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जर्जर सड़क पर ग्रामीणों का गुस्सा, सीपत में चक्का जाम….सड़क मरम्मत की मांग को लेकर उग्र प्रदर्शन दावों के बीच जमीनी हकीकत, ग्रामीणों का आंदोलन….

स्कूली बच्चों और मरीजों की मुश्किलें बढ़ीं

मरम्मत नहीं तो फिर होगा चक्का जाम….

बिलासपुर ।प्रदेश में सड़कों के निर्माण और मरम्मत को लेकर बड़े-बड़े दावे किए जा रहे हैं। लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही तस्वीर दिखा रही है।
जल जंगल जमीन और अब सड़क की लड़ाई लड़ने वाले सीपत क्षेत्र के खम्हरिया के  ग्रामीण जमीन पर बैठकर कुछ और नहीं सिर्फ जर्जर सड़क को बनाने की मांग करने लगे।इसके लिए दो घंटे जमीन पर बैठ गए और इससे दोनों तरफ भारी वाहनों की लंबी लाइन लग गई।

दरअसल बिलासपुर जिले के सीपत थाना क्षेत्र में ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा और उन्होंने मुख्य मार्ग पर चक्का जाम कर दिया। ग्रामीणों का कहना है कि खमरिया से कोरबा को जोड़ने वाला करीब 12 किलोमीटर लंबा मार्ग पूरी तरह जर्जर हो चुका है। सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढे हैं, जिससे रोजाना आने-जाने में भारी परेशानी हो रही है। स्कूल जाने वाले बच्चे, मरीज और किसान सबसे ज्यादा प्रभावित हैं। ग्रामीणों ने बताया कि वे लंबे समय से अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों को पत्र लिखकर सड़क मरम्मत की मांग कर रहे थे, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई।आखिरकार नाराज ग्रामीणों ने बिना पूर्व सूचना के सड़क पर चक्का जाम कर विरोध जताया। सूचना मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे और मार्च-अप्रैल तक सड़क मरम्मत का आश्वासन दिया। ग्रामीणों ने साफ कहा है कि अगर तय समय में काम शुरू नहीं हुआ तो वे फिर से आंदोलन करेंगे।

*दो घंटे तक हुआ चक्काजाम*

नाराज ग्रामीणों ने सीधे और साफ कहा कि सड़क की वजह से हर दिन हादसे हो रहे है और कोई न कोई दुर्घटना का शिकार हो रहा है।इसके बाद भी जिला प्रशासन सड़क को बनाने में जरा भी ध्यान नहीं दे रहा है।इसलिए आक्रोशित होकर करीब दो घंटे तक चक्काजाम करने आक्रोश निकाका गया और सड़क बनाने की मांग की गई।

*10 मिनट के सफर में लगता है एक घंटा*

चक्काजाम करने वाले नाराज ग्रामीणों के यह भी बताया कि 10 मिनट के सफर के एक घंटा लगता है।सड़क इतनी ज्यादा जर्जर है कि समझ नही आता है कि सड़क कहां पर गड्ढे कहा पर है।जिसके कारण कई बार खुद गिर जाते है।जबकि सबसे ज्यादा काम बिलासपुर मस्तूरी का पड़ता है।और इससे भी बड़ी बात ये है कि यही सड़क मार्ग कोरबा को जोड़ता है।उसके बाद भी प्रशासन आंख बंद करके बैठा हुआ है।

*मौके पर पहुंचे तहसीलदार और पुलिस*

चक्काजाम की सूचना पाकर मौके पर पहुंचे तहसीलदार और पुलिस विभाग ने सड़क बनवाने की बात कही लेकिन नाराज ग्रामीणों ने एक नहीं सुनी बल्कि सीधे और साफ कहा कि सड़क नहीं बना तो फिर से आंदोलन करना पड़ेगा।इसी बीच आश्वासन दिया गया कि मार्च तक का सड़क बनाया जाएगा।तब कही जाकर ग्रामीणों ने चक्काजाम खत्म किया।

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