छत्तीसगढ स्वराज सेना ने संविधान दिवस पर अपनी पाच सूत्री मांगो को लेकर कलेक्टर को सौंप ज्ञापन
बिलासपुर ।छत्तीसगढ़ स्वराज सेना समिति ने बिलासपुर कलेक्टर को संविधान दिवस के अवसर पर पांच सूत्रीय मांग पत्र सौंपा। संगठन ने कहा कि संविधान ने सभी वर्गों को समान अधिकार दिए हैं, लेकिन वास्तविक लाभ अब भी हाशिए पर खड़े समाज को पूरी तरह नहीं मिल पा रहा है। इसलिए सरकार से मांग की गई है कि संवैधानिक प्रावधानों के अनुरूप नीतियाँ लागू की जाएँ और उपेक्षित वर्गों को न्याय मिले।
संगठन ने मांग की कि संविधान में मिले अवसरों के तहत मछुआरा समाज को आरक्षित कोटे का लाभ फिर से बहाल किया जाए। साथ ही प्रदेश में स्थित तालाबों व जलाशयों में बनी समितियों में मछुआरा समाज की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित की जाए, ताकि आजीविका और अधिकार दोनों मजबूत हो सकें। प्रतिनिधियों का कहना है कि जल संसाधनों पर स्थानीय समुदायों का हक प्राथमिकता से मान्यता पाए। संगठन पदाधिकारी संजय राजपूत ने कहा कि प्रदेश की सरकारी व प्राइवेट कंपनियों में छत्तीसगढ़ के लोगों के लिए न्यूनतम रोजगार आरक्षण का प्रतिशत तय किया जाए। इसके अलावा संविधान दिवस पर विशेष रूप से श्रम कानूनों को सख्ती से लागू करने तथा श्रमिक वर्ग को अधिक से अधिक लाभ देने की बात उठाई गई। संगठन ने कहा कि स्थानीय युवाओं को बाहर पलायन के लिए मजबूर न होना पड़े, इसके लिए उद्योगों में स्थानीय भर्ती को प्राथमिकता दी जाए।