जंगल में अतिक्रमण, पकड़े गए फरार आरोपी
बिलासपुर। जंगल में अवैध कब्जा करने के बाद अतिक्रमण करने वाले फरार आरोपियों के खिलाफ वन. विभाग की टीम ने कार्रवाई की है। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से सभी को जेल भेज दिया गया है।
कोटा एसडीओ को सूचना मिली थी कि कुछ लोग जंगल की भूमि पर लगे हरे-भरे पेड़ों को काटकर अतिक्रमण का प्रयास कर रहे है। बिलासपुर डीएफओ नीरज कुमार के निर्देश पर बेलगहना परिक्षेत्र अधिकारी को कार्रवाई करने का आदेश दिया गया। परिक्षेत्र अधिकारी बेलगहना के नेतृत्व में डिप्टी रेंजर शिवकुमार पैकरा, स्टाफ पंकज साहू, संतकुमार वाकरे, सोमप्रकाश, जय सिंधु सावन यादव, शैलेन्द्र पोर्ते और अन्य ने मौके पर पहुंचकर देखा कि भेलवातिकारी कक्ष क्रमांक 2252 और 2472 में अवैध पेड़ो
की कटाई और छंटाई करते हुए अतिक्रमण किया जा रहा है। टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी कर ली। इस दौरान वहां 12 अतिक्रमणकारी थे, जिसमें से विभागीय टीम ने दो आरोपियों कोनचरा निवासी तीजराम एवं मनइया पाव को गिरफ्तार कर लिया। वहीं अन्य मौके से फरार हो गए थे। पकड़े गए आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद 13 दिन के न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। वहीं फरार आरोपियों की तलाश की जा रही थी। इसी बीच दूसरे दिन वन विभाग की टीम ने मुखबिर की सूचना पर फरार हुए आरोपी सावित्री बाई, यशोदा बाई, माखन पटेल, सुकलाल, लखन सिंह, बालाराम, निराशा बाई. रुखमणि बाई, सुनीता बाई, मोहन लाल सभी निवासी कोनचरा को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से 6 दिनों की न्यायायिक अमिरक्षा में जेल भेजा गया है।