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जनगणना में परिवार-मकान, वाहन समेत 33 सवाल पूछे जाएंगे

7 स्टेप्स में ऑनलाइन भर सकेंगे जानकारी

अब घर-घर की हर सुविधा और संपत्ति का डिजिटल रिकॉर्ड

बिलासपुर। देश की सबसे बड़ी प्रशासनिक प्रक्रिया जनगणना 2027 को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। केंद्र सरकार द्वारा इसे दो चरणों में आयोजित किया जा रहा है, जिसमें पहला चरण मतलब मकान सूचीकरण और आवास जनगणना । मई 2026 से शुरू होकर सितंबर तक चलेगा। इसको लेकर बिलासपुर जिले में प्रशिक्षण का दौर शुरू हो चुका है। प्रथम चरण के लिए सभी चार्ज अधिकारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है, ताकि सर्वे कार्य को सुचारु रूप से संचालित किया जा सके। उन्होंने कहा कि एक मई से जिले में घर-घर जाकर जानकारी एकत्र की जाएगी।

दरअसल छत्तीसगढ़ में जनगणना 2027 का पहला चरण 1 मई से 30 मई 2026 तक चलेगा। इस दौरान ‘हाउस लिस्टिंग और हाउसिग सेंसस’ के तहत हर परिवार, मकान और बुनियादी सुविधाओं का रिकॉर्ड तैयार किया जाएगा। कर्मचारी तय समय में घर-घर जाकर जानकारी जुटाएंगे। इस बार प्रक्रिया को डिजिटल बनाया गया है। 16 अप्रैल से 30 अप्रैल के बीच लोग ऑनलाइन पोर्टल पर खुद भी अपने घर और परिवार की जानकारी भर सकेंगे। इसे सेल्फ-एन्यूमरेशन कहा गया है। ऑनलाइन जानकारी भरने वालों को एक यूनिक आईडी मिलेगी, जिसे बाद में कर्मचारियों को दिखाना होगा। जनगणना के इस चरण में मकान की स्थिति, उपयोग (रहवासी या व्यवसायिक), निर्माण की गुणवत्ता (कच्चा-पक्का), परिवारों की संख्या और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े 33 सवाल पूछे जाएंगे। इसके अलावा पेयजल, शौचालय, बिजली, कुकिग फ्यूल, इंटरनेट, टीवी-रेडियो जैसी सुविधाओं की भी जानकारी ली जाएगी। घर में कितने लोग रहते हैं और कौन-कौन से वाहन उपयोग होते हैं, यह भी दर्ज किया जाएगा।

हर घर बनेगा ‘डिजिटल डॉट’, 5 बड़े फायदे

इस बार हर मकान की जियो-टैगिग कर उसे डिजिटल मैप पर दर्ज किया जाएगा। इसका फायदा कई स्तर पर मिलेगा। आपदा के समय राहत और बचाव तेजी से होगा, किस घर में कितने लोग हैं, तुरंत पता चलेगा।विधानसभा और लोकसभा क्षेत्रों के परिसीमन में सटीक डेटा मिलेगा। शहरों में सड़क, स्कूल, अस्पताल और पार्क की बेहतर प्लानिग हो सकेगी। पलायन और शहरीकरण की सही तस्वीर सामने आएगी। मतदाता सूची में डुप्लीकेट नाम हटाने में मदद मिलेगी

जानकारी पूरी तरह गोपनीय रहेगी

सरकार ने स्पष्ट किया है कि जनगणना के दौरान जुटाई गई सभी जानकारी गोपनीय रखी जाएगी। इसका इस्तेमाल सिर्फ योजनाएं बनाने और नीतिगत फैसलों के लिए किया जाएगा।

निगरानी के लिए कंट्रोल रूम, घर-घर पहुंचेगी टीम

जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर कंट्रोल रूम बनाए जाएंगे। अधिकारी लगातार मॉनिटरिग करेंगे और शिकायत के लिए हेल्पलाइन भी उपलब्ध रहेगी। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि अधिकृत पहचान पत्र वाले कर्मचारियों को ही जानकारी दें और सही जानकारी साझा करें।

गलत जानकारी पर हो सकती है कार्रवाई

यदि कोई जानकारी देने से बचता है या गलत जानकारी देता है, तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।

डिजिटल होगी पूरी प्रक्रिया, मोबाइल ऐप से किया जाएगा सर्वे

जनगणना 2027 का पहला चरण पूरी तरह डिजिटल होगा। प्रगणक मोबाइल ऐप के जरिए डेटा वर्ज करेंगे और हर मकान की जियो-टैगिंग भी की जाएगी। इससे डेटा अधिक सटीक और पारदर्शी रहेगा। इसके साथ ही नागरिकों को सेल्फ-एन्यूमरेशन का विकल्प भी दिया जाएगा, जिसमें वे स्वयं अपने मोबाइल या कंप्यूटर के माध्यम से ऑनलाइन जानकारी भर सकेंगे।

प्रशासन ने की तैयारी

जिला प्रशासन ने इस महत्वपूर्ण कार्य के लिए पूरी तैयारी कर ली है। अधिकारियों का कहना है कि जनगणना को सफल बनाने के लिए सभी विभागों का समन्वय सुनिश्चित किया जा रहा है और कर्मचारियों को तकनीकी प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।

33 सवालों में जुटेगा हर घर का डेटा

पहले चरण में गणनाकार घर-घर जाकर 33 महत्वपूर्ण सवाल पूछेंगे। इनमें शामिल होंगे परिवार के मुखिया का नाम और लिंग

मकान का मालिकाना हक

घर की निर्माण सामग्री

पेयजल की उपलब्धता और स्रोत

बिजली कनेक्शन की संख्या

शौचालय और रसोई की सुविधा

एलपीजी कनेक्शन

इंटरनेट, टीवी, मोबाइल, रेडियो जैसी सुविधाएं

वाहन दो पहिया, चार पहिया आदि

घर में मौजूद अन्य उपकरण जैसे फ्रिज, कूलर, पंखे मतलब अब हर घर की सामाजिक-आर्थिक स्थिति का बारीकी से आकलन किया जाएगा

एडीएम बोले,जनगणना के लिए तैयारिया लगभग पूरी

एडीएम शिव बैनर्जी का कहना है कि जनगणना 2027 के प्रथम चरण की तैयारियां बिलासपुर जिले में शुरू कर दी गई हैं। इस चरण के लिए सभी चार्ज अधिकारियों और संबंधित कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया जा रहा है।ताकि सर्वे कार्य निर्धारित समय पर और व्यवस्थित तरीके से पूरा किया जा सके। 1 मई से हाउसलिस्टिंग और हाउसिंग जनगणना का कार्य शुरू होगा, जिसमें प्रगणक घर-घर जाकर निर्धारित्त प्रश्नों के आधार पर जानकारी एकत्र करेंगे। यह प्रक्रिया इस बार पूरी तरह डिजिटल होगी और मोबाइल एप के माध्यम से डेटा संग्रह किया जाएगा। नागरिकों से अपील है कि जनगणना एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य है, इसलिए सभी लोग सही और पूरी जानकारी देकर सहयोग करें। साथ ही, जिन लोगों के पास सुविधा है, वे स्व-गणना के माध्यम से भी अपनी जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं। सटीक आंकड़े ही योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन का आधार होते हैं, इसलिए जनगणना में पारदर्शिता और सहभागिता बेहद जरूरी है।

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