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जमीन बेचने का झांसा देकर 64 लाख रुपए ठगी के मामले में गोलीकांड में फरार चल रहे कांग्रेस नेता समेत तीन पर एफआईआर

बिलासपुर।मस्तूरी गोली कांड में फरार चल रहे कांग्रेस नेता नागेंद्र राय और उसके साथी टारकेश्वर पाटले समेत तीन व्यक्तियों पर जमीन बिक्री के नाम से 64 लाख रुपए धोखाधड़ी करने का अपराध दर्ज हुआ है।

दरअसल गोलीकांड में फरार चल रहे फरार कांग्रेस नेता,उसके साथी तथा एक और अन्य के ऊपर पुलिस ने जमीन बेचने के नाम से 64 लाख रुपए की धोखाधड़ी के मामले में एफआईआर दर्ज किया गया है। मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है।

मामले में मिली जानकारी के अनुसार गलत जानकारी देकर जमीन बेचने का सौदा किया और 64 लाख रुपए ले लिए। इसके बाद रजिस्ट्री करवाने के लिए बरगलाने लगे। बाद में पता चला कि उक्त जमीन का पहले से लेनदेन हो चुका है। कांग्रेस नेता नागेंद्र राय और गोलीकांड में उसके साथ फरार चल रहे टाकेश्वर पाटले समेत तीन आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी के तहत अपराध दर्ज कर पुलिस विवेचना में जुटी है।

सिविल लाइन पुलिस ने बताया कि सदरबाजार गोडपारा निवासी पंकज भोजवानी पिता मोहन भोजवानी (42) पीएम कंट्रक्शन का भागीदार और जमीन क्रय कर उस पर मकान निर्माण का कार्य करते है। साल 2023 को टाकेश्वर पाटले के माध्यम से नागेन्द्र राय जो एक राजनैतिक व्यक्ति है,से संपर्क हुआ। दोनों व्यक्तियों ने पंकज को बताया कि श्रीकांत वर्मा मार्ग में एक जमीन है, जिसे जमीन मालिक और हम मिलकर बेचना चाहते है। इसी सौदे के लिए नागेन्द्र व टाकेश्वर ने अपने साथ पंकज को हनजिन्दर कौर और उसके पति ज्ञान सिंह के घर हाईकोर्ट के पास नयापारा बोदरी लेकर गए। ज्ञानसिंह ने बताया कि उसकी पत्नि हरजिन्दर कौर के नाम पर ग्राम जुना बिलासपुर में स्थित खसरा न 723/2 क्षेत्रफल 0.0530 हेक्टेयर पर दर्ज है, जिसका सीमाकंन कराना शेष है। नागेन्द्र राय व टाकेश्वर पाटले की मध्यस्ता में उक्त जमीन का सौदा हरजिन्दर कौर के पति ज्ञान सिंह से तीन करोड़ रुपए में तय हुआ था। इसके बाद पंकज ने हरजिन्दर कौर के खाते में 23 फरवरी 2023 को 50 लाख रुपए जमा किया। कमिशन के तौर पर नागेन्द्र राय के खाते में 10 लाख रुपए जमा किया। 60 लाख रुपए भुगतान करने के बाद नागेन्द्र व टाकेश्वर को शेष पैसा लेकर रजिस्ट्री कराने के लिए कहा गया। जिस पर उन्होने सीमाकंन होने में समय लगने की बात कही। पंकज ने बार-बार दोनों व्यक्ति से संपर्क कर रजिस्ट्री करवाने के लिए कहा, लेकिन हर बार नागेन्द्र, टाकेश्वर व ज्ञानसिंह घुमाते रहे। इसी बीच पंकज को पता चला कि उक्त जमीन के संबंध में हरजिन्दर कौर व अनिल तिवारी व अरविंद तिवारी के बीच में सालो से न्यायालिन विवाद चल रहा है। ज्ञानसिंह गिल के द्वारा अविनाश पेशवानी नामक व्यक्ति से इसी जमीन के एवज में 50 लाख रुपए लेकर 9 अक्टुबर 2024 को 30 प्रतिशत भागीदारी देने का अनुबंध तैयार किया गया है। इसी अनुबंध में अविनाश पेशवानी को 1 करोड़ रुपए देने का अनुबंध में लेख है। लेकिन इस जरूरी बात को छुपा कर नागेंद्र, पंकज व ज्ञान सिंह ने पीड़ित पंकज से पैसा लेकर धोखाधड़ी किया है।

समझौता के लिए चार लाख रुपए लिए

आरोपी नागेन्द्र राय व टाकेश्वर पाटले ने जमीन का सीमाकंन कराने व अनिल तिवारी को समझाने का झांसा देकर पीडि़त से अतिरिक्त चार लाख रुपए वसूले हैं। जिस संबंध में जमीन रजिस्ट्री कराने या फिर पैसा वापस करने के लिए आरोपियों को कहा गया, मगर न रजिस्ट्री कराई और ना ही पैसा वापस किया। बार-बार पैसा मांगने पर आरोपी नागेन्द्र राय ने पीड़ित को हरिजन एक्ट के गंभीर धाराओं में फंसाने की धमकी दी है।

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