महिला ने शादी के चार साल बाद दिया एक साथ चार बच्चों को जन्म, तीन बेटियां और एक बेटा,समय पूर्व हुआ प्रसव
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले के नगरी में महिला ने एक साथ चार बच्चों को जन्म दिया है। इसमें तीन बेटियां और एक बेटा है। सभी की हालत खतरे से बाहर है।
i धमतरी। छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में महिला ने चार बच्चों को एक साथ जन्म दिया है। खास बात यह है कि महिला ने शादी के 4 साल बाद चार बच्चों को एक साथ जन्म दिया है। इनमें पहले तीन बेटियां उसके बाद एक बेटा हुआ है। तीनों बच्चों का प्रसव समय के पूर्व हुआ है। प्रसूता और बच्चों की स्थिति ठीक है,बस प्री मेच्योर डिलीवरी के चलते बच्चों का वजन कम हैं। मेडिकल भाषा में से लो बर्थ वेट बेबी कहा जाता है। बता दे इससे पहले भी छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में भी महिला ने पूर्व में दो लड़के और दो लड़कियों को जन्म दिया था।
धमतरी जिले के नगरी ब्लाक में एक निजी अस्पताल में महिला ने चार बच्चों को जन्म दिया है। दंपत्ति की शादी 4 साल पहले हुई थी। पर उनकी कोई संतान नहीं हो रही थी। वे बड़ी बेसब्री से संतान का इंतजार कर रहे थे। 4 वर्षों के लंबे इंतजार के बाद ऊपर वाले ने जब नेमत बरसाईं तो दंपत्ति की झोली में एक साथ चार संताने डाल दी। इनमें तीन बेटियां व एक बेटा है। इससे पूर्व छत्तीसगढ़ के सुकमा जिले में एक महिला ने चार बच्चों को जन्म दिया था। इनमें दो लड़के और दो लड़कियां थी।
मिली जानकारी के अनुसार महिला ने पहले 3 बेटियों को जन्म दिया। चौथे नंबर में बेटे का जन्म हुआ। समय पूर्व प्रसव के कारण चारों बच्चों का वजन कम है। डाक्टरी भाषा में इसे लो-बर्थ वेट बेबी कहा जाता है। डिलीवरी करवाने वाले निजी अस्पताल के लेप्रोस्कोपिक सर्जन डॉ रोशन उपाध्याय ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि जुड़वा को ट्विंस, तीन बच्चों के जन्म को ट्रिप्लेट्स और चार बच्चाें के जन्म को क्वाड्रूप्लेट्स कहा जाता है। नगरी की महिला ने क्वाड्रूप्लेट्स से चार बच्चों को जन्म दी है। 3 से 5 लाख डिलवरी में ऐसा एक बार होता है। अच्छी बात यह है कि चारों बच्चे और प्रसूता पांचों स्वस्थ हैं। हाई बीपी, हाई रिस्क प्रेग्नेंसी के कारण महिला नगरी से रेफर होकर धमतरी पहुंची थी। सोनोग्राफी के माध्यम से पहले से ही परिवार को चार बच्चों को जानकारी दी। ऑपरेशन से डिलवरी हुई है। पहला बच्चा 1.500 किग्रा, दूसरा 1.300 किग्रा, तीसरा बच्चा 1.100, चौथा 900 ग्राम का है।
डॉ रोशन उपाध्याय ने मीडिया को बताया कि ट्रिप्लेट्स, क्वाड्रूप्लेट्स की स्थिति चार प्रमुख कारणों से होती है। इनमें पहला एक से अधिक अंडाणु का निषेचित होना। दूसरा एक निषेचित अंडाणु का अंदर से कई भागों में बंट जाना। तीसरा परखनली शिशु के माध्यम से दो या तीन शिशुओं का जन्म, लेकिन कॉमन भी माना जाता है। चौथा लेट डिलवरी, लेट मैरिज से ऐसी स्थिति बनती है।
इस तरह के कुछ अन्य चर्चित मामले:–
सुकमा में एक महिला ने एक साथ दो लड़के और दो लड़कियों को जन्म दिया था।
इंडियाना में मारिया हर्नानडेस नामक 42 वर्षीया महिला ने एक साथ 11 बच्चों को जन्म देने का रिकॉर्ड बनाया है।
अफ्रीका के मोरक्को की महिला ने एक साथ सात लड़के और तीन लड़कियों कुल दस बच्चों को जन्म दिया है।