छत पर सफाई के दौरान हाईवोल्टेज तार की चपेट में आए डॉक्टर दंपत्ति,पति की मौत,पत्नी गंभीर, बिजली विभाग की लापरवाही पर फूटा जनाक्रोश
कोरबा में हाई वोल्टेज हादसा हुआ है। घर की छत पर सफाई कर रहे डॉक्टर दंपती करंट की चपेट में आ गए। करेंट की चपेट में आकर डॉक्टर की मौत हो गई। वही पत्नी को गंभीर अवस्था में अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। वहीं बिजली विभाग की लापरवाही पर लोगों में जनाक्रोश व्याप्त है।
कोरबा | आज रविवार सुबह कोरबा के दादर नाला क्षेत्र में एक दर्दनाक हादसे में शहर के प्रतिष्ठित डॉक्टर कलीम रिजवी की 11 केवी हाई वोल्टेज तार की चपेट में आने से मौत हो गई। जबकि उनकी पत्नी फिरदोस रिजवी गंभीर रूप से झुलस गईं। हादसा उस वक्त हुआ जब दोनों पति-पत्नी अपने घर की छत पर सफाई कर रहे थे। इस दौरान डॉक्टर लोहे की रॉड पकड़े थे। लोहे की रॉड छत के ऊपर से गुजर रही 11 केवी लाइन तार से छू गई। रॉड के तार छूते ही दोनों करंट की चपेट में आ गए। डॉक्टर कलीम की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पत्नी की हालत नाजुक बनी हुई है। इस घटना के बाद क्षेत्र में शोक और आक्रोश दोनों का माहौल है। घटना मानिकपुर चौकी क्षेत्र की है।
मिली जानकारी के अनुसार, डॉक्टर कलीम रिजवी (45) और उनकी पत्नी फिरदोस रिजवी (39) रविवार सुबह अपने दो मंजिला मकान की छत पर साफ-सफाई कर रहे थे। सफाई के दौरान जब डॉक्टर ने छत पर रखी लोहे की रॉड को उठाकर किनारे रखने की कोशिश की, तभी वह ऊपर से गुजर रही 11 केवी हाई वोल्टेज लाइन से छू गई। बिजली का जोरदार झटका लगते ही डॉक्टर कलीम करंट की चपेट में आ गए। यह देखकर पत्नी फिरदोस उन्हें बचाने दौड़ीं, लेकिन वह भी बिजली प्रवाह की चपेट में आ गईं।
दोनों के गिरने की आवाज सुनकर परिजन और आसपास के लोग छत पर पहुंचे। तत्काल दोनों को जिला मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने कलीम रिजवी को मृत घोषित कर दिया। उनकी पत्नी का उपचार चल रहा है और वह गंभीर स्थिति में आईसीयू में भर्ती हैं।
स्थानीय लोगों में फैला आक्रोश, पहले ही दी थी सूचना:–
घटना के बाद मोहल्ले में भारी आक्रोश है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि ऊपर से गुजर रही हाई वोल्टेज लाइन के बारे में बिजली विभाग को पहले ही सूचित किया गया था, लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई। लोगों का कहना है कि यह हादसा बिजली विभाग की लापरवाही का नतीजा है, जो समय रहते चेत गया होता तो एक जान बच सकती थी।
समाजसेवी और मिलनसार डॉक्टर थे कलीम रिजवी:–
डॉ. कलीम रिजवी पेशे से एमडी थे और घर पर ही निजी क्लीनिक चला रहे थे। वे वर्षों से दादर नाला क्षेत्र में स्वास्थ्य सेवाएं दे रहे थे और समाज में एक सेवाभावी और मिलनसार व्यक्ति के रूप में पहचान रखते थे। उनके दो बच्चे हैं – एक बेटा और एक बेटी। उनकी असामयिक मौत से परिवार सहित क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई है।
पुलिस ने की पुष्टि, जांच जारी:–
जिला अस्पताल चौकी प्रभारी दाऊद कुजुर ने मीडिया को बताया कि मेमोरेंडम के आधार पर परिजनों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। शव को पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया है। मामले में आगे की जांच की जा रही है।
बिजली विभाग पर सवाल:–
इस हादसे ने एक बार फिर रिहायशी इलाकों में बिछी हाई वोल्टेज लाइनों की सुरक्षा पर सवाल खड़ा कर दिया है। कई स्थानों पर यह लाइनें मकानों से बेहद नजदीक होकर गुजरती हैं, लेकिन विभागीय सजगता का अभाव बना रहता है। अब देखना यह है कि बिजली विभाग हमेशा की तरह इस घटना को नजरअंदाज कर जाएगा या फिर इस घटना से सबक लेगा।