लीलागर नदी किनारे बोहारडीह टांगर बिनौरीडीह केवटाडीह और सोन डेरा में आई बाढ़,

गांव की गलियों समेत घर में घुसा पानी
मस्तूरी से रूपचंद की रिपोर्ट
बिलासपुर ।मस्तूरी क्षेत्र
लीलागर नदी के पानी से रोड में भर पानी जिससे आवा गमन में बाधित हो रही है।
लीलागर नदी में आई बाढ़ से गांव की गलियां और खेत पानी में डूब गए। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश से नाले का जलस्तर इतना बढ़ा कि बोहारडीह देवनारायण के घर में पानी घुस गया। घरों में रखे टीवी, कूलर और राशन को दूसरे जगह ले जाया गया और मुख्य सड़क मार्ग बोहारडीह से भरारी टांगर पचपेड़ी मार्ग पूरी तरह बंद हो गया। खेतों की ओर जाने वाला रास्ता डूब गया।

और ग्राम पंचायत केवटाडीह लीलागर नदी किनारे में लगाए गए कई एकड़ जमीन के सब्जी बाढ़ में डूब गया
और सोन डेरा में बाढ़ आने के कारण परदेसी पटेल दुलारी पटेल रमशिला पैकरा और राज कुमार साहू के घर में भी नदी का पानी घुस गया है जिससे दूसरे के घर में शरण लेने को मजबूर है

गई। लोग जान जोखिम में डालकर उसी रास्ते से आना-जाना कर रहे हैं। गांव के कई घरों में पानी भर गया। लोग अपने घर छोड़कर दूसरों के घरों में शरण ले रहे हैं। गांव की मंदिर भी पानी में डूबी हुई है। लोग सड़क में पानी 15 किलोमीटर दूर से घूम कर जाना पड़ रहा है और सोन डेरा के परदेसी पटेल दुलारी पटेल रामशिला पर राजकुमार साहू ने सामूहिक रूप से कहा कि देर शाम तक प्रशासनिक अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे थे। ग्रामीणों का कहना है कि जिम्मेदार अफसर आंखें मूंदे बैठे हैं। इतनी बड़ी परेशानी के बाद भी किसी ने हालचाल तक नहीं पूछा। ग्रामीणों में नाराजगी जताई

थाना प्रभारी श्रवण कुमार टंडन ने कहा कि लीलागर नदी के किनारे बोहारडीह टांगर बिनौरीडीह केवटाडीह और शिवनाथ नदी किनारे जोनधरा गोपालपुर अमलडीहा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में भ्रमण किया है और जहां बाढ़ की स्थिति बनी हुई है वहां-वहां बेरिकेट लगाया गया है
जब बाढ़ संबंधी जानकारी लेने के लिए एसडीएम प्रवेश पैकरा से जानकारी लेने के लिए 3 बार कॉल किया गया तो उन्होंने फोन उठाना जरूरी नहीं समझा।