)।
अरुण साव, उपमुख्यमंत्री : लोक निर्माण, लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी, विधि और विधायी कार्य एवं नगरीय प्रशासन विभाग।
विजय शर्मा, उपमुख्यमंत्री: गृह एवं जेल, पंचायत एवं ग्रामीण विकास, तकनीकी शिक्षा एवं रोजगार, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग।
रामविचार नेताम, मंत्री: आदिम जाति विकास, अनुसूचित जाति विकास, पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक विकास, कृषि विकास एवं किसान कल्याण विभाग।
दयालदास बघेल, मंत्री: खाद्य नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग।
केदार कश्यप, मंत्री: वन एवं जलवायु परिवर्तन, जल संसाधन, संसदीय कार्यमंत्री, कौशल विकास एवं सहकारिता विभाग।
लखनलाल देवांगन, मंत्री: वाणिज्य और उद्योग एवं श्रम विभाग।
ओपी चौधरी, मंत्री: वित्त, वाणिज्यिक कर, आवास एवं पर्यावरण, योजना आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग।
श्याम बिहारी जायसवाल, मंत्री: लोक स्वास्थ्य और परिवार कल्याण, चिकित्सा शिक्षा, बीस सूत्रीय कार्यान्वयन विभाग।
टंकराम वर्मा, मंत्री: खेलकूद एवं युवा कल्याण, राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग।
लक्ष्मी राजवाड़े, मंत्री: महिला एवं बाल विकास तथा समाज कल्याण विभाग।

गौरतलब यह है कि जब से भारतीय जनता पार्टी की सरकार का चुनाव हुआ था उसे समय से लेकर आज तारीख तक अटकालीन लगाई जा रही थी कि मंत्रिमंडल का विस्तार होगा होगा मगर मंत्रिमंडल विस्तार के संबंध में रिपोर्टर राकेश कुमार साहू के माध्यम से एक समाचार निकला था मंत्रिमंडल का विस्तार क्यों नहीं हो रहा है इस संबंध में एक समाचार निकली थी इस समाचार के असर छत्तीसगढ़ राज्य के मुख्यमंत्री को अंदेशा हुआ जिसकी वजह से आज मंत्रिमंडल का विस्तार हुआ हैं।

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